सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Various misconceptions regarding autism still persist in society

Health: ऑटिज्म को लेकर समाज में अब भी कई तरह की गलतफहमियां कायम, बच्चे पर ध्यान देकर थेरेपी से सुधार संभव

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 05 Apr 2026 03:47 AM IST
विज्ञापन
सार

अधिकतर लोग इसे बीमारी मानते हैं, जबकि विशेषज्ञों के अनुसार यह एक न्यूरो डेवलपमेंटल कंडीशन है, जिसमें बच्चे अलग तरीके से सोचते और व्यवहार करते हैं। जागरूकता की कमी से ऐसे बच्चों के परिवारों को सामाजिक और मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

Various misconceptions regarding autism still persist in society
demo - फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन

विस्तार

ऑटिज्म को लेकर समाज में अब भी कई तरह की गलतफहमियां हैं। अधिकतर लोग इसे बीमारी मानते हैं, जबकि विशेषज्ञों के अनुसार यह एक न्यूरो डेवलपमेंटल कंडीशन है, जिसमें बच्चे अलग तरीके से सोचते और व्यवहार करते हैं। जागरूकता की कमी से ऐसे बच्चों के परिवारों को सामाजिक और मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

Trending Videos


विशेषज्ञ बताते हैं कि ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों में बोलने में देरी, सामाजिक संपर्क में कमी और व्यवहार में भिन्नता जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। यदि इन संकेतों को समय रहते पहचान लिया जाए तो थेरेपी और विशेष प्रशिक्षण से बच्चों के विकास में काफी सुधार संभव है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रभावित बच्चों के अनुसार व्यवहार की जरूरत
मानव व्यवहार एवं संबद्ध संस्थान के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. ओम प्रकाश का कहना है कि ऐसे बच्चों को समझने और उनके अनुसार व्यवहार करने की जरूरत होती है। अगर माता-पिता और शिक्षक समय पर ध्यान दें और विशेषज्ञों की मदद लें तो ये बच्चे अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ऑटिज्म से जुड़े मामलों में परिवार, स्कूल और सरकार तीनों की जिम्मेदारी अहम है। जागरूकता अभियान, बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और समावेशी शिक्षा प्रणाली से ही इन बच्चों को मुख्यधारा में लाया जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed