फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Notice issued to Chief Secretary for failure to reimburse 12,000 in medical expenses to a Class 3 student.

Delhi NCR News: कक्षा तीन के छात्र को 12 हजार मेडिकल खर्च न लौटाने पर मुख्य सचिव को नोटिस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 12 Aug 2026 07:53 PM IST
विज्ञापन
हाईकोर्ट के आदेश के पांच माह बाद भी भुगतान नहीं, छात्र ने दाखिल की अवमानना याचिका
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा की अदालत ने एमसीडी स्कूल के कक्षा तीन के छात्र आदित्य कुमार की अवमानना याचिका पर बुधवार को दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव राजीव वर्मा (आईएएस) को नोटिस जारी किया। याचिका में आरोप है कि 11 मार्च को हाईकोर्ट की ओर से दिए गए स्पष्ट आदेश का पालन नहीं किया गया। अदालत ने दिल्ली सरकार को दो माह के भीतर छात्र को इलाज पर खर्च हुए 12 हजार रुपये लौटाने का निर्देश दिया था। मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी।
आदित्य ने पिता विनोद कुमार की मदद से याचिका दाखिल की है। अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने अदालत को बताया कि एक अप्रैल 2024 को निगम प्रतिभा विद्यालय में खेलते समय आदित्य का बायां हाथ फ्रैक्चर हो गया था। स्कूल के प्रधानाचार्य उसे डॉ. हेडगेवार आरोग्य संस्थान के इमरजेंसी वार्ड ले गए। वहां इमरजेंसी कार्ड में ही कॉटन उपलब्ध नहीं होने की बात लिखकर दूसरे अस्पताल जाने को कहा गया।
विज्ञापन

इसके बाद छात्र को चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों के दिनभर का काम खत्म कर घर चले जाने की बात कही गई। दोनों सरकारी अस्पतालों में इलाज नहीं मिलने के कारण परिवार को निजी अस्पताल में उपचार कराना पड़ा। इस पर करीब 12 से 14 हजार रुपये खर्च हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन


11 मार्च को न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की अदालत ने रिट याचिका का निपटारा करते हुए माना था कि सरकारी अस्पतालों का इलाज से इन्कार करना अविवादित तथ्य है। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के पश्चिम बंगाल खेत मजदूर समिति मामले में दिए सिद्धांतों का हवाला देते हुए दिल्ली सरकार को दो माह के भीतर 12 हजार रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया था। साथ ही छात्र को मुआवजे के लिए सिविल मुकदमा दायर करने की स्वतंत्रता भी दी थी।


अवमानना के लिए कार्रवाई की भी मांग
अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने बताया कि अदालत की ओर से निर्धारित अवधि बीतने के बावजूद राशि का भुगतान नहीं किया गया। 22 मई 2026 को मुख्य सचिव को अवमानना नोटिस भेजा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मुख्य सचिव दिल्ली सरकार के सर्वोच्च कार्यकारी अधिकारी होने के नाते अदालती आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए बाध्य हैं। याचिकाकर्ता ने अवमानना के लिए कार्रवाई की भी मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed