{"_id":"6771e08a44d8b1df4305bcd3","slug":"ozone-level-in-the-capital-exceeds-the-prescribed-limit-2024-12-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi : निर्धारित सीमा से अधिक है राजधानी में ओजोन का स्तर, सीपसीबी की सिफारिशों पर एनजीटी का केंद्र को नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi : निर्धारित सीमा से अधिक है राजधानी में ओजोन का स्तर, सीपसीबी की सिफारिशों पर एनजीटी का केंद्र को नोटिस
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 30 Dec 2024 05:22 AM IST
विज्ञापन
सार
इसे राष्ट्रीय राजधानी के कुछ क्षेत्रों में निर्धारित सीमा से ऊपर पाया गया है। एनजीटी ने ये कार्रवाई केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की ओर से ओजोन स्तर को निंयत्रित करने सिफारिशों के कार्यान्वयन की व्यवहार्यता और तंत्र के आधार पर की।
ओजोन
- फोटो : एएनआई
विज्ञापन
विस्तार
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने ओजोन के स्तर को नियंत्रित करने के लिए केंद्र से प्रतिक्रिया मांगी है। इसे राष्ट्रीय राजधानी के कुछ क्षेत्रों में निर्धारित सीमा से ऊपर पाया गया है। एनजीटी ने ये कार्रवाई केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की ओर से ओजोन स्तर को निंयत्रित करने सिफारिशों के कार्यान्वयन की व्यवहार्यता और तंत्र के आधार पर की।
Trending Videos
हरित निकाय ने इसके पहले सीपीसीबी और अन्य एजेंसियों को यह बताने के लिए प्रासंगिक सामग्री प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था कि इन क्षेत्रों में ओजोन का स्तर निर्धारित सीमा से अधिक क्यों है। निकाय ने इन क्षेत्रों के लिए अपनाए जा सकने वाले दृष्टिकोण को पेश करने के लिए कहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
23 दिसंबर के एक आदेश में एनजीटी चेयरपर्सन न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल की पीठ ने कहा कि सीपीसीबी ने कुछ सुझावों या सिफारिशों के साथ ओजोन स्तर के नियंत्रण के उपायों के बारे में 20 दिसंबर को एक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी।
विश्व स्तर पर यह माना गया है कि स्थानीय स्रोतों पर नियंत्रण से ओजोन पर नियंत्रण में महत्वपूर्ण लाभ नहीं मिल सकता है, क्योंकि ओजोन के लिए कारक सैकड़ों किलोमीटर तक प्रभाव डालते हैं।
इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने ओजोन के लिए कारक नाइट्रस एसिड, वाष्पशील कार्बनिक यौगिक (वीओसी), मीथेन और कार्बन मोनोऑक्साइड (सीओ) को कुछ हद तक नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कई पहल की हैं।