New Year: दिल्ली में नए साल का पहला दिन आस्था के नाम, ईश्वर का ध्यान कर नए संकल्प के साथ हुई 2026 की शुरुआत
साल के पहले दिन शहरभर में आस्था का उत्सव देखने को मिला। पौ फटते ही मंदिरों, मस्जिदों, गिरजाघरों और गुरुद्वारों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।
विस्तार
नव वर्ष 2026 का स्वागत लोगों ने ईश्वर का स्मरण और नए संकल्प के साथ किया। साल के पहले दिन शहरभर में आस्था का उत्सव देखने को मिला। पौ फटते ही मंदिरों, मस्जिदों, गिरजाघरों और गुरुद्वारों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। लोगों ने अपने-अपने आराध्य के दर पर माथा टेककर शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की। नए साल की शुरुआत आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ की।
कनॉट प्लेस स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में तड़के से लंबी कतार देखने को मिलीं। भीड़ इतनी अधिक थी कि दर्शनार्थियों की कतार मंदिर से निकलकर कॉनॉट प्लेस की सड़कों तक पहुंच गई। यही हाल गणेश जी मंदिर, गोल मार्केट स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर, झंडेवाला मंदिर और कालकाजी मंदिर का भी रहा, जहां दिन भर भक्तों का आना-जाना लगा रहा। इस्कॉन द्वारका में जेएनयू के प्रोफेसर और इस्कॉन द्वारका से जुड़े प्रचारक प्रो. अमल कृष्ण दास ने परंपरा और आधुनिकता के अनूठे संगम के साथ कीर्तन प्रस्तुत किया।
गोल डाकखाना स्थित सेक्रेड हार्ट कैथेड्रल चर्च में लोग अपने परिवार के साथ प्रार्थना के लिए पहुंचे। गुरुद्वारा बंगला साहिब में भारी संख्या में संगत उमड़ी और मत्था टेककर अरदास की और लंगर में सेवा भाव से हिस्सा लिया। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने बताया कि नए वर्ष पर कमेटी के अधीन लगभग सभी प्रमुख गुरुद्वारों में विशेष कीर्तन समागम आयोजित किए गए।
दुकानदारों ने दाम किए दोगुने...
कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि भारी भीड़ देखते हुए खाने-पीने की दुकान लगाने वालों ने रेट दुगने कर दिए। सामान्य दिनों में जो ब्रेड पकोड़े 15 से 20 रुपये के मिलते थे वह एक नए साल पर 40 से 80 रुपये के मिले। 20 रुपये की प्लेट 50 रूपये जबकि 20 की कचौड़ी के दाम 40 रुपये पीस लिए गए। चाय 10 रुपये से 20, पानी की बोतल भी 30 से 35 रुपये में बिकी। जूस गिलास जो आम दिनों में 40 रुपये में मिलता था उसके दाम 60 से 70 रुपये कर दिए गए।
25 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे चिड़ियाघर
साल के पहले ही दिन चिड़ियाघर में कुल 25,111 लोग पहुंचे। बीते साल एक जनवरी को 25,346 पर्यटक चिड़ियाघर पहुंचे थे। चिड़ियाघर प्रशासन की ओर से आगंतुकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। इसके अलावा बड़े जानवरों के बाड़े के बाहर सिक्योरिटी गार्ड ज्यादा संख्या में तैनात रहें।
नए साल पर मेट्रो में उमड़ी भीड़, यात्री हुए परेशान
