{"_id":"69da5a73004409f6d90ff92c","slug":"the-threat-of-silent-dehydration-is-rapidly-rising-delhi-ncr-news-c-340-1-del1004-131840-2026-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: तेजी से बढ़ रहा साइलेंट डिहाइड्रेशन का खतरा, किडनी हो रही प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: तेजी से बढ़ रहा साइलेंट डिहाइड्रेशन का खतरा, किडनी हो रही प्रभावित
विज्ञापन
विज्ञापन
कामकाजी लोगों और युवाओं में ज्यादा देखी जा रही समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। शहरों में तेजी से बदलती जीवनशैली और बढ़ती गर्मी के बीच साइलेंट डिहाइड्रेशन एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनकर उभर रहा है। आमतौर पर देखा जा रहा है कि शरीर में पानी की कमी अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बनी रहती है, जिसे लोग नजरअंदाज कर देते हैं। हल्की थकान, सिरदर्द और चक्कर जैसे संकेतों को आम कमजोरी मानकर टाल दिया जाता है, जबकि ये डिहाइड्रेशन के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक शरीर में पानी की कमी रहने से किडनी, पाचन तंत्र और त्वचा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। विशेष रूप से कामकाजी लोगों और युवाओं में यह समस्या ज्यादा देखी जा रही है।
गुरु तेग बहादुर अस्पताल के एडिशनल मेडिकल सुपरिंटेंडेंट का कहना है कि साइलेंट डिहाइड्रेशन आज के समय में तेजी से बढ़ रही समस्या है। कई मरीज सामान्य कमजोरी समझकर इलाज में देरी कर देते हैं, जिससे समस्या बढ़ जाती है।
कैसे करें बचाव
हर 1-2 घंटे पर थोड़ा-थोड़ा पानी पीएं ।
गर्मियों में नारियल पानी, नींबू पानी और फल लें।
ज्यादा देर धूप में रहने से बचें।
कैफीन और मीठे ड्रिंक्स का सेवन कम करें।
इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
लगातार थकान महसूस होना।
सिरदर्द और चक्कर आना।
मुंह सूखना और पेशाब कम आना।
त्वचा का रूखा होना।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। शहरों में तेजी से बदलती जीवनशैली और बढ़ती गर्मी के बीच साइलेंट डिहाइड्रेशन एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनकर उभर रहा है। आमतौर पर देखा जा रहा है कि शरीर में पानी की कमी अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बनी रहती है, जिसे लोग नजरअंदाज कर देते हैं। हल्की थकान, सिरदर्द और चक्कर जैसे संकेतों को आम कमजोरी मानकर टाल दिया जाता है, जबकि ये डिहाइड्रेशन के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक शरीर में पानी की कमी रहने से किडनी, पाचन तंत्र और त्वचा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। विशेष रूप से कामकाजी लोगों और युवाओं में यह समस्या ज्यादा देखी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गुरु तेग बहादुर अस्पताल के एडिशनल मेडिकल सुपरिंटेंडेंट का कहना है कि साइलेंट डिहाइड्रेशन आज के समय में तेजी से बढ़ रही समस्या है। कई मरीज सामान्य कमजोरी समझकर इलाज में देरी कर देते हैं, जिससे समस्या बढ़ जाती है।
कैसे करें बचाव
हर 1-2 घंटे पर थोड़ा-थोड़ा पानी पीएं ।
गर्मियों में नारियल पानी, नींबू पानी और फल लें।
ज्यादा देर धूप में रहने से बचें।
कैफीन और मीठे ड्रिंक्स का सेवन कम करें।
इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
लगातार थकान महसूस होना।
सिरदर्द और चक्कर आना।
मुंह सूखना और पेशाब कम आना।
त्वचा का रूखा होना।