NEET परीक्षा में नो एंट्री: कंगन-अंगूठी सब बैन, जाने से पहले गाइडलाइन पढ़ें; ग्रेनो के 25 केंद्रों पर सख्ती
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने नीट यूजी परीक्षा के लिए सख्त ड्रेस कोड नियम जारी किए हैं। जनपद के 25 केंद्रों पर करीब आठ हजार छात्र यह महत्वपूर्ण परीक्षा देंगे। यह परीक्षा दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक आयोजित की जाएगी। नीट की परीक्षा 3 मई 2026 को होगी।
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अगर आप भी जनपद के 25 केंद्रों पर परीक्षा देने जा रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले अपने कपड़ों और एक्सेसरीज की जांच जरूर कर लें, वरना सेंटर पर एंट्री मिलना मुश्किल हो सकता है।
एनटीए की ओर से गाइडलाइंस जारी
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की तरफ से नीट यूजी एग्जाम के लिए एग्जाम सेंटर गाइडलाइंस जारी की गई है। परीक्षा को सकुशल कराने के लिए 25 स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती भी की गई है। इसके साथ ही रिर्जव स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी लगाए गए हैं। यह परीक्षा चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए महत्वपूर्ण है। परीक्षा दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक आयोजित की जाएगी।
हर सेंटर पर होगी पुलिस
हर केंद्र पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। परीक्षा से तीन घंटे पहले ही शिक्षकों को पहुंचना होगा। उनकी भी जांच करके अंदर भेजा जाएगा। परीक्षा में किसी भी प्रकार की गडबड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा केंद्र पर इन चीजों पर रोक
जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि अभ्यर्थियों को पीने के पानी की पारदर्शी बोतल लाने की अनुमति है। पैरों में कम हील की फुटवेयर या स्लिपर पहनकर पहुंचना होगा। यदि कोई अभ्यर्थी धार्मिक यंत्र या कलावा पहनता है, तो उसे चेकिंग के लिए समय से पहले पहुंचना होगा। विद्यार्थियों को हल्के कपड़े पहनकर आने की सलाह दी गई है। पूरी बांह के कपड़े पहनने वाले विद्यार्थियों को भी समय से पहले रिपोर्ट करना होगा। इसके साथ ही ड्रेस कोड के मुताबिक एग्जाम सेंटर पर किसी भी तरह की ज्वेलरी पहनकर जाना मना है।
इसमें झुमका, कंगन, चेन, अंगूठी जैसी चीजें शामिल हैं। तो सेंटर के बाहर ही इन्हें उतारना होगा। छात्र पूरी बाजू के कपड़े पहनकर परीक्षा नहीं दे सकते। सिर्फ हाफ स्लीव यानी आधी बाजू वाली टी-शर्ट या शर्ट ही पहनने की अनुमति है। कपड़ों पर बहुत बड़े बटन, कढ़ाई या बड़ी पॉकेट नहीं होनी चाहिए। किसी भी तरह की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, घड़ी या मेटल आइटम साथ न ले जाएं. बाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, ईयरफोन, कैलकुलेटर या स्मार्ट गैजेट्स शामिल हैं।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रवीन शर्मा ने आरोप लगाया है कि केंद्रों पर डूयटी लगाते समय पक्षपात किया गया है। हर परीक्षा में प्राथमिक शिक्षकों की डूयटी लगा दी जाती है। जब इस परीक्षा में मानदेय अधिक मिलना है तो उन्हें डूयटी से दूर कर माध्यमिक शिक्षकों को लगाया गया है। वहीं डीआईओएस ने आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि जरुरत के हिसाब से ही तैनाती की गई है।