नए साल के जश्न का असर बृहस्पतिवार को दिल्ली मेट्रो में भी साफ दिखाई दिया। दोपहर बाद से ही शहर के कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ जुटने लगी। हालात ऐसे हो गए कि कई बार सुरक्षाकर्मियों को प्लेटफॉर्म पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए यात्रियों को स्टेशन के बाहर ही रोकना पड़ा। राजीव चौक, पटेल चौक, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन, आईटीओ और जनपथ जैसे व्यस्त मेट्रो स्टेशन सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। शाम ढलते ही हालात और बिगड़ गए और मेट्रो स्टेशनों के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लग गईं। दिल्ली मेट्रो प्रशासन और सुरक्षाकर्मी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए थे और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए। देर रात तक प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही बनी रही।
रूहानी शुरुआत, चादर और फूलों से महकी दरगाह
नए साल की सुबह हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह का मंजर रूहानी सुकून और गहरी आस्था से सराबोर नजर आया। यहां की फिजाओं में गुलाब के फूलों की महक और कव्वालियों की धीमी गूंज घुली हुई थी। दरगाह के बाहर गलियों में कदम रखते ही चारों तरफ लोगों का हुजूम लगा रहा। हर तरफ रंग-बिरंगी फूलों की टोकरियां और मखमली चादरें लिए लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे। भीड़ इतनी थी कि लंबी कतारें लगी रहीं, अकीदतमंदों के चेहरे पर थकान की बजाय रूहानी चमक नजर आ रही थी।
जेन जी ने अपनों के साथ नए साल का किया स्वागत
डीजे की तेज आवाज, भीड़ से भरे क्लब और आधी रात के शोर, नया साल मनाने की यह तस्वीर बदल रही है। दिल्ली में जेन जी ने 2026 की शुरुआत अलग ढंग से की, जहां जश्न का मतलब सिर्फ पार्टी नहीं, बल्कि अपनापन, सुकून और खुद के साथ समय बन गया है। 31 दिसंबर की आधी रात, जब क्लबों के बाहर लंबी लाइनें और सड़कों पर पुलिस की बैरिकेडिंग थी, तब शहर के भीतर एक और कहानी लिखी जा रही थी। इस बार जेन जी ने नया साल दिखाने के लिए खुद, दोस्तों और परिवार संग जीने के लिए मनाया।
न डीजे की अनिवार्यता, न क्लब में घुसने की होड़। किसी के लिए नया साल कॉफी मग तो किसी ने छत पर ठंडी हवा के संग मनाया। कुछ दोस्तों के साथ गपशप और साल को समझने तो किसी ने परिवार संग बचपन की यादें ताजा कीं। कुछ युवा सेंट्रल पार्क में खिलखिलाते हुए नजर आए। वहीं बड़ी संख्या में मिलेनियल्स ने हौज खास, साउथ एक्स, साकेत और कनॉट प्लेस के कैफे में नए साल का जश्न मनाया।
घर बना वेन्यू
महंगे होटल पैकेज, 10–15 हजार की एंट्री और कैब की आसमान छूती कीमतों से दूर, जेन जी ने घरों को पार्टी स्पेस बना लिया। खुद की प्लेलिस्ट, घर का खाना और सीमित लोगों के साथ छोटा सा जश्न। धीमे गानों पर खूब झूमें और ऑनलाइन खाना मंगवाकर दोस्तों के साथ पूरी रात न्यू ईयर रेजुलेशन प्लान पर चर्चा की। इस बार शराब पीने के बाद गाड़ी नहीं चलाने का फैसला, देर रात अकेले नहीं निकलने की समझ और भीड़ से बचने की सोच...ये सब जेन जी के नए साल रिजोल्यूशन का हिस्सा बनते दिखे।
स्टोरी पोस्ट नहीं, उन पलों को जिया
इंस्टाग्राम और स्नैपचैट पर हैप्पी न्यू ईयर की बाढ़ जरूर आई, लेकिन कई युवाओं ने कैमरा नीचे रखकर पल को महसूस किया। कुछ ने जानबूझकर मोबाइल साइलेंट कर दिया ताकी साल की शुरुआत बिना नोटिफिकेशन के हो सके। जेन जी के लिए 2025 की आखिरी रात साफ कह गई नए साल से जश्न अब शोर नहीं, संतुलन है। ज्यादा नहीं कुछ लोग ही सही।
