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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Relief from sinking roads in Bhajanpura soon; Jal Board to replace old sewer line.

Delhi NCR News: भजनपुरा में धंसती सड़कों से जल्द मिलेगी राहत, पुरानी सीवर लाइन बदलेगा जल बोर्ड

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Sep 2026 04:40 PM IST
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45 दिन में पूरा होगा काम, एसएन-8 डबल-वॉल पाइपों का किया जाएगा इस्तेमाल
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अमर उजाला ब्यूरो

पूर्वी दिल्ली। भजनपुरा और आसपास के इलाकों में धंसती सड़कों और उफनती सीवर लाइनों की समस्या झेल रहे लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। दिल्ली जल बोर्ड ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के घोंडा विधानसभा क्षेत्र के साउथ गामड़ी इलाके में जर्जर सीवर लाइन बदलने की कवायद शुरू कर दी है। साढ़े चार पुश्ता और ए-ब्लॉक में पुरानी सीवर लाइन को हटाकर नई लाइन बिछाई जाएगी। परियोजना को 45 दिन में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस काम में पहली बार पारंपरिक कंक्रीट पाइपों के स्थान पर एसएन-8 स्ट्रक्चर्ड वॉल पॉलिथीन के डबल-वॉल पाइप इस्तेमाल किए जाएंगे। जल बोर्ड के तकनीकी अधिकारियों के मुताबिक, पुराने कंक्रीट पाइप लंबे समय तक सीवर के रासायनिक प्रभाव, नमी और जमीन के दबाव को सहन नहीं कर पाते। पाइप कमजोर होने के बाद उनके टूटने से आसपास की मिट्टी खिसकती है और सड़क धंसने की स्थिति बनती है। नए पाइप रासायनिक क्षरण और जंग से प्रभावित नहीं होते। ये जमीन के दबाव को बेहतर ढंग से सहन कर सकते हैं। इससे सीवर नेटवर्क की टिकाऊ क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
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निर्माण मलबे की होगी रीसाइक्लिंग
परियोजना में निर्माण के साथ पर्यावरण सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है। दिल्ली सरकार की ग्रीन कंस्ट्रक्शन पॉलिसी के तहत खोदाई से निकलने वाले कंक्रीट और मिट्टी के मलबे को अधिकृत रीसाइक्लिंग प्लांट भेजना अनिवार्य होगा। सीवर लाइन बिछाने के बाद गड्ढों की बैकफिलिंग में रीसाइकिल्ड कंक्रीट एग्रीगेट और प्रोसेस्ड मलबे का इस्तेमाल किया जाएगा।
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घनी आबादी में सुरक्षा के विशेष इंतजाम
घनी आबादी और संकरी गलियों को देखते हुए खुदाई वाले स्थान पर दो मीटर ऊंचे जीआई शीट बैरिकेड लगाए जाएंगे। लाल-सफेद रिफ्लेक्टिव पट्टियों से इन्हें चिह्नित किया जाएगा। आसपास के मकानों की नींव को नुकसान से बचाने के लिए एमएस प्लेट से ट्रेंच श्योरिंग की जाएगी। बारिश या लीकेज के पानी की निकासी के लिए 24 घंटे डीवाटरिंग पंप और जनरेटर सेट तैनात रहेंगे। जल बोर्ड का दावा है कि इन इंतजामों से निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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