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West Asia Crisis: युद्ध की आंच में नुकसान उठा रहे फुटकर व्यापारी, चुका रहे हैं ज्यादा; ग्राहक हो रहे कम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 05 Apr 2026 03:56 AM IST
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सार
युद्ध की आंच में फुटकर व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि बाजारों में हार्ड कोयला जो पहले 30 रुपये मिलता था, वो अब 40 रुपये में मिल रहा है, जबकि सॉफ्ट कोयला जो पहले 40 रुपये में मिलता था, वो अब 70 रुपये में मिल रहा है।
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- फोटो : ANI
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विस्तार
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर एलपीजी गैस पर तो हो ही रहा है। इसके अलावा इसका असर अब लकड़ी और कोयले तक पहुंच गया। कोयले और लकड़ी के दामों में 75 फीसदी तक इजाफा हो गया है। ऐसे में युद्ध की आंच में फुटकर व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि बाजारों में हार्ड कोयला जो पहले 30 रुपये मिलता था, वो अब 40 रुपये में मिल रहा है, जबकि सॉफ्ट कोयला जो पहले 40 रुपये में मिलता था, वो अब 70 रुपये में मिल रहा है।
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लक्ष्मी नगर मेट्रो स्टेशन स्थित लिट्टी बेचने वाले अनिल कुमार यादव ने बताया कि युद्ध की वजह से उनके दुकानों पर ग्राहक कम हो गए हैं। ज्यादातर ग्राहक उनके दिल्ली से अपने गांव लौट गए हैं। पहले उनके पास विद्यार्थियों की संख्या अधिक होती थी, लेकिन अब विद्यार्थी कम आ रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि कोयले के दामों में भी इजाफा हो गया है। पहले जो कोयला उन्हें 30 रुपये में मिलता था, वही कोयला अब उन्हें 40 रुपये से लेकर 50 रुपये में मिलता है। उन्होंने बताया कि एक तरफ तो कोयला महंगा मिल रहा है, लेकिन लिट्टी का दाम आज भी 40 रुपये प्लेट है। ऐसे में उन्हें कम मुनाफा हो रहा है।
शकरपुर स्थित शाकाहारी ढाबा चलाने वाली अनीता द्विवेदी ने बताया कि पहले वह एलपीजी सिलिंडर से ही खाना बनाती थी, लेकिन एलपीजी की किल्लत और कालाबाजारी होने से कुछ खाने वह अब कोयले पर पका रही है, लेकिन कोयले का दाम भी बढ़ता जा रहा है।
ऐसे में वह चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि युद्ध से पहले लकड़ी का कोयला बाजारों में 35 रुपये से लेकर 40 रुपये में मिल जाता था, लेकिन एलपीजी संकट के बाद अचानक कोयले की मांग बढ़ गई। इसी वजह से कोयले की कीमत भी बढ़ गई। यही कोयला अब 70 रुपये से लेकर 80 रुपये में खरीदना पड़ रहा है।
दाम बढ़े तो कम हो जाएंगे ग्राहक
निर्माण विहार मेट्रो स्टेशन स्थित लिट्टी की दुकान लगाने वाले शंकर लाल ने बताया कि कोयले की कीमतें बढ़ गई हैं। बाजार में कोयला 70 रुपये किलो मिल रहा है। इसके बावजूद भी लिट्टी समान कीमत पर बेचना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि अगर लिट्टी के दाम में इजाफा हो जाएगा, तो ग्राहक पहले से भी और अधिक कम हो जाएंगे।