युवाओं ने कॉफी शॉप में लिए नए प्रण
कई युवाओं ने कॉफी शॉप में नए साल के रेजुलेशन प्लान को लेकर ब्योरा बनाया, तो कईयों ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में दोस्तों के साथ बैठकर छोटे-छोटे पल समेटें। कॉलेज स्टूडेंट आरव कहते हैं, कि हर साल लगता था पार्टी करनी जरूरी है। कनॉट प्लेस में दोस्तों के साथ घूमने आए प्रियांश ने कहा, कि हम जेन जी बस यूं ही बदनाम हैं। अगर देखा जाए तो क्लब और बार में सबसे ज्यादा भीड़ मिलेनियल्स की है।
शाम को राजधानी में रही रौनक
साल के पहले दिन शाम होते होते दिल्ली के प्रमुख बाजारों और पर्यटन स्थलों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कनॉट प्लेस, इंडिया गेट, चांदनी चौक, साउथ एक्स, करोल बाग जैसे इलाकों में लोगों का हुजूम देखने को मिला। खासतौर पर कनॉट प्लेस और इंडिया गेट पर युवाओं और परिवारों की संख्या अधिक रही। कई लोग वहां घूमते नजर आए तो कुछ ने फोटो खिंचवाकर इस खास दिन को यादगार बनाया। ठंड व जाम से बचने के लिए कुछ लोगों ने घर में अपने परिवार के साथ म्यूजिकल पार्टी का आयोजन किया। कई लोग इस खास मौके को सेलिब्रेट करने के लिए होटल और रेस्त्रां डिनर करने पहुंचे। लोधी रोड़ निवासी हर्ष ने परिवार के साथ बाहर पार्टी कर रहे हैं। साकेत निवासी पवन ने बताया कि सुबह मंदिर गए और पूजा अर्चना की।
नए साल पर युवाओं ने खुद से किया वादा
- हर माह अनाथालय जाकर बच्चों को भोजन कराने का संकल्प लिया है। पहले बेरोजगार था अब नौकरी मिल गई है तो कमाई का एक हिस्सा जरूरतमंद लोगों की मदद में लगाएंगे। -विवेक, उत्तम नगर
- नए साल से प्लास्टिक का उपयोग नहीं करूंगी। अब बाजार जाते समय कपड़े का थैला लेकर जाऊंगी। प्लास्टिक से होने वाला प्रदूषण आने वाली पीढ़ियों के लिए खतरा है। - निशा टांक, आरके पुरम
- नए साल में मेहनत और अनुशासन के साथ पढ़ाई करूंगा ताकि बीते साल में जिन लक्ष्यों को पूरा नहीं कर सका उन्हें इस साल हासिल कर लूं। - अरुण, करावल नगर
- बढ़ते प्रदूषण के बीच सुबह की सैर और योग बंद कर दिया था, लेकिन अब वे फिर से इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करेंगे। साथ ही परिजनों को भी योग करने के लिए प्रेरित करेंगे। - जितेंद्र, गोयला डेयरी
नववर्ष के रंग में रंगी राजधानी, इंडिया गेट और सीपी के सेंट्रल पार्क में उमड़ी भीड़
नववर्ष पर राजधानी दिल्ली का माहौल पूरी तरह भीड़ भाड़ वाला नजर आया लोग परिवार, बच्चों और मित्रों के साथ प्रमुख स्थलों घू्मते दिखे। चारों ओर हंसी-खुशी, उत्साह और नए साल की उमंग दिखाई दी। इंडिया गेट पर सुबह के समय से पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही शुरू हो गई। लोग तिरंगे के साए में यादगार तस्वीरें खिंचवाते, बच्चों के साथ सैर करते और एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं देते नजर आए। बच्चों के लिए यह दिन खास रहा, वहीं बुजुर्गों ने भी परिवार संग समय बिताकर साल की अच्छी शुरुआत की। इंडिया गेट और सेंट्रल पार्क लोगों के लिए जश्न का केंद्र बने रहे और नए साल की शुरुआत यादगार बन गई।