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Delhi NCR News: नगर निकायों पर जिम्मेदारी, नई परियोजनाओं में ईवी चार्जिंग सुनिश्चित करनी होगी
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एमसीडी, एनडीएमसी समेत सभी एजेंसियां निभाएंगी अहम भूमिका
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार की ड्राफ्ट इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति 2026 में नगर निकायों और अन्य एजेंसियों की भूमिका को स्पष्ट करते हुए उन्हें चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके तहत राजधानी में बनने वाली सभी नई सिविल परियोजनाओं को ईवी-चार्जिंग-रेडी बनाना अनिवार्य होगा।
ड्राफ्ट नीति के अनुसार, नगर निगम (एमसीडी), नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड सहित सभी विभागों, स्वायत्त निकायों और भूमि स्वामित्व वाली एजेंसियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि नई परियोजनाओं में पर्याप्त विद्युत क्षमता और चार्जिंग सुविधाओं के लिए जरूरी प्रावधान पहले से मौजूद हों। इसके अलावा इन एजेंसियों को समय-समय पर ऐसे स्थानों की पहचान भी करनी होगी, जहां सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग सुविधाएं विकसित की जा सकें। नीति में कहा गया है कि इन संस्थाओं को चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और क्रियान्वयन में भी सक्रिय सहयोग देना होगा। सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार जरूरी है, ऐसे में नगर निकायों की भूमिका अहम होगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार की ड्राफ्ट इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति 2026 में नगर निकायों और अन्य एजेंसियों की भूमिका को स्पष्ट करते हुए उन्हें चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके तहत राजधानी में बनने वाली सभी नई सिविल परियोजनाओं को ईवी-चार्जिंग-रेडी बनाना अनिवार्य होगा।
ड्राफ्ट नीति के अनुसार, नगर निगम (एमसीडी), नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड सहित सभी विभागों, स्वायत्त निकायों और भूमि स्वामित्व वाली एजेंसियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि नई परियोजनाओं में पर्याप्त विद्युत क्षमता और चार्जिंग सुविधाओं के लिए जरूरी प्रावधान पहले से मौजूद हों। इसके अलावा इन एजेंसियों को समय-समय पर ऐसे स्थानों की पहचान भी करनी होगी, जहां सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग सुविधाएं विकसित की जा सकें। नीति में कहा गया है कि इन संस्थाओं को चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और क्रियान्वयन में भी सक्रिय सहयोग देना होगा। सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार जरूरी है, ऐसे में नगर निकायों की भूमिका अहम होगी।
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