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Delhi NCR News: पद्म भूषण उमा शर्मा की शरदोत्सव नृत्य नाटिका का मंचन
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नई दिल्ली। पद्म भूषण सम्मानित कथक नृत्यांगना उमा शर्मा की परिकल्पना और नृत्य निर्देशन में शनिवार को शरदोत्सव महारास लीला का मंचन किया गया। यह नृत्य नाटिका लोधी रोड स्थित इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में आयोजित हुई। इसमें कथक और ब्रज की पारंपरिक रासलीला का सुंदर संगम देखने को मिला। प्रस्तुति में भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम, गोपियों की भक्ति और विरह की कथा को नृत्य, संगीत व अभिनय से दर्शाया गया।
यह नृत्य नाटिका श्रीमद्भागवत के दसवें स्कंध पर आधारित थी। इसमें शरद पूर्णिमा की रात से शुरू होने वाली कथा को दिखाया गया। श्रीकृष्ण की बांसुरी की धुन सुनकर गोपियों का उनकी ओर आकर्षित होना प्रमुख प्रसंग था। राधा-कृष्ण का अंतर्धान होना और गोपियों का उन्हें खोजना भी प्रस्तुत किया गया। माखन चोरी, पूतना वध और गोवर्धन पर्वत उठाने जैसे प्रसंग नृत्य से जीवंत हुए। कालिया नाग के दमन और कृष्ण के वियोग में गोपियों की व्याकुलता भी दिखाई गई। उनके अटूट प्रेम को भाव-भंगिमाओं के जरिये दर्शाया गया। उमा शर्मा को इस प्रस्तुति की प्रेरणा दिवंगत कमलादेवी चट्टोपाध्याय से मिली थी। भारतीय संगीत सदन ने कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसे केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय का सहयोग मिला। संवाद
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यह नृत्य नाटिका श्रीमद्भागवत के दसवें स्कंध पर आधारित थी। इसमें शरद पूर्णिमा की रात से शुरू होने वाली कथा को दिखाया गया। श्रीकृष्ण की बांसुरी की धुन सुनकर गोपियों का उनकी ओर आकर्षित होना प्रमुख प्रसंग था। राधा-कृष्ण का अंतर्धान होना और गोपियों का उन्हें खोजना भी प्रस्तुत किया गया। माखन चोरी, पूतना वध और गोवर्धन पर्वत उठाने जैसे प्रसंग नृत्य से जीवंत हुए। कालिया नाग के दमन और कृष्ण के वियोग में गोपियों की व्याकुलता भी दिखाई गई। उनके अटूट प्रेम को भाव-भंगिमाओं के जरिये दर्शाया गया। उमा शर्मा को इस प्रस्तुति की प्रेरणा दिवंगत कमलादेवी चट्टोपाध्याय से मिली थी। भारतीय संगीत सदन ने कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसे केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय का सहयोग मिला। संवाद
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