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Noida News: फर्जी जीपीए से प्लॉट हड़पकर बनाई गई संपत्ति कुर्क
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अल्फा-1 निवासी वीरेन्द्र ने की थी शिकायत
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। फर्जी दस्तावेज के जरिए प्लॉट हड़पने और अवैध कमाई से संपत्ति खड़ी करने के मामले में न्यायालय के आदेश पर गामा-1 स्थित निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत को कुर्क किया गया है। अल्फा-1 निवासी वीरेन्द्र का आरोप है कि मृतक सुकेश जौहरी के नाम पर फर्जी जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) तैयार कर सेक्टर-ओमिक्रॉन स्थित एक प्लॉट को बादलपुर निवासी राजेन्द्र सिंह और उसकी पत्नी पूनम ने अपने कब्जे में ले लिया था। बाद में इस प्लॉट को बेचकर प्राप्त धन से गामा-1 में मकान खरीदा गया और अन्य अवैध गतिविधियों से अर्जित रकम से इसका निर्माण कराया गया।
मामले में मुख्य कार्यपालक अधिकारी, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को शिकायत देकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी। आरोप है कि राजेन्द्र सिंह स्वयं को सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता बताकर लोगों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देता है और उनसे अवैध वसूली करता था।
ये है मामला
मूल आवंटी सुकेश जौहरी, जिनका निधन सात मार्च, 2017 को हो चुका है, के नाम पर राजेन्द्र सिंह ने 28 नवंबर, 2017 को फर्जी जीपीए तैयार कराई थी। इसके बाद 8 मार्च, 2018 को संपत्ति की लीज अपने नाम कराई। इसके बाद संपत्ति को पत्नी के नाम स्थानांतरित कर दी गई। पूनम ने 10 अक्तूबर, 2018 को इसे शीना और नासिर को बेच दिया था। जीपीए का ग्रेटर नोएडा के सब-रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा सत्यापन नहीं किया गया था।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। फर्जी दस्तावेज के जरिए प्लॉट हड़पने और अवैध कमाई से संपत्ति खड़ी करने के मामले में न्यायालय के आदेश पर गामा-1 स्थित निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत को कुर्क किया गया है। अल्फा-1 निवासी वीरेन्द्र का आरोप है कि मृतक सुकेश जौहरी के नाम पर फर्जी जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) तैयार कर सेक्टर-ओमिक्रॉन स्थित एक प्लॉट को बादलपुर निवासी राजेन्द्र सिंह और उसकी पत्नी पूनम ने अपने कब्जे में ले लिया था। बाद में इस प्लॉट को बेचकर प्राप्त धन से गामा-1 में मकान खरीदा गया और अन्य अवैध गतिविधियों से अर्जित रकम से इसका निर्माण कराया गया।
मामले में मुख्य कार्यपालक अधिकारी, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को शिकायत देकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी। आरोप है कि राजेन्द्र सिंह स्वयं को सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता बताकर लोगों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देता है और उनसे अवैध वसूली करता था।
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ये है मामला
मूल आवंटी सुकेश जौहरी, जिनका निधन सात मार्च, 2017 को हो चुका है, के नाम पर राजेन्द्र सिंह ने 28 नवंबर, 2017 को फर्जी जीपीए तैयार कराई थी। इसके बाद 8 मार्च, 2018 को संपत्ति की लीज अपने नाम कराई। इसके बाद संपत्ति को पत्नी के नाम स्थानांतरित कर दी गई। पूनम ने 10 अक्तूबर, 2018 को इसे शीना और नासिर को बेच दिया था। जीपीए का ग्रेटर नोएडा के सब-रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा सत्यापन नहीं किया गया था।