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Noida News: औद्योगिक सेक्टर में साप्ताहिक बाजार से हो रही परेशानी
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लक्ष्मण प्रसाद
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अमर उजाला संवाद:
- साइट-सी के उद्यमी बोले सेक्टर में पानी से लेकर सीवर लाइन की नहीं है व्यवस्था
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने 41 साल पहले विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का सपना दिखाकर सेक्टर साइट-सी में औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया था। करीब चार दशक बाद सेक्टर के उद्यमी आज तक मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। पानी से लेकर सीवर लाइन की व्यवस्था नहीं है। यहां रोजाना नई-नई समस्याएं आ रही है। अब सेक्टर में साप्ताहिक बाजार लगना शुरू हो गया है। जिससे उस दिन औद्योगिक इकाइयों में आनाजाना मुश्किल हो जाता है।
बुधवार को औद्योगिक सेक्टर साइट-सी में आयोजित अमर उजाला संवाद में उद्यमियों ने अपनी समस्याएं रखीं। उद्यमियों ने बताया कि गुलिस्तानपुर गांव की तरफ वाले रास्ते पर साप्ताहिक बाजार लगने लगा है। पहले मंगलवार को बाजार लगता था। अब रविवार को भी बाजार लगना शुरू हो गया है। बाजार के कारण सेक्टर के उस रोड से निकलना मुश्किल हो गया है। इस कारण कंपनियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। पुलिस व प्रशासन से शिकायत के बाद भी स्थिति जस की तस है। सेक्टर की ज्यादातर सड़कें अंधेरे में डूबी रहती है। स्ट्रीट लाइटें लगी हैं पर जलती नहीं है। नाली बनी हैं पर चोक रहती है। बारिश से पहले साफ सफाई होनी चाहिए। सेक्टर में साफ सफाई का टेंडर खत्म हो चुका है। नया जारी करने में तीन माह का समय लग जाएगा।
सेक्टर के पास डीएफसीसी का प्रोजेक्ट बन रहे है। पिछले 6 साल से उसका निर्माण कार्य चल रहा है। 130 मीटर रोड के फ्लाईओवर को शुरू नहीं किया गया है। इस कारण ज्यादातर वाहन सेक्टर से होकर निकल रहे है। इससे सेक्टर में जाम की समस्या बनी रहती है। महज दो मिनट की दूरी को तय करने में 30 मिनट लग जाता है। वहीं जीएसटी विभाग भी गत्ते के कच्चे माल व तैयार माल पर जीएसटी के अंतर को खत्म नहीं कर पा रहा है। इससे उद्यमी परेशान है। आरोप है कि यूपीसीडा से किसी तरह की मदद नहीं मिल रही है।
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कोट
पेपर उद्योगों को जीएसटी विभाग के कारण समस्या आ रही है। करीब 13 प्रतिशत जीएसटी विभाग के पास फंसा रहता है। इसमें सुधार होना चाहिए।- मनीष गोयल
सेक्टर में पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है। हल्की बारिश होने के बाद सेक्टर की सड़कें तालाब बन जाती हैं। यूपीसीडा को इस पर काम करना चाहिए।- सुनील कुमार
41 साल बाद भी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। यूपीसीडा सुविधाएं विकसित नहीं कर रहा। डीएफसीसी प्रोजेक्ट के कारण जाम की समस्या होने लगी है।- मृत्युंजय सिंह
औद्योगिक सेक्टरों में श्रमिकों की काफी समस्या है। लेबर चौक पर श्रमिक है पर वो कंपनियों में अपनी शर्तों पर काम करने को तैयार होते हैं। -विवेक चौहान
साप्ताहिक बाजार के कारण निकलना मुश्किल हो गया है। सप्ताह में दो दिन बाजार लगने से समस्या बढ़ रही है। अधिकारियों को मदद करनी चाहिए।- टीओ थॉमस
