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दवा घोटाले के बाद सरकार और अफसरों में टकराव की नौबत: सौरव भारद्वाज
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-आप नेता का आरोप कि टेंडर रद्द कर अफसर कर रहे पुरानी व्यवस्था बहाल, मंत्री का आदेश दरकिनार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि दिल्ली में 650 करोड़ रुपये के स्वास्थ्य घोटाले के बाद सरकार और नौकरशाही के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। उन्होंने दावा किया कि स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने मंत्री के पुराने आदेश को दरकिनार करते हुए नया आदेश जारी कर सभी टेंडर रद्द कर दिए हैं।
भारद्वाज के अनुसार, जून 2025 में भाजपा सरकार बनने के बाद मंत्री ने दवाओं के साथ सर्जिकल उपकरण और अन्य जरूरी सामग्री की खरीद भी सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (सीपीए) के माध्यम से कराने का आदेश दिया था। उनका आरोप है कि इसी व्यवस्था में अनियमितताएं सामने आईं और बाद में इसकी जिम्मेदारी अधिकारियों पर डाल दी गई।
आप नेता ने कहा कि नए आदेश में अस्पतालों को चादर, सर्जिकल उपकरण और अन्य सामग्री सीधे खरीदने की अनुमति दी गई है, जबकि सीपीए से केवल दवाएं खरीदी जाएंगी। उन्होंने इसे पुराने आदेश को पलटने वाला कदम बताते हुए कहा कि अधिकारी भविष्य में किसी घोटाले में फंसने से बचने के लिए पुरानी व्यवस्था लागू कर रहे हैं। भारद्वाज ने भाजपा सरकार से पूछा कि क्या मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार और नौकरशाही के बीच मतभेद बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आदेश सरकार के भीतर चल रही खींचतान का प्रमाण है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि दिल्ली में 650 करोड़ रुपये के स्वास्थ्य घोटाले के बाद सरकार और नौकरशाही के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। उन्होंने दावा किया कि स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने मंत्री के पुराने आदेश को दरकिनार करते हुए नया आदेश जारी कर सभी टेंडर रद्द कर दिए हैं।
भारद्वाज के अनुसार, जून 2025 में भाजपा सरकार बनने के बाद मंत्री ने दवाओं के साथ सर्जिकल उपकरण और अन्य जरूरी सामग्री की खरीद भी सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (सीपीए) के माध्यम से कराने का आदेश दिया था। उनका आरोप है कि इसी व्यवस्था में अनियमितताएं सामने आईं और बाद में इसकी जिम्मेदारी अधिकारियों पर डाल दी गई।
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आप नेता ने कहा कि नए आदेश में अस्पतालों को चादर, सर्जिकल उपकरण और अन्य सामग्री सीधे खरीदने की अनुमति दी गई है, जबकि सीपीए से केवल दवाएं खरीदी जाएंगी। उन्होंने इसे पुराने आदेश को पलटने वाला कदम बताते हुए कहा कि अधिकारी भविष्य में किसी घोटाले में फंसने से बचने के लिए पुरानी व्यवस्था लागू कर रहे हैं। भारद्वाज ने भाजपा सरकार से पूछा कि क्या मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार और नौकरशाही के बीच मतभेद बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आदेश सरकार के भीतर चल रही खींचतान का प्रमाण है।
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