UP: अस्पताल के बाथरूम में 14 साल की दुष्कर्म पीड़िता का गर्भपात, फिर जो हुआ उसने खड़े किए सुरक्षा पर सवाल
पांच माह की गर्भवती किशोरी को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के आदेश के बाद शनिवार को पुलिस नोएडा जिला अस्पताल लेकर पहुंची थी। पुलिस के मुताबिक कोतवाली सेक्टर-49 क्षेत्र के गांव निवासी किशोरी के पड़ोसी पर दुष्कर्म करने का आरोप है।
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नोएडा जिला अस्पताल में शनिवार को दुष्कर्म पड़िता किशोरी (14) का गर्भपात हो गया। बाथरूम में गर्भपात के बाद परिजनों ने भ्रूण को कूड़े में फेंक दिया। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस ने भ्रूण उठाकर अस्पताल के चिकित्सकों को सौंप दिया। डॉक्टरों ने उसे डीएनए जांच के लिए लैब भेज दिया।
पांच माह की गर्भवती किशोरी को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के आदेश के बाद शनिवार को पुलिस जिला अस्पताल लेकर पहुंची थी। पुलिस के मुताबिक कोतवाली सेक्टर-49 क्षेत्र के गांव निवासी किशोरी के पड़ोसी देशराज (25) पर दुष्कर्म करने का आरोप है। परिजनों को घटना की जानकारी होने के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की थी।
पुलिस ने इसी एक अगस्त को आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। जांच के दौरान पुलिस ने किशोरी का चिकित्सकीय परीक्षण कराया। मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद उसके करीब पांच माह की गर्भवती होने की जानकारी हुई। इसके बाद पुलिस ने मुकदमे में अन्य धाराएं जोड़ीं थी।
मेडिकल रिपोर्ट और मामले से जुड़े अन्य दस्तावेज कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए गए। मामले में सीडब्ल्यूसी ने किशोरी के गर्भपात के आदेश जारी किए। इसके बाद पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल में डॉक्टरों ने चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत किशोरी को दवा दी और कुछ समय आराम करने के साथ निगरानी में रहने को कहा। कुछ देर बाद किशोरी बाथरूम गई थी। पुलिस के मुताबिक परिजनों ने भ्रूण को अस्पताल के बाहर कूड़े में छोड़ दिया था। घटना के बाद अस्पताल में काफी देर तक मामला चर्चा में रहा।
भ्रूण को अस्पताल के बाहर छोड़ने की जांच शुरू
सीएमएस अशोक कुमार झा ने बताया कि किशोरी को डॉक्टरों ने दवा देने के बाद कुछ समय आराम और निगरानी में रहने को कहा था। इसी दौरान वह बाथरूम गई जहां अचानक गर्भपात हो गया। भ्रूण की डीएनए रिपोर्ट मिलने के बाद उसे कोर्ट को भेजा जाएगा। भ्रूण को अस्पताल से बाहर ले जाकर छोड़ने की भी जांच कराई जा रही है।
कोर्ट के आदेश के बाद जिला अस्पताल लाए थे
वहीं एसीपी राकेश प्रताप सिंह ने बताया कि किशोरी के साथ दुष्कर्म के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। मेडिकल जांच में किशोरी के गर्भवती होने की जानकारी सामने आने के बाद मामले में संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई थीं। कोर्ट और सीडब्ल्यूसी के आदेश के बाद शनिवार को किशोरी को जिला अस्पताल ले जाया गया था।
31 जुलाई को पुलिस से हुई थी शिकायत
किशोरी के परिजनों ने 31 जुलाई की रात को कोतवाली सेक्टर-49 पुलिस से इस मामले की शिकायत की थी। एक अगस्त को पुलिस ने आरोपी देशराज को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने किशोरी को बरामद करने के साथ आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मेडिकल जांच में किशोरी के पांच माह की गर्भवती होने की पुष्टि हुई। इसके बाद किशोरी को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर दिया। बाल कल्याण समिति के आदेश पर किशोरी को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया। 5 अगस्त को किशोरी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
परिजन भ्रूण लेकर बाहर चले गए सुरक्षाकर्मी को भनक नहीं लगी
नोएडा सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कोर्ट और सीडब्ल्यूसी के आदेश पर लाई गई किशोरी का पांच महीने का भ्रूण परिजनों द्वारा अस्पताल परिसर के कूड़ेदान में फेंक दिया गया। अस्पताल के किसी भी सुरक्षाकर्मी या मेडिकल स्टाफ को भनक नहीं लग सकी।
जिला अस्पताल के लेबर रूम के डॉक्टरों के मुताबिक किशोरी पांच माह की गर्भवती थी। पांच माह की किशोरी का प्रसव कराना आसान नहीं था। किशोरी को भर्ती करने के बाद प्रसव पीड़ा होने की दवाएं दी जा रही थीं। दवाओं का असर होने पर जब प्रसवपीड़ा बढ़ने लगी तभी दर्द तड़पती किशोरी की तबीयत भी बिगड़ने लगी और वह परिजनों को बताकर बाथरूम में चली गई। इस दौरान वहीं पर प्रसव हो गया। प्रसव के बाद किशोरी ने भ्रूण को एक पॉलीथिन में रखकर परिजनों को दे दिया और परिजनों ने भ्रूण को बाहर ले जाकर कूड़े में फेंक दिया।