दिल्ली दंगा केस में फैसला: आप का पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन दोषी करार, कोर्ट ने माना IB अधिकारी अंकित का हत्यारा
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के सांप्रदायिक दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा लापता हो गए थे। इसके अगले दिन उनका शव चांद बाग पुलिया के पास एक नाले से बरामद हुआ था, जिस पर चोटों के गहरे निशान थे।
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दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने वर्ष 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की बेरहमी से की गई हत्या के मामले में सोमवार को फैसला सुनाया है। अदालत ने आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को हत्या और आपराधिक साजिश रचने का दोषी करार दिया है।
ताहिर समेत कुल 11 लोग बनाए गए थे आरोपी
कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज प्रवीण कुमार ने इस हाई-प्रोफाइल मामले पर फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया। इस पूरे मामले में ताहिर हुसैन समेत कुल 11 आरोपी शामिल हैं, जिनके खिलाफ कोर्ट ने मार्च 2023 में हत्या, दंगा भड़काने और धार्मिक विद्वेष फैलाने जैसी संगीन धाराओं के तहत आरोप तय किए थे।
क्या था पूरा मामला?
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के सांप्रदायिक दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा लापता हो गए थे। इसके अगले दिन उनका शव चांद बाग पुलिया के पास एक नाले से बरामद हुआ था, जिस पर चोटों के गहरे निशान थे। अंकित शर्मा के पिता की शिकायत पर दयालपुर थाने में ताहिर हुसैन और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, दंगाइयों की भीड़ को उकसाने और इस पूरी साजिश के पीछे ताहिर हुसैन की मुख्य भूमिका थी। अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद अब जल्द ही दोषियों की सजा की अवधि पर बहस होगी।
दफ्तर से लौटने के बाद हुई थी वारदात
अंकित शर्मा के पिता रविंद्र कुमार की शिकायत के अनुसार, अंकित शर्मा 25 फरवरी, 2020 को दफ्तर से घर लौटे थे, लेकिन कुछ देर बाद फिर से बाहर निकल गए। काफी देर तक जब वह वापस नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। इस दौरान स्थानीय लोगों ने बताया कि अंकित की हत्या कर दी गई है और उनका शव चांद बाग पुलिया इलाके की एक मस्जिद के पास स्थित खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया है। बाद में शव बरामद भी कर लिया गया था।