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Delhi News: कालिंदी कुंज ब्रिज और शाहदरा आउटफाल ड्रेन की जमीन से हटेंगे बिना अनुमति वाले 15 अवैध यूनीपोल
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सालों से बिना अनुमति सरकारी जमीन पर चल रहा था अवैध विज्ञापन का खेल
अब प्रशासन 1.79 लाख खर्च कर इन यूनीपोल को यहां से हटाएगा
आदित्य पाण्डेय
नई दिल्ली।
कालिंदी कुंज ब्रिज और शाहदरा आउटफाल ड्रेन की सरकारी जमीन पर सालों से बिना अनुमति खड़े 15 विशालकाय यूनीपोल अब हटाए जाएंगे। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने इन अवैध विज्ञापन ढांचों को हटाने और इनसे निकले कबाड़ को नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू की है। विभाग इनको हटाने के लिए अब करीब 1.79 लाख रुपये खर्च करने जा रहा है।
प्रशासन ने जानकारी दी है कि इससे सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाएगा, वहीं इस व्यस्त मार्ग पर सुरक्षा जोखिम भी कम होंगे लेकिन विभागीय दस्तावेजों से पता चला है कि शाहदरा आउटफाल ड्रेन और कालिंदी कुंज ब्रिज क्षेत्र में विज्ञापन एजेंसियों ने बिना किसी पूर्व अनुमति के 15 यूनीपोल स्थापित कर दिए थे। ये भारी-भरकम ढांचे लंबे समय से सरकारी जमीन का इस्तेमाल कर रहे थे। सवाल यह भी उठ रहा है कि इतने बड़े ढांचे लगाने के दौरान संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था कहां थी। यूनीपोल लगाने के लिए भारी मशीनरी और क्रेन की जरूरत होती है, इसके बावजूद इनका वर्षों तक बने रहना प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है। अब विभाग ने इन्हें अनधिकृत घोषित कर हटाने की प्रक्रिया शुरू की है।
7 दिन में पूरी होगी हटाने की तैयारी
विभाग ने यूनीपोल हटाने और इसकी नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीद है कि 25 जून तक ठेकेदार तय हो जाएगा। इन्हें सात दिन में हटाने की तैयारी हो रही है। कालिंदी कुंज रूट पर ट्रैफिक बाधित न हो, इसके लिए नियम तय किए गए हैं। तय एजेंसी को काम की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद संबंधित एजेंसी या ठेकेदार ट्रैफिक पुलिस से बात करेगा और पुलिस के सहयोग से इस रूट पर काम चालू होगा। काम मिलने के दो दिन के भीतर ठेकेदार को काम शुरू करना होगा और फिर सात दिन में काम पूरा करना होगा। विभाग की ओर से इन विशाल ढांचों को हटाने के दौरान सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। ठेकेदार को ट्रैफिक पुलिस से अनुमति लेने के अलावा बिजली हादसों से बचने के लिए सभी कनेक्शन मुख्य लाइन से काटकर सुरक्षित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। कार्यस्थल पर बैरिकेडिंग, सावधानी बोर्ड और लाल झंडे लगाने होंगे, ताकि राहगीरों और वाहन चालकों को खतरा न हो।
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हटाने के बाद साफ करना होगा पूरा क्षेत्र
ठेकेदार यूनीपोल हटाने के बाद मलबा और लोहे के स्क्रैप को मौके से हटाएंगे। काम शुरू होने और पूरा होने से पहले और बाद की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी होगी और विभाग को भेजी जाएगी। हटाए गए स्क्रैप की वजन पर्ची जमा करनी होगी। साथ ही, पूरे अभियान के दौरान किसी पेड़ को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं होगी। विभाग का दावा है कि इस कार्रवाई से शाहदरा ड्रेन और कालिंदी कुंज क्षेत्र अधिक सुरक्षित और साफ-सुथरा बनाया जा सकेगा।
अब प्रशासन 1.79 लाख खर्च कर इन यूनीपोल को यहां से हटाएगा
आदित्य पाण्डेय
नई दिल्ली।
कालिंदी कुंज ब्रिज और शाहदरा आउटफाल ड्रेन की सरकारी जमीन पर सालों से बिना अनुमति खड़े 15 विशालकाय यूनीपोल अब हटाए जाएंगे। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने इन अवैध विज्ञापन ढांचों को हटाने और इनसे निकले कबाड़ को नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू की है। विभाग इनको हटाने के लिए अब करीब 1.79 लाख रुपये खर्च करने जा रहा है।
प्रशासन ने जानकारी दी है कि इससे सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाएगा, वहीं इस व्यस्त मार्ग पर सुरक्षा जोखिम भी कम होंगे लेकिन विभागीय दस्तावेजों से पता चला है कि शाहदरा आउटफाल ड्रेन और कालिंदी कुंज ब्रिज क्षेत्र में विज्ञापन एजेंसियों ने बिना किसी पूर्व अनुमति के 15 यूनीपोल स्थापित कर दिए थे। ये भारी-भरकम ढांचे लंबे समय से सरकारी जमीन का इस्तेमाल कर रहे थे। सवाल यह भी उठ रहा है कि इतने बड़े ढांचे लगाने के दौरान संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था कहां थी। यूनीपोल लगाने के लिए भारी मशीनरी और क्रेन की जरूरत होती है, इसके बावजूद इनका वर्षों तक बने रहना प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है। अब विभाग ने इन्हें अनधिकृत घोषित कर हटाने की प्रक्रिया शुरू की है।
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7 दिन में पूरी होगी हटाने की तैयारी
विभाग ने यूनीपोल हटाने और इसकी नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीद है कि 25 जून तक ठेकेदार तय हो जाएगा। इन्हें सात दिन में हटाने की तैयारी हो रही है। कालिंदी कुंज रूट पर ट्रैफिक बाधित न हो, इसके लिए नियम तय किए गए हैं। तय एजेंसी को काम की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद संबंधित एजेंसी या ठेकेदार ट्रैफिक पुलिस से बात करेगा और पुलिस के सहयोग से इस रूट पर काम चालू होगा। काम मिलने के दो दिन के भीतर ठेकेदार को काम शुरू करना होगा और फिर सात दिन में काम पूरा करना होगा। विभाग की ओर से इन विशाल ढांचों को हटाने के दौरान सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। ठेकेदार को ट्रैफिक पुलिस से अनुमति लेने के अलावा बिजली हादसों से बचने के लिए सभी कनेक्शन मुख्य लाइन से काटकर सुरक्षित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। कार्यