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Noida News: जलनिकासी न होने से डूबा सेक्टर-148 अंडरपास
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नोएडा। सेक्टर-150 से 162 तक जलनिकासी न होने से नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेस-वे किनारे की ग्रीनबेल्ट में पानी भर गया और फिर सेक्टर-148 अंडरपास में पहुंच गया। यहां बने पुराने अंडरपास में रविवार को भी घुटनों से ज्यादा पानी भरा रहा। इस वजह से कई वाहन फंसे और खराब हुए। कई वाहनों की नंबर प्लेट भी भरे पानी में डूबने से गिर गईं। फिर लोगों ने इन नंबर प्लेटों को पास की एक दीवार पर सुरक्षित रख दिया। प्राधिकरण की तरफ से यहां से पानी निकालने के लिए पंप लगवाए गए। रविवार शाम पानी निकलवाने का दावा किया गया।
वर्क सर्कल-10 के प्रभारी विश्वास त्यागी ने बताया कि नाले का पानी वापस अंडरपास में आने के चलते समस्या खड़ी हुई। दो ट्रैक्टर पंप के माध्यम से पानी निकलवा दिया गया है। अंडरपास में आवागमन सुचारू रूप से शुरू हो गया है। स्थायी समाधान सेक्टर-150 में हिंडन के लिए रेगुलेटर बनने और नाले जोड़े जाने से होगा। ब्यूरो
महीनों से विभागों के बीच फंसी जलनिकासी की योजना
सेक्टर-152 से 162 तक जलनिकासी के इंतजाम नहीं हैं। कार सवार सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की 16 जनवरी को सेक्टर के बीच तालाब बने प्लाट में डूबकर मौत के बाद यह मुद्दा उठा था। इसके बाद प्राधिकरण ने 13 सेक्टरों से बारिश का पानी निकलवाने की परियोजना का प्रस्ताव सिंचाई विभाग से तैयार करवाया। यहां पर नाला व हिंडन पर रेगुलेटर निर्माण होना है। यह काम सिंचाई विभाग करवाएगा, निर्माण लागत करीब 31 करोड़ रुपये प्राधिकरण देगा। इसको लेकर प्राधिकरण व सिंचाई विभाग के बीच एमओयू साइन हो चुका है। प्राधिकरण 27 मई को 10 करोड़ 35 रुपये धनराशि भी सिंचाई विभाग को दे चुका है। परियोजना में काम शुरू नहीं हो पाया है। इस योजना में सेक्टर-150 के साथ 151, 152, 153, 154, 155, 156, 157, 158, 159, 160, 161, 162 तक बारिश के पानी की निकासी होनी है। इसके पहले भी 2023 में यह योजना बनी थी तब भी प्राधिकरण ने निर्माण नहीं करवाया था। इस वजह से हर बारिश में इन सेक्टरों में पानी भर रहा है। यहां बारिश के पानी की निकासी की समस्या पर एनजीटी भी संज्ञान ले चुका है। ब्यूरो
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नोएडा। सेक्टर-150 से 162 तक जलनिकासी न होने से नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेस-वे किनारे की ग्रीनबेल्ट में पानी भर गया और फिर सेक्टर-148 अंडरपास में पहुंच गया। यहां बने पुराने अंडरपास में रविवार को भी घुटनों से ज्यादा पानी भरा रहा। इस वजह से कई वाहन फंसे और खराब हुए। कई वाहनों की नंबर प्लेट भी भरे पानी में डूबने से गिर गईं। फिर लोगों ने इन नंबर प्लेटों को पास की एक दीवार पर सुरक्षित रख दिया। प्राधिकरण की तरफ से यहां से पानी निकालने के लिए पंप लगवाए गए। रविवार शाम पानी निकलवाने का दावा किया गया।
वर्क सर्कल-10 के प्रभारी विश्वास त्यागी ने बताया कि नाले का पानी वापस अंडरपास में आने के चलते समस्या खड़ी हुई। दो ट्रैक्टर पंप के माध्यम से पानी निकलवा दिया गया है। अंडरपास में आवागमन सुचारू रूप से शुरू हो गया है। स्थायी समाधान सेक्टर-150 में हिंडन के लिए रेगुलेटर बनने और नाले जोड़े जाने से होगा। ब्यूरो
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महीनों से विभागों के बीच फंसी जलनिकासी की योजना
सेक्टर-152 से 162 तक जलनिकासी के इंतजाम नहीं हैं। कार सवार सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की 16 जनवरी को सेक्टर के बीच तालाब बने प्लाट में डूबकर मौत के बाद यह मुद्दा उठा था। इसके बाद प्राधिकरण ने 13 सेक्टरों से बारिश का पानी निकलवाने की परियोजना का प्रस्ताव सिंचाई विभाग से तैयार करवाया। यहां पर नाला व हिंडन पर रेगुलेटर निर्माण होना है। यह काम सिंचाई विभाग करवाएगा, निर्माण लागत करीब 31 करोड़ रुपये प्राधिकरण देगा। इसको लेकर प्राधिकरण व सिंचाई विभाग के बीच एमओयू साइन हो चुका है। प्राधिकरण 27 मई को 10 करोड़ 35 रुपये धनराशि भी सिंचाई विभाग को दे चुका है। परियोजना में काम शुरू नहीं हो पाया है। इस योजना में सेक्टर-150 के साथ 151, 152, 153, 154, 155, 156, 157, 158, 159, 160, 161, 162 तक बारिश के पानी की निकासी होनी है। इसके पहले भी 2023 में यह योजना बनी थी तब भी प्राधिकरण ने निर्माण नहीं करवाया था। इस वजह से हर बारिश में इन सेक्टरों में पानी भर रहा है। यहां बारिश के पानी की निकासी की समस्या पर एनजीटी भी संज्ञान ले चुका है। ब्यूरो
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