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Nuh News: प्राथमिक शिक्षा सुधार को लेकर डीपीआईयू की सख्त रणनीति
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जीरो पीरियड में उपचारात्मक कार्य अनिवार्य, लापरवाह अध्यापकों पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधार को लेकर जिला परियोजना क्रियान्वयन इकाई (डीपीआईयू) की जनवरी माह की बैठक लघु सचिवालय आयोजि की गई। नूंह में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सगीर अहमद की अध्यक्षता में यह हुई। जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने निर्देश दिए कि सभी प्राथमिक विद्यालयों में जीरो पीरियड के दौरान उपचारात्मक कार्य योजना को सख्ती से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर पर मजबूत नींव ही आगे बेहतर परिणामों की आधारशिला है।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा, जिला परियोजना अधिकारी योगेश कुमार, उप जिला शिक्षा अधिकारी जलकरण, जिला बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान समन्वयक डॉ. कुसुम मलिक, राज्य परियोजना क्रियान्वयन इकाई के सदस्य तुषार (पंचकूला), सभी खंड शिक्षा अधिकारी, एबीआरसी, बीआरपी, शिक्षा सहायक तथा पीरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सगीर अहमद ने स्पष्ट किया कि पढ़ाई में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जीरो पीरियड में उपचारात्मक कार्य न कराने वाले अध्यापकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है। जिला परियोजना अधिकारी योगेश कुमार ने एबीआरसी व बीआरपी को निर्देश दिए कि वे विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान अध्यापकों की कार्यशैली और बच्चों की प्रगति की नियमित निगरानी करें तथा बच्चों की कौशल पुस्तिका तैयार कर समूह अनुसार शिक्षण कराएं।
डॉ. कुसुम मलिक ने मूल्यांकन परिणामों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि अध्यापक कौशल पुस्तिका के आधार पर समूह आधारित उपचारात्मक शिक्षण करेंगे तो नूंह जिले का निपुण लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों की नियमित उपस्थिति पर भी विशेष जोर दिया। बैठक में सभी विद्यालयों में समय-सारणी का पालन, गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन तथा छात्र उपस्थिति बढ़ाने हेतु समुदाय सहभागिता से विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। बैठक में यह स्पष्ट कर दिया गया कि अब निष्पादन और जवाबदेही ही प्राथमिकता है। उपचारात्मक कार्य योजना के सख्त क्रियान्वयन से नूंह जिले को निपुण बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधार को लेकर जिला परियोजना क्रियान्वयन इकाई (डीपीआईयू) की जनवरी माह की बैठक लघु सचिवालय आयोजि की गई। नूंह में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सगीर अहमद की अध्यक्षता में यह हुई। जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने निर्देश दिए कि सभी प्राथमिक विद्यालयों में जीरो पीरियड के दौरान उपचारात्मक कार्य योजना को सख्ती से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर पर मजबूत नींव ही आगे बेहतर परिणामों की आधारशिला है।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा, जिला परियोजना अधिकारी योगेश कुमार, उप जिला शिक्षा अधिकारी जलकरण, जिला बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान समन्वयक डॉ. कुसुम मलिक, राज्य परियोजना क्रियान्वयन इकाई के सदस्य तुषार (पंचकूला), सभी खंड शिक्षा अधिकारी, एबीआरसी, बीआरपी, शिक्षा सहायक तथा पीरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सगीर अहमद ने स्पष्ट किया कि पढ़ाई में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जीरो पीरियड में उपचारात्मक कार्य न कराने वाले अध्यापकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है। जिला परियोजना अधिकारी योगेश कुमार ने एबीआरसी व बीआरपी को निर्देश दिए कि वे विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान अध्यापकों की कार्यशैली और बच्चों की प्रगति की नियमित निगरानी करें तथा बच्चों की कौशल पुस्तिका तैयार कर समूह अनुसार शिक्षण कराएं।
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डॉ. कुसुम मलिक ने मूल्यांकन परिणामों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि अध्यापक कौशल पुस्तिका के आधार पर समूह आधारित उपचारात्मक शिक्षण करेंगे तो नूंह जिले का निपुण लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों की नियमित उपस्थिति पर भी विशेष जोर दिया। बैठक में सभी विद्यालयों में समय-सारणी का पालन, गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन तथा छात्र उपस्थिति बढ़ाने हेतु समुदाय सहभागिता से विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। बैठक में यह स्पष्ट कर दिया गया कि अब निष्पादन और जवाबदेही ही प्राथमिकता है। उपचारात्मक कार्य योजना के सख्त क्रियान्वयन से नूंह जिले को निपुण बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।