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गुरु मंत्र : हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी
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मंजू लता ।
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गुरु मंत्र : हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी
मेरी कोशिश हमेशा रहती है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यालय में अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। इसी सोच का परिणाम है कि आज हमारे विद्यालय में 500 से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं और उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। विद्यालय में सीएसआर के सहयोग से अतिरिक्त कक्षों का निर्माण कराया गया है। साथ ही स्टेम लैब, समृद्ध पुस्तकालय, स्मार्ट बोर्ड और विद्यार्थियों के लिए बेहतर बैठने की व्यवस्था विकसित की गई है। इन आधुनिक सुविधाओं से बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ी है और उनकी पढ़ाई अधिक रोचक व प्रभावी बनी है। निरंतर प्रयासों और शिक्षकों की मेहनत का सकारात्मक परिणाम यह है कि विद्यालय के विद्यार्थी विभिन्न शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक प्रतियोगिताओं में राज्य स्तर तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक दिलाना नहीं, बल्कि बच्चों को आत्मविश्वासी, जिज्ञासु और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। यही प्रयास आज विद्यालय को जिले के अग्रणी विद्यालयों में पहचान दिला रहा है।
- मंजू लता सिंह, प्रधानाध्यापिका, कंपोजिट विद्यालय पर्थला
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मेरी कोशिश हमेशा रहती है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यालय में अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। इसी सोच का परिणाम है कि आज हमारे विद्यालय में 500 से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं और उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। विद्यालय में सीएसआर के सहयोग से अतिरिक्त कक्षों का निर्माण कराया गया है। साथ ही स्टेम लैब, समृद्ध पुस्तकालय, स्मार्ट बोर्ड और विद्यार्थियों के लिए बेहतर बैठने की व्यवस्था विकसित की गई है। इन आधुनिक सुविधाओं से बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ी है और उनकी पढ़ाई अधिक रोचक व प्रभावी बनी है। निरंतर प्रयासों और शिक्षकों की मेहनत का सकारात्मक परिणाम यह है कि विद्यालय के विद्यार्थी विभिन्न शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक प्रतियोगिताओं में राज्य स्तर तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक दिलाना नहीं, बल्कि बच्चों को आत्मविश्वासी, जिज्ञासु और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। यही प्रयास आज विद्यालय को जिले के अग्रणी विद्यालयों में पहचान दिला रहा है।
- मंजू लता सिंह, प्रधानाध्यापिका, कंपोजिट विद्यालय पर्थला