सेक्टर में सुविधा केंद्र होना चाहिए। जहां खरीदार व उद्यमियों की बैठक होनी चाहिए। इससे पारदर्शिता आएगी और लेनदेन भी सही हो जाएगा। - लक्ष्मण प्रसाद,
- साइट-सी के उद्यमी बोले सेक्टर में पानी से लेकर सीवर लाइन की नहीं है व्यवस्था
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने 41 साल पहले विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का सपना दिखाकर सेक्टर साइट-सी में औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया था। करीब चार दशक बाद सेक्टर के उद्यमी आज तक मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। पानी से लेकर सीवर लाइन की व्यवस्था नहीं है। यहां रोजाना नई-नई समस्याएं आ रही है। अब सेक्टर में साप्ताहिक बाजार लगना शुरू हो गया है। जिससे उस दिन औद्योगिक इकाइयों में आनाजाना मुश्किल हो जाता है।
बुधवार को औद्योगिक सेक्टर साइट-सी में आयोजित अमर उजाला संवाद में उद्यमियों ने अपनी समस्याएं रखीं। उद्यमियों ने बताया कि गुलिस्तानपुर गांव की तरफ वाले रास्ते पर साप्ताहिक बाजार लगने लगा है। पहले मंगलवार को बाजार लगता था। अब रविवार को भी बाजार लगना शुरू हो गया है। बाजार के कारण सेक्टर के उस रोड से निकलना मुश्किल हो गया है। इस कारण कंपनियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। पुलिस व प्रशासन से शिकायत के बाद भी स्थिति जस की तस है। सेक्टर की ज्यादातर सड़कें अंधेरे में डूबी रहती है। स्ट्रीट लाइटें लगी हैं पर जलती नहीं है। नाली बनी हैं पर चोक रहती है। बारिश से पहले साफ सफाई होनी चाहिए। सेक्टर में साफ सफाई का टेंडर खत्म हो चुका है। नया जारी करने में तीन माह का समय लग जाएगा।
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सेक्टर के पास डीएफसीसी का प्रोजेक्ट बन रहे है। पिछले 6 साल से उसका निर्माण कार्य चल रहा है। 130 मीटर रोड के फ्लाईओवर को शुरू नहीं किया गया है। इस कारण ज्यादातर वाहन सेक्टर से होकर निकल रहे है। इससे सेक्टर में जाम की समस्या बनी रहती है। महज दो मिनट की दूरी को तय करने में 30 मिनट लग जाता है। वहीं जीएसटी विभाग भी गत्ते के कच्चे माल व तैयार माल पर जीएसटी के अंतर को खत्म नहीं कर पा रहा है। इससे उद्यमी परेशान है। आरोप है कि यूपीसीडा से किसी तरह की मदद नहीं मिल रही है।
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पेपर उद्योगों को जीएसटी विभाग के कारण समस्या आ रही है। करीब 13 प्रतिशत जीएसटी विभाग के पास फंसा रहता है। इसमें सुधार होना चाहिए।- मनीष गोयल
सेक्टर में पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है। हल्की बारिश होने के बाद सेक्टर की सड़कें तालाब बन जाती हैं। यूपीसीडा को इस पर काम करना चाहिए।- सुनील कुमार
41 साल बाद भी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। यूपीसीडा सुविधाएं विकसित नहीं कर रहा। डीएफसीसी प्रोजेक्ट के कारण जाम की समस्या होने लगी है।- मृत्युंजय सिंह
औद्योगिक सेक्टरों में श्रमिकों की काफी समस्या है। लेबर चौक पर श्रमिक है पर वो कंपनियों में अपनी शर्तों पर काम करने को तैयार होते हैं। -विवेक चौहान
साप्ताहिक बाजार के कारण निकलना मुश्किल हो गया है। सप्ताह में दो दिन बाजार लगने से समस्या बढ़ रही है। अधिकारियों को मदद करनी चाहिए।- टीओ थॉमस
सेक्टर में सुविधा केंद्र होना चाहिए। जहां खरीदार व उद्यमियों की बैठक होनी चाहिए। इससे पारदर्शिता आएगी और लेनदेन भी सही हो जाएगा। - लक्ष्मण प्रसाद,

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