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Delhi NCR News: पानी में डूबा लघु सचिवालय व्यवस्था से कर रहा सवाल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 14 Aug 2026 12:15 AM IST
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Waterlogged Mini-Secretariat questions the system.
लघु सचिवालय के बेसमेंट में भरा पानी।
जहां से पूरे जिले की व्यवस्था चलती है, वहीं नहीं हो पाई पानी की निकासी
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। नूंह में बारिश के बाद जलभराव की समस्या अब प्रशासन के अपने दरवाजे तक पहुंच गई है। जिले के सबसे बड़े प्रशासनिक केंद्र लघु सचिवालय के बेसमेंट में पिछले पांच- छह दिनों से बारिश का पानी जमा है। यह स्थिति केवल जलभराव नहीं, बल्कि शहर की ड्रेनेज व्यवस्था की उस कमजोरी को सामने ला रही है, जिसका खामियाजा आम लोग लंबे समय से भुगत रहे हैं।

लघु सचिवालय में जिले के वरिष्ठ अधिकारी बैठते हैं और यहीं से विकास, सड़क, जल निकासी और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी की जाती है। ऐसे में प्रशासनिक भवन के बेसमेंट से पांच-छह दिन बाद भी पानी बाहर नहीं निकल पाना व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
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अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति ने नूंह के ड्रेनेज नेटवर्क में खामियां होने की बात स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर पानी की निकासी के लिए पर्याप्त ग्रेडियंट यानी ढलान नहीं है। इसी वजह से पानी आगे नहीं बढ़ पाता और निचले हिस्सों में जमा हो जाता है।
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मॉडल संस्कृति स्कूल से टी-पॉइंट तक निरीक्षण के दौरान भी अधिकारियों को ऐसी स्थिति मिली, जहां कुछ दूरी पर जमीन सूखी थी, जबकि दूसरी जगह पानी जमा था।

एडीसी ने कहा कि जहां सामान्य तरीके से पानी की निकासी संभव नहीं होगी, वहां पंप लगाकर पानी बाहर निकाला जाएगा।
कोट
प्रशासन को अस्थायी तौर पर पानी निकालने के साथ-साथ ड्रेनेज की स्थायी व्यवस्था करनी चाहिए। -हाजी साबिर हुसैन, पूर्व सरपंच, मालब
अगर जिले के मुख्य प्रशासनिक कार्यालय में ही जलभराव है तो लोगों की परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है। -फारुख अब्दुल्लाह, अधिवक्ता
हर बारिश के बाद यही स्थिति होती है। अब समय आ गया है कि ड्रेनेज नेटवर्क का स्थायी समाधान निकाला जाए। -आसिफ अली चंदेनी, समाजसेवी
बारिश से पहले पर्याप्त तैयारी होनी चाहिए थी। पांच दिन तक पानी जमा रहना व्यवस्था की गंभीर खामी को दर्शाता है। -हिदायत खान कमांडो, समाजसेवी
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