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Delhi NCR News: पासपोर्ट आवेदन में आपराधिक मामला छिपाने पर पूर्व एसीपी के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
तीस हजारी कोर्ट ने एक पूर्व सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। आरोप है कि उन्होंने 2013 में नया पासपोर्ट बनवाते समय अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामले की जानकारी जानबूझकर छिपाई थी। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रीति की अदालत में दिल्ली पुलिस के सेवानिवृत्त एसीपी विनोद कुमार पांडे के खिलाफ यह मामला चल रहा है। अदालत ने अभियोजन पक्ष के तथ्यों पर आरोपी की आपत्तियों को खारिज करते हुए पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 12 के तहत उनके खिलाफ प्रथमदृष्टया मामला बनता पाया। अदालत ने कहा कि लंबित आपराधिक मुकदमे की जानकारी छिपाना महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने के समान है। औपचारिक रूप से आरोप 24 अक्टूबर को तय होंगे। शिकायत के अनुसार, विनोद कुमार पांडे ने 29 अक्टूबर 2013 को गाजियाबाद क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में तत्काल पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। जांच में सामने आया कि उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 427 और 448 के तहत एक आपराधिक मामला लंबित था, जिसमें 2005 में समन जारी हो चुके थे। यह मामला वर्ष 2000 की एक घटना से जुड़ा था। बता दें अप्रैल 2026 में इसी पुराने मामले में पांडे को तीन महीने की सजा भी सुनाई गई थी।
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नई दिल्ली।
तीस हजारी कोर्ट ने एक पूर्व सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। आरोप है कि उन्होंने 2013 में नया पासपोर्ट बनवाते समय अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामले की जानकारी जानबूझकर छिपाई थी। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रीति की अदालत में दिल्ली पुलिस के सेवानिवृत्त एसीपी विनोद कुमार पांडे के खिलाफ यह मामला चल रहा है। अदालत ने अभियोजन पक्ष के तथ्यों पर आरोपी की आपत्तियों को खारिज करते हुए पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 12 के तहत उनके खिलाफ प्रथमदृष्टया मामला बनता पाया। अदालत ने कहा कि लंबित आपराधिक मुकदमे की जानकारी छिपाना महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने के समान है। औपचारिक रूप से आरोप 24 अक्टूबर को तय होंगे। शिकायत के अनुसार, विनोद कुमार पांडे ने 29 अक्टूबर 2013 को गाजियाबाद क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में तत्काल पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। जांच में सामने आया कि उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 427 और 448 के तहत एक आपराधिक मामला लंबित था, जिसमें 2005 में समन जारी हो चुके थे। यह मामला वर्ष 2000 की एक घटना से जुड़ा था। बता दें अप्रैल 2026 में इसी पुराने मामले में पांडे को तीन महीने की सजा भी सुनाई गई थी।