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Delhi NCR News: केबल फॉल्ट लोकेटर खरीदेगा बिजली निगम
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- नए गुरुग्राम के सेक्टरों और औद्योगिक क्षेत्र को होगा फायदा, अंडर ग्राउंड फॉल्ट ढूंढने में नहीं होगी देरी
- इस समस्या के कारण कई-कई दिन होती है बिजली कटौती
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। अंडर ग्राउंड केबल फॉल्ट के कारण कई-कई दिनों तक बिजली संकट से जूझने वाली सोसाइटियों को निजात दिलाने की तैयारी है। इसके तहत बिजली निगम गुरुग्राम के लिए केबल फॉल्ट लोकेटर खरीद रहा है। इससे अंडर ग्राउंड केबल फॉल्ट मरम्मत में होने वाली देरी के कारण बिजली संकट से मुक्ति मिलेगी।
फरीदाबाद के लिए ऐसी मशीनेें खरीदी जा चुकी है। अधिकारियों के अनुसार अब गुरुग्राम के लिए यह मशीन खरीदी जाएगी। पहले ऐसी मशीनें निजी क्षेत्र में थी। बिजली कर्मियों को केबल फॉल्ट ढूंढने के लिए मशीनें किराये पर लेनी पड़ती थी। कर्मियों का कहना है कि अपनी मशीन होने से इसे एक जगह से दूसरी जगह जांच के लिए ले जाना आसान होगा और किसी तरह के केबल फॉल्ट को ढूंढकर मरम्मत कार्य जल्द किया जा सकेगा।
खास तौर पर द्वारका एक्सप्रेसवे और मानेसर के नए सेक्टरों की सोसाइटियों में दूरदराज के केबल आने के कारण फॉल्ट ढूंढने में लंबा समय लग जाता है।
इस तरह काम करती है मशीन
भूमिगत केबल की खराबी का पता लगाने के लिए अंडरग्राउंड केबल फॉल्ट लोकेटर का उपयोग किया जाता है। यह मशीन टीडीआर (टाइम डोमेन रिफ्लेक्टोमीटर) और सर्ज वेव जनरेटर तकनीक पर आधारित होती है, जो जमीन को खोदे बिना केबल में कट, शॉर्ट सर्किट या अर्थ फॉल्ट की सटीक दूरी का पता लगाती है। यह मशीन केबल के एक छोर से पल्स भेजती है। जहां भी फॉल्ट होता है, वहां से सिग्नल लौट आता है। इससे खराबी की सटीक दूरी (जैसे 50 मीटर या 2 किमी) स्क्रीन पर आ जाती है दूरी पता चलने के बाद, एक पिनपॉइंटर और अर्थ इम्पैक्ट रिसीवर के माध्यम से जमीन के ऊपर चलकर उस विशेष स्थान का पता लगाया जाता है जहां से फॉल्ट की आवाज या सिग्नल मिल रहा हो।
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अंडरग्राउंड केबल फॉल्ट संबंधित समस्याओं का निपटारा शीघ्र हो सकेगा। कर्मियों को फॉल्ट ढूंढने में मशक्कत भी कम हो जाएगी। खास तौर नए गुरुग्राम और औद्योगिक क्षेत्र में केबल फॉल्ट को ढूंढने में समय लगता है। इससे फॉल्ट के कारण होने वाली बिजली कटौती में भी कमी आएगी।
- पीके चौहान, मुख्य अभियंता, बिजली निगम
- इस समस्या के कारण कई-कई दिन होती है बिजली कटौती
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। अंडर ग्राउंड केबल फॉल्ट के कारण कई-कई दिनों तक बिजली संकट से जूझने वाली सोसाइटियों को निजात दिलाने की तैयारी है। इसके तहत बिजली निगम गुरुग्राम के लिए केबल फॉल्ट लोकेटर खरीद रहा है। इससे अंडर ग्राउंड केबल फॉल्ट मरम्मत में होने वाली देरी के कारण बिजली संकट से मुक्ति मिलेगी।
फरीदाबाद के लिए ऐसी मशीनेें खरीदी जा चुकी है। अधिकारियों के अनुसार अब गुरुग्राम के लिए यह मशीन खरीदी जाएगी। पहले ऐसी मशीनें निजी क्षेत्र में थी। बिजली कर्मियों को केबल फॉल्ट ढूंढने के लिए मशीनें किराये पर लेनी पड़ती थी। कर्मियों का कहना है कि अपनी मशीन होने से इसे एक जगह से दूसरी जगह जांच के लिए ले जाना आसान होगा और किसी तरह के केबल फॉल्ट को ढूंढकर मरम्मत कार्य जल्द किया जा सकेगा।
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खास तौर पर द्वारका एक्सप्रेसवे और मानेसर के नए सेक्टरों की सोसाइटियों में दूरदराज के केबल आने के कारण फॉल्ट ढूंढने में लंबा समय लग जाता है।
इस तरह काम करती है मशीन
भूमिगत केबल की खराबी का पता लगाने के लिए अंडरग्राउंड केबल फॉल्ट लोकेटर का उपयोग किया जाता है। यह मशीन टीडीआर (टाइम डोमेन रिफ्लेक्टोमीटर) और सर्ज वेव जनरेटर तकनीक पर आधारित होती है, जो जमीन को खोदे बिना केबल में कट, शॉर्ट सर्किट या अर्थ फॉल्ट की सटीक दूरी का पता लगाती है। यह मशीन केबल के एक छोर से पल्स भेजती है। जहां भी फॉल्ट होता है, वहां से सिग्नल लौट आता है। इससे खराबी की सटीक दूरी (जैसे 50 मीटर या 2 किमी) स्क्रीन पर आ जाती है दूरी पता चलने के बाद, एक पिनपॉइंटर और अर्थ इम्पैक्ट रिसीवर के माध्यम से जमीन के ऊपर चलकर उस विशेष स्थान का पता लगाया जाता है जहां से फॉल्ट की आवाज या सिग्नल मिल रहा हो।
अंडरग्राउंड केबल फॉल्ट संबंधित समस्याओं का निपटारा शीघ्र हो सकेगा। कर्मियों को फॉल्ट ढूंढने में मशक्कत भी कम हो जाएगी। खास तौर नए गुरुग्राम और औद्योगिक क्षेत्र में केबल फॉल्ट को ढूंढने में समय लगता है। इससे फॉल्ट के कारण होने वाली बिजली कटौती में भी कमी आएगी।
- पीके चौहान, मुख्य अभियंता, बिजली निगम