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ग्रेटर नोएडा कचहरी विवाद: अधिवक्ता विवाद में दो फाड़, कहीं काम तो कहीं बहिष्कार और धरना

माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा Published by: Rahul Kumar Tiwari Updated Tue, 17 Mar 2026 05:03 PM IST
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सार

ग्रेटर नोएडा में अधिवक्ता से मारपीट के मामले पर कचहरी में वकील दो गुटों में बंट गए। बार पदाधिकारियों ने जिला जज के आश्वासन पर काम जारी रखा, जबकि दूसरे गुट ने विरोध करते हुए न्यायिक कार्य से दूरी बनाकर धरना दिया।

one group advocates remained at work while some staged strike In Greater Noida court dispute
अधिवक्ता विवाद में दो फाड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

ग्रेटर नोएडा में अधिवक्ता के साथ मारपीट के मामले ने मंगलवार को कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं को दो गुटों में बांट दिया है। एक ओर जहां बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिला जज के आश्वासन पर न्यायिक कार्य जारी रखने की बात कही है। वहीं दूसरे गुट ने विरोध जताते हुए कामकाज से दूरी बनाई और धरना-प्रदर्शन किया।

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जिला दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी बोड़ाकी और महासचिव शोभाराम चंदीला ने बताया कि पीड़ित अधिवक्ता से जिला जज द्वारा तहरीर ले ली गई है और मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। इसी आश्वासन के आधार पर अधिवक्ताओं ने मंगलवार को सामान्य रूप से न्यायिक कार्य किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बार एसोसिएशन की ओर से किसी भी प्रकार की हड़ताल का आह्वान नहीं किया गया था और न ही अधिवक्ताओं को कार्य से विरत रहने के लिए कहा गया। 
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पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग बार की गरिमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों को सजा दिलाने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं, लेकिन किसी भी तरह के षड्यंत्र को सफल नहीं होने दिया जाएगा।

वहीं, अधिवक्ताओं के दूसरे गुट ने इस रुख से असहमति जताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। नीरज भाटी और श्याम सिंह भाटी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने पीड़ित अधिवक्ता फरीद अहमद के समर्थन में एकजुटता दिखाई। उन्होंने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। 

आक्रोशित अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से दूरी बनाकर न्यायालय परिसर में धरना दिया और पुलिस के प्रवेश पर भी रोक लगा दी। इस दौरान अधिवक्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में अधिवक्ता धरना स्थल पर डटे रहे।

प्रदर्शन के दौरान बार एसोसिएशन के वर्तमान अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ भी अधिवक्ताओं में नाराजगी खुलकर सामने आई। कई अधिवक्ताओं ने उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए दोनों पदाधिकारियों के बहिष्कार की घोषणा कर दी। आगे की रणनीति को मजबूत करने के लिए विरोध कर रहे अधिवक्ताओं ने 'अधिवक्ता सम्मान बचाओ संघर्ष समिति, गौतमबुद्ध नगर' का गठन किया। समिति के अध्यक्ष के रूप में अनिल भाटी एडवोकेट और सचिव के रूप में फरीद अहमद एडवोकेट को जिम्मेदारी सौंपी गई है।अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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