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Noida News: तनाव का इलाज कराने आ रहे युवाओं में मिल रहा हाइपरटेंशन
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-अनियमित दिनचर्या युवाओं के लिए बन रही हाइपरटेंशन का कारण
-जिला अस्पताल में रोजाना 10 से 12 हाई ब्लडप्रेशर वाले युवा इलाज करवाने आ रहे
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। बदलते समय के साथ युवाओं की रफ्तार भी तेज हो गई है, लेकिन इस रफ्तार की कीमत अब सेहत चुका रही है। कभी नाइट शिफ्ट, कभी जंक फूड और ऊपर से काम का बढ़ता दबाव। नतीजा यह कि 20 से 30 साल की उम्र में ही युवा हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर की गिरफ्त में आने लगे हैं। हैरानी की बात यह है कि जो युवा टेंशन का इलाज कराने डॉक्टर के पास पहुंचते हैं, उनमें भी ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ मिल रहा है। ऐसे में सिर्फ दवाइयों से काम नहीं चलता, बल्कि डॉक्टर की सलाह के साथ-साथ जीवनशैली और दिनचर्या में बदलाव भी बेहद जरूरी हो गया है
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. प्रदीप कुमार शैलत ने बताया कि अस्पताल में रोजाना 10 से 12 ऐसे युवा आते हैं जिनका ब्लडप्रेशर ज्यादा रहता है। ऐसे में फैमिली हिस्ट्री जरूर पता की जाती है। यदि फैमिली हिस्ट्री नहीं होती है तो अन्य कारण सामने आते हैं। इसमें डिप्रेशन, एंजायटी और अनियमित दिनचर्या बड़ी वजह होती है। यदि फैमिली हिस्ट्री होती है तो शुरुआती तौर पर दवा दे दी जाती है लेकिन उन्हें सचेत कर दिया जाता है कि आने वाले दिन में ब्लडप्रेशर की समस्या हो सकती है। ओपीडी में रोजाना 200 मरीजों में 10 से 12 ऐसे केस सामने आ रहे हैं।
20 से 30 की उम्र में कॉमन समस्या बन गई :
यथार्थ हॉस्पिटल के फिजीशियन डॉ. आलोक कुमार सिंह ने बताया कि 20 और 30 के बीच की उम्र में यह बहुत ही कॉमन समस्या है। युवाओं की लाइफ स्टाइल बिल्कुल बदल गई है। अधिकतर युवा ऐसी जॉब करते हैं जहां पर उनको नाइट शिफ्ट करनी होती है। इस वजह से नींद पूरी न होना हाइपरटेंशन की बड़ी वजह बन रही है। नाइट लाइफ और गलत फूड हैबिट से फैटी लीवर और कोलेस्ट्रॉल की समस्या बहुत हो रही है। ब्लडप्रेशर बढ़ने के साथ ही शुगर की समस्या भी बढ़ रही है।
130 रीडिंग आने पर हो जाएं सतर्क : डॉ. आलोक ने बताया कि यदि ब्लड प्रेशर नापते समय तीन रीडिंग 130 से अधिक आने लगे तो आप हाइपरटेंशन का शिकार बहुत जल्द हो सकते हैं। ऐसे मरीजों में किडनी फंक्शन टेस्ट, कोलेस्ट्रॉल और लिवर की जांच जरूर करवाते हैं। इसके अलावा एंड्रोक्राइन सिस्टम की भी कई समस्याएं होती हैं इस वजह से भी ब्लड प्रेशर में भी उतार चढ़ाव दिखाई देता है। यदि युवाओं में हाइपरटेंशन की समस्या दिख रही है तो सचेत होकर डॉक्टर को दिखाएं क्योंकि बुजुर्गों में और युवाओं में हाइपरटेंशन के कारण अलग-अलग होते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
ब्लड प्रेशर बढ़ने पर डॉक्टर को दिखाएं।
बाहरी खानपान और फास्ट फूड से बचें।
रात में 8 घंटे की नींद पूरी लें।
मोटापे से बचने के लिए फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाएं।
लगातार एक ही मुद्रा में कई घंटे तक बैठकर काम न करें।
पौष्टिक आहार का सेवन करें।
अल्कोहल का सेवन न करें।
लक्षण
-चक्कर आना
-सिर दर्द रहना
-सांस की समस्या
-अधिक थकान और कमजोर
-घबराहट होना
-बेचैनी होना
कितना होना चाहिए ब्लड प्रेशर
डॉ. प्रदीप ने बताया कि 120 से 80 रीडिंग को डॉक्टर नॉर्मल ब्लडप्रेशर मानते हैं, लेकिन युवाओं में यह रीडिंग 140 से 90 और कभी 160 से 110 तक पहुंच रही है।
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-जिला अस्पताल में रोजाना 10 से 12 हाई ब्लडप्रेशर वाले युवा इलाज करवाने आ रहे
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। बदलते समय के साथ युवाओं की रफ्तार भी तेज हो गई है, लेकिन इस रफ्तार की कीमत अब सेहत चुका रही है। कभी नाइट शिफ्ट, कभी जंक फूड और ऊपर से काम का बढ़ता दबाव। नतीजा यह कि 20 से 30 साल की उम्र में ही युवा हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर की गिरफ्त में आने लगे हैं। हैरानी की बात यह है कि जो युवा टेंशन का इलाज कराने डॉक्टर के पास पहुंचते हैं, उनमें भी ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ मिल रहा है। ऐसे में सिर्फ दवाइयों से काम नहीं चलता, बल्कि डॉक्टर की सलाह के साथ-साथ जीवनशैली और दिनचर्या में बदलाव भी बेहद जरूरी हो गया है
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. प्रदीप कुमार शैलत ने बताया कि अस्पताल में रोजाना 10 से 12 ऐसे युवा आते हैं जिनका ब्लडप्रेशर ज्यादा रहता है। ऐसे में फैमिली हिस्ट्री जरूर पता की जाती है। यदि फैमिली हिस्ट्री नहीं होती है तो अन्य कारण सामने आते हैं। इसमें डिप्रेशन, एंजायटी और अनियमित दिनचर्या बड़ी वजह होती है। यदि फैमिली हिस्ट्री होती है तो शुरुआती तौर पर दवा दे दी जाती है लेकिन उन्हें सचेत कर दिया जाता है कि आने वाले दिन में ब्लडप्रेशर की समस्या हो सकती है। ओपीडी में रोजाना 200 मरीजों में 10 से 12 ऐसे केस सामने आ रहे हैं।
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20 से 30 की उम्र में कॉमन समस्या बन गई :
यथार्थ हॉस्पिटल के फिजीशियन डॉ. आलोक कुमार सिंह ने बताया कि 20 और 30 के बीच की उम्र में यह बहुत ही कॉमन समस्या है। युवाओं की लाइफ स्टाइल बिल्कुल बदल गई है। अधिकतर युवा ऐसी जॉब करते हैं जहां पर उनको नाइट शिफ्ट करनी होती है। इस वजह से नींद पूरी न होना हाइपरटेंशन की बड़ी वजह बन रही है। नाइट लाइफ और गलत फूड हैबिट से फैटी लीवर और कोलेस्ट्रॉल की समस्या बहुत हो रही है। ब्लडप्रेशर बढ़ने के साथ ही शुगर की समस्या भी बढ़ रही है।
130 रीडिंग आने पर हो जाएं सतर्क : डॉ. आलोक ने बताया कि यदि ब्लड प्रेशर नापते समय तीन रीडिंग 130 से अधिक आने लगे तो आप हाइपरटेंशन का शिकार बहुत जल्द हो सकते हैं। ऐसे मरीजों में किडनी फंक्शन टेस्ट, कोलेस्ट्रॉल और लिवर की जांच जरूर करवाते हैं। इसके अलावा एंड्रोक्राइन सिस्टम की भी कई समस्याएं होती हैं इस वजह से भी ब्लड प्रेशर में भी उतार चढ़ाव दिखाई देता है। यदि युवाओं में हाइपरटेंशन की समस्या दिख रही है तो सचेत होकर डॉक्टर को दिखाएं क्योंकि बुजुर्गों में और युवाओं में हाइपरटेंशन के कारण अलग-अलग होते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
ब्लड प्रेशर बढ़ने पर डॉक्टर को दिखाएं।
बाहरी खानपान और फास्ट फूड से बचें।
रात में 8 घंटे की नींद पूरी लें।
मोटापे से बचने के लिए फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाएं।
लगातार एक ही मुद्रा में कई घंटे तक बैठकर काम न करें।
पौष्टिक आहार का सेवन करें।
अल्कोहल का सेवन न करें।
लक्षण
-चक्कर आना
-सिर दर्द रहना
-सांस की समस्या
-अधिक थकान और कमजोर
-घबराहट होना
-बेचैनी होना
कितना होना चाहिए ब्लड प्रेशर
डॉ. प्रदीप ने बताया कि 120 से 80 रीडिंग को डॉक्टर नॉर्मल ब्लडप्रेशर मानते हैं, लेकिन युवाओं में यह रीडिंग 140 से 90 और कभी 160 से 110 तक पहुंच रही है।