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Noida News: सर्विस और रिपेयरिंग से जुड़े कारोबार में आई तेजी
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फोटो
-गर्मी में कारोबार सामान्य दिनों की तुलना में 30 से 50 प्रतिशत होती है बढ़ोतरी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। तापमान में लगातार बढ़ोतरी के साथ ही शहर में सर्विस और रिपेयरिंग से जुड़ा कारोबार तेजी से बढ़ गया है। घरों से लेकर कारों तक एसी, कूलर, पंखे और फ्रिज की सर्विसिंग-रिपेयरिंग की मांग में तेज उछाल आया है।
जिला उद्योग केंद्र से मिले आकड़ों के अनुसार, जिले में इस समय करीब 80,000 से ज्यादा पंजीकृत सर्विस व रिपेयरिंग इकाइयां सक्रिय हैं। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन, प्लंबिंग, इलेक्ट्रिकल और पानी सप्लाई से जुड़ी सेवाएं शामिल हैं। गर्मी के मौसम में इनका कारोबार सामान्य दिनों की तुलना में 30 से 50 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।
सेक्टर-5 स्थित हरौला बाजार के व्यापारी नरेश कुच्छल ने बताया कि इन दिनों एसी और कूलर मैकेनिकों के पास ज्यादा काम पहुंच रहा है। सेक्टर-27 की इंदिरा मार्केट व्यापारी सुजीत कुमार ने बताया कि सामान्य तौर पर एक स्प्लिट या विंडो एसी की सर्विसिंग का खर्च 500 से 800 रुपये आता है, जबकि गैस रिफिल कराने पर 2,000 से 3,500 रुपये तक खर्च करना पड़ता है। यदि कोई पार्ट खराब हो जाए तो खर्च 5,000 रुपये या ज्यादा भी पहुंच सकता है। कूलर की सर्विसिंग 200 से 500 रुपये और पंखे की मरम्मत 150 से 300 रुपये में हो रही है।
एजेंसी के बजाय बाजारों में लोकल सर्विस पड़ती है सस्ती
अधिकृत एजेंसी से एसी सर्विस कराने पर 1,200 से 2,000 रुपये तक खर्च आता है, वहीं लोकल मैकेनिक वही काम 500 से 800 रुपये में कर देते हैं। लेकिन कभी-कभी उसकी गुणवत्ता खराब रहती है। हालांकि सेक्टर-110 निवासी मुकुंद मिश्रा ने कहा कि एजेंसी ज्यादा भरोसेमंद होती हैं।
हर साल बढ़ रहा सर्विस-रिपेयरिंग सेक्टर
उद्योग केंद्र से मिले आकड़ों के अनुसार, वर्तमान में करीब 80 हजार पंजीकृत इकाइयां हैं। जो पिछले साल करीब 65 हजार थीं। वहीं 2023-24 में करीब 58 हजार ऐसे उद्यम पंजीकृत हुए थे।
करीब 20 लाख का निवेश और 78 हजार लोगों को मिला रोजगार
सरकारी आकड़ों के अनुसार, इन 80 हजार पंजीकृत उद्यम के जरिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष माध्यम से करीब 78 हजार लोग सर्विस व रिपेयरिंग सेक्टर से जुड़कर रोजगार पा रहे हैं। वहीं इनसे करीब 20,78,119 रुपये का निवेश भी हुआ है।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। तापमान में लगातार बढ़ोतरी के साथ ही शहर में सर्विस और रिपेयरिंग से जुड़ा कारोबार तेजी से बढ़ गया है। घरों से लेकर कारों तक एसी, कूलर, पंखे और फ्रिज की सर्विसिंग-रिपेयरिंग की मांग में तेज उछाल आया है।
जिला उद्योग केंद्र से मिले आकड़ों के अनुसार, जिले में इस समय करीब 80,000 से ज्यादा पंजीकृत सर्विस व रिपेयरिंग इकाइयां सक्रिय हैं। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन, प्लंबिंग, इलेक्ट्रिकल और पानी सप्लाई से जुड़ी सेवाएं शामिल हैं। गर्मी के मौसम में इनका कारोबार सामान्य दिनों की तुलना में 30 से 50 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।
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सेक्टर-5 स्थित हरौला बाजार के व्यापारी नरेश कुच्छल ने बताया कि इन दिनों एसी और कूलर मैकेनिकों के पास ज्यादा काम पहुंच रहा है। सेक्टर-27 की इंदिरा मार्केट व्यापारी सुजीत कुमार ने बताया कि सामान्य तौर पर एक स्प्लिट या विंडो एसी की सर्विसिंग का खर्च 500 से 800 रुपये आता है, जबकि गैस रिफिल कराने पर 2,000 से 3,500 रुपये तक खर्च करना पड़ता है। यदि कोई पार्ट खराब हो जाए तो खर्च 5,000 रुपये या ज्यादा भी पहुंच सकता है। कूलर की सर्विसिंग 200 से 500 रुपये और पंखे की मरम्मत 150 से 300 रुपये में हो रही है।
एजेंसी के बजाय बाजारों में लोकल सर्विस पड़ती है सस्ती
अधिकृत एजेंसी से एसी सर्विस कराने पर 1,200 से 2,000 रुपये तक खर्च आता है, वहीं लोकल मैकेनिक वही काम 500 से 800 रुपये में कर देते हैं। लेकिन कभी-कभी उसकी गुणवत्ता खराब रहती है। हालांकि सेक्टर-110 निवासी मुकुंद मिश्रा ने कहा कि एजेंसी ज्यादा भरोसेमंद होती हैं।
हर साल बढ़ रहा सर्विस-रिपेयरिंग सेक्टर
उद्योग केंद्र से मिले आकड़ों के अनुसार, वर्तमान में करीब 80 हजार पंजीकृत इकाइयां हैं। जो पिछले साल करीब 65 हजार थीं। वहीं 2023-24 में करीब 58 हजार ऐसे उद्यम पंजीकृत हुए थे।
करीब 20 लाख का निवेश और 78 हजार लोगों को मिला रोजगार
सरकारी आकड़ों के अनुसार, इन 80 हजार पंजीकृत उद्यम के जरिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष माध्यम से करीब 78 हजार लोग सर्विस व रिपेयरिंग सेक्टर से जुड़कर रोजगार पा रहे हैं। वहीं इनसे करीब 20,78,119 रुपये का निवेश भी हुआ है।
