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जंतर-मंतर प्रदर्शन: पुलिस अफसरों पर तीन महिला पत्रकारों ने लगाए यौन उत्पीड़न के आरोप, क्राइम ब्रांच करेगी जांच

Mon, 05 Oct 2026 06:43 AM IST
Vijay Singh Pundir अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: Vijay Singh Pundir Updated Mon, 05 Oct 2026 06:43 AM IST
सार

तीन महिला पत्रकारों ने जंतर-मंतर पर 3 अक्तूबर को हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इस मामले को दिल्ली पुलिस ने जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है।

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Three female journalists have leveled serious allegations against Delhi Police officers
Delhi police - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शनिवार को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि नई दिल्ली स्थित थाने को उनकी शिकायते मिल गई हैं और निष्पक्ष जांच के लिए इन्हें क्राइम ब्रांच को भेज दिया गया है।  वहीं इस मामले में आप नेता सौरभ भारद्वाज ने पुलिस अधिकारी के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

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दिल्ली पुलिस ने एक्स पर लिखे एक पोस्ट में बताया कि 3 अक्टूबर को नई दिल्ली इलाके में विरोध-प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की स्थिति के बीच तीन महिला पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। पुलिस को उनकी शिकायतें मिली हैं और निष्पक्ष जांच के लिए इन शिकायतों को क्राइम ब्रांच को भेज दिया गया है।
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पीड़िता ने बताया
पीड़िता ने कहा कि नेहा बोरा के विरोध-प्रदर्शन के दौरान, जब उन्हें हिरासत में लिया जा रहा था, तो मैं उस घटना का वीडियो बना रही थी। मैंने देखा कि उस समय वहां कोई महिला कॉन्स्टेबल मौजूद नहीं थी। अपने वीडियो में मैंने सवाल उठाया कि जब एक महिला को हिरासत में लिया जा रहा है, तो वहां कोई महिला कॉन्स्टेबल क्यों नहीं है। वहां मौजूद एसीपी विवेक भगत ने मेरी तरफ देखा और मेरी छाती पकड़कर मुझे धक्का दिया। मैंने उनकी यूनिफॉर्म पकड़कर उन्हें पीछे धकेला। वह बदतमीजी से बात करते रहे, लेकिन जब उन्हें एहसास हुआ कि मैं पीछे नहीं हटूंगी, तो वह तेजी से महिला कॉन्स्टेबलों की ओर बढ़े और उन्हें मुझे घेरने का आदेश दिया। फिर वह वहां से चले गए। बाद में, जब नेहा बोरा को दोबारा हिरासत में लिया जा रहा था, तो मैं उस घटना को रिकॉर्ड करने के लिए वहां पहुंची। मैंने पाया कि मैं उसी पुलिस अधिकारी के ठीक बगल में खड़ी थी। उन्होंने महिला कॉन्स्टेबल को निर्देश दिया कि मुझे उनके पास न आने दिया जाए। तब वह महिला कॉन्स्टेबल मेरा रास्ता रोकने के लिए आगे आ गई। मेरे साथ दूसरी महिला पत्रकार भी थीं; मैंने उन्हें उस घटना के बारे में बताया जो मेरे साथ हुई थी। फिर हमने उन्हें ढूंढा और उनके पास जाकर उनसे उनके गलत व्यवहार के लिए माफी मांगने को कहा। उन्होंने माफी मांगने से इनकार कर दिया। हम सबने मिलकर उनके गलत व्यवहार का हवाला देते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की। कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई, जबकि कानून के मुताबिक यौन उत्पीड़न के मामलों में रिपोर्ट दर्ज करना जरूरी है। मेरी मांग है कि एसीपी विवेक भगत कैमरे के सामने माफी मांगें और अपनी हरकत को स्वीकार करें, और इस गलत व्यवहार के लिए उन्हें वैसी ही सजा मिले जैसी किसी भी दोषी को मिलनी चाहिए।
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एसीपी विवेक भगत पर एफआईआर की मांग
पार्लियामेंट स्ट्रीट पर सौरभ भारद्वाज और आप नेताओं ने एसीपी विवेक भगत के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। उन्होंने महिला पत्रकार के साथ कथित बदसलूकी के मामले में पुलिस अधिकारी के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
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