'10 हजार रुपये महीना है फीस': जिम में गिरा दो साल का बच्चा, टूटा मासूम का हाथ; वीडियो में कैद पूरी वारदात
माता-पिता का कहना है कि घटना सुबह साढ़े दस बजे हुई, जबकि उन्हें करीब दोपहर 12 बजे इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और बच्चे को न्यूमेड अस्पताल ले गए, जहां जांच के बाद उसके बाएं हाथ में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई और प्लास्टर चढ़ाया गया।
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ग्रेटर नोएडा वेस्ट के टेक जोन-4 स्थित गोल्डन आई शॉपिंग मॉल के बेसमेंट में संचालित एक किड्स जिम में दो वर्षीय मासूम के घायल होने का मामला सामने आया है। परिजनों ने जिम प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और घटना के बाद समय पर सूचना नहीं देने का आरोप लगाया है।
10 हजार रुपये महीना है फीस
परिजनों ने एक्स पर ट्वीट कर अधिकारियों से जांच और कार्रवाई की मांग की है। ऐस डिविनो सोसाइटी निवासी एवं व्यापारी मनोज शर्मा उर्फ सागर ने बताया कि उनका दो वर्षीय बेटा शिवांश शर्मा ग्रोस्ट्रॉन्ग अचीवर्स किड्स जिम में नियमित रूप से किड्स एक्टिविटी के लिए जाता है। इसके लिए वह करीब 10 हजार रुपये प्रतिमाह शुल्क का भुगतान करते हैं।
बच्चे पर नहीं अपने काम में व्यस्थ था स्टाफ
शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे शिवांश जिम में प्रवेश कर रहा था। आरोप है कि उस दौरान सीढ़ियां चढ़ते समय उसका संतुलन बिगड़ गया और वह गिर पड़ा। जिस स्थान पर बच्चा गिरा, वहां सुरक्षा के लिए कुशनिंग मैट नहीं लगा था, जिससे उसके बाएं हाथ में गंभीर चोट आई और फ्रैक्चर हो गया। परिजनों का आरोप है कि घटना के समय जिम का स्टाफ अपने कार्यों में व्यस्त था और किसी ने बच्चे पर ध्यान नहीं दिया। हादसे के बाद भी जिम प्रबंधन ने तत्काल प्राथमिक उपचार की व्यवस्था नहीं की।
10.30 बजे हुआ हादसा, परिवार को 12 बजे बताया
उनका कहना है कि घटना सुबह साढ़े दस बजे हुई, जबकि उन्हें करीब दोपहर 12 बजे इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और बच्चे को न्यूमेड अस्पताल ले गए, जहां जांच के बाद उसके बाएं हाथ में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई और प्लास्टर चढ़ाया गया। जिम प्रबंधन ने उन्हें घटना की पूरी सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध नहीं कराई। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग की है।
परिवार ने की जिम के ऑडिट की मांग
परिजनों का कहना है कि माता-पिता अपने छोटे बच्चों को सुरक्षित माहौल की उम्मीद में ऐसे संस्थानों में भेजते हैं। यदि सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरती गई है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि जांच पूरी होने तक संबंधित किड्स जिम का संचालन निलंबित किया जाए, सुरक्षा मानकों का विशेष ऑडिट कराया जाए और दोषी पाए जाने पर संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। परिजन ने मामले में अभी पुलिस से कोई लिखित शिकायत नहीं की है।
किड्स जिम विभाग के कार्यक्षेत्र में नहीं आता है। अगर पीड़ित परिवार की ओर से कोई लिखित शिकायत मिलती है तो मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -डॉ परवेज अली, प्रभारी जिला क्रीडा अधिकारी
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