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Noida News: कॉस्मेटोलॉजी में प्रशिक्षण के बाद संवरी जिंदगी
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अंजली
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संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। कभी आर्थिक तंगी तो कभी सीमित अवसरों के कारण घर तक सीमित रहने वाली महिलाएं अब सेक्टर-31 स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) से प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। किसी को प्रतिष्ठित कंपनी में रोजगार मिला है तो किसी ने खुद का व्यवसाय शुरू कर दिया है। वह बताती हैं कि फैशन डिजाइनिंग और कॉस्मेटोलॉजी में प्रशिक्षण से न केवल उन्हें रोजगार मिला बल्कि आत्मविश्वास और सम्मान भी बढ़ा है। अब वह परिवार को आर्थिक रूप से सहयोग दे रही हैं।
मैं पहले से ही इस फील्ड में काम करना चाहती थी लेकिन घरवाले कहते थे कि पढ़ाई करूं। आईटीआई से प्रशिक्षण लेने के बाद कैंपस प्लेसमेंट के जरिये एक निजी कंपनी में नौकरी हासिल की। शुरुआती दिनों में तकनीकी कार्यों को लेकर घबराहट थी लेकिन प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारी ने काम आसान कर दिया। -अंजली, दादरी
मेरे घर के पास जो महिलाएं फैशन डिजाइनिंग से जुड़ी हैं वह ज्यादातर गली में छोटी दुकानों से इसकी शुरूआत करती हैं। मुझे इसमें बेहतर काम करने के लिए पढ़ाई के साथ प्रेक्टिकल काम करना था यहां मेरे जैसी कई महिलाएं हैं जिन्होंने काम करना शुरू कर दिया है। मैंने तो अपना काम शुरू किया है।- वंदना, सेक्टर-12
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आजकल महिलाएं अलग-अलग जगह से मेकअप करना सीख लेती हैं लेकिन कुछ खास फायदा नहीं होता है। सर्टिफिकेट हाथ में आने के बाद कहीं भी आसानी से नौकरी लग जाती है। मैं इस समय सेक्टर-18 में काम कर रही हूं। आसानी से किसी कंपनी में काम करने से ज्यादा पैसा कमा लेती हूं।- काजल, सेक्टर-37
वर्जन
संस्थान में हर वर्ष बड़ी संख्या में छात्राओं का प्रवेश हो रहा है। विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण के साथ उद्योगों की जरूरत के अनुसार कौशल विकसित किया जाता है, जिससे छात्राओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। सरकार की कौशल विकास योजनाओं का उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है और इसके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। -एके पांडे, प्रधानाचार्य, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान
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नोएडा। कभी आर्थिक तंगी तो कभी सीमित अवसरों के कारण घर तक सीमित रहने वाली महिलाएं अब सेक्टर-31 स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) से प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। किसी को प्रतिष्ठित कंपनी में रोजगार मिला है तो किसी ने खुद का व्यवसाय शुरू कर दिया है। वह बताती हैं कि फैशन डिजाइनिंग और कॉस्मेटोलॉजी में प्रशिक्षण से न केवल उन्हें रोजगार मिला बल्कि आत्मविश्वास और सम्मान भी बढ़ा है। अब वह परिवार को आर्थिक रूप से सहयोग दे रही हैं।
मैं पहले से ही इस फील्ड में काम करना चाहती थी लेकिन घरवाले कहते थे कि पढ़ाई करूं। आईटीआई से प्रशिक्षण लेने के बाद कैंपस प्लेसमेंट के जरिये एक निजी कंपनी में नौकरी हासिल की। शुरुआती दिनों में तकनीकी कार्यों को लेकर घबराहट थी लेकिन प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारी ने काम आसान कर दिया। -अंजली, दादरी
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मेरे घर के पास जो महिलाएं फैशन डिजाइनिंग से जुड़ी हैं वह ज्यादातर गली में छोटी दुकानों से इसकी शुरूआत करती हैं। मुझे इसमें बेहतर काम करने के लिए पढ़ाई के साथ प्रेक्टिकल काम करना था यहां मेरे जैसी कई महिलाएं हैं जिन्होंने काम करना शुरू कर दिया है। मैंने तो अपना काम शुरू किया है।- वंदना, सेक्टर-12
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आजकल महिलाएं अलग-अलग जगह से मेकअप करना सीख लेती हैं लेकिन कुछ खास फायदा नहीं होता है। सर्टिफिकेट हाथ में आने के बाद कहीं भी आसानी से नौकरी लग जाती है। मैं इस समय सेक्टर-18 में काम कर रही हूं। आसानी से किसी कंपनी में काम करने से ज्यादा पैसा कमा लेती हूं।- काजल, सेक्टर-37
वर्जन
संस्थान में हर वर्ष बड़ी संख्या में छात्राओं का प्रवेश हो रहा है। विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण के साथ उद्योगों की जरूरत के अनुसार कौशल विकसित किया जाता है, जिससे छात्राओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। सरकार की कौशल विकास योजनाओं का उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है और इसके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। -एके पांडे, प्रधानाचार्य, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान

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