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सुप्रीम कोर्ट का आदेश: अब राष्ट्रीय राजधानी में गुमशुदगी की रिपोर्ट नहीं, सीधी एफआईआर; इसलिए बदली व्यवस्था

Thu, 03 Sep 2026 03:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 03 Sep 2026 03:11 AM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने हाल ही गुम हुए लोगों को लेकर सीधी एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने गायब लोगों को लेकर एफआईआर दर्ज करना शुरू किया है।

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Now, instead of a missing person report, an FIR will be directly registered in the national capital.
प्रतीक चित्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रीय राजधानी में लापता या गुम हुए लोगों की अब डीडी एंट्री या फिर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं होगी, बल्कि सीधी एफआईआर दर्ज की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने हाल ही गुम हुए लोगों को लेकर सीधी एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने गायब लोगों को लेकर एफआईआर दर्ज करना शुरू किया है। पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि उन्होंने गायब हुए लोगों को लेकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करने की बजाय सीधी एफआईआर दर्ज करना शुरू किया है।

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दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली पुलिस ने यह निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के तहत 22 मई, 2026 से अब तक जितनी भी गायब हुए लोगों को लेकर डीडी में एंट्री दर्ज की गई है उनकी भी एफआईआर दर्ज की जाए। 
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पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि निर्देशों के तहत 22 मई से लेकर जो गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई हैं, उनमें सभी में एफआईआर दर्ज कर ली गई हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अभी गायब होने पर पुलिस पहले डीडी एंट्री दर्ज करती थी। इसके बाद नाबालिगों को छोड़कर अन्य मामलों में 24 घंटे बाद एफआईआर दर्ज होती थी। 
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ऐसे में गायब हुए व्यक्ति को ढूंढने का महत्वपूर्ण समय निकल जाता था। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिलने पर पुलिस को आयु या लिंग की परवाह किए बिना तुरंत एफआईआर दर्ज करनी होगी। 

एक रिपोर्ट के अनुसार शीर्ष कोर्ट ने साफ किया है कि लापता व्यक्ति की सूचना पर बिना किसी प्रारंभिक जांच या परिवार के खुद तलाश करने के इंतजार के तुरंत एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। गोल्डन आवर्स का महत्व: अदालत ने माना कि गुमशुदगी के बाद के शुरुआती घंटे गोल्डन आवर्स होते हैं, जिनमें व्यक्ति के सकुशल मिलने की संभावना सबसे ज्यादा होती है, इसलिए पुलिस को 24 घंटे इंतजार नहीं करना चाहिए।

हर साल गायब होते हैं इतने लोग : दिल्ली में हर साल औसतन 22,000 से 24,000 लोग लापता होने की शिकायतें दर्ज होती हैं। यदि हालिया आंकड़ों (जैसे वर्ष 2025-2026) की बात करें, तो राजधानी में औसतन हर दिन लगभग 53 से 54 लोग गायब होते हैं। साल 2025 के आंकड़े के अनुसार पूरे साल में 24,500 से अधिक लोग लापता हुए थे। यानि हर 24 घंटे में लगभग 54 लोग लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की जाती है।


महिलाएं ज्यादा गायब होती हैं : लापता लोगों में सबसे बड़ी संख्या महिलाओं, युवा लड़कियों और नाबालिगों की होती है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दर्ज मामलों में से लगभग 70 प्रतिशत से 80 प्रतिशत लोग (या तो खुद या पुलिस की मदद से) कुछ समय बाद सुरक्षित अपने घर वापस मिल जाते हैं। यह जरूरी नहीं कि सभी मामलों में किसी प्रकार का अपहरण हुआ हो, कई बार पारिवारिक तनाव, बच्चों के घर से नाराज होकर जाने या बुजुर्गों के रास्ता भटकने जैसे कारण होते हैं।





 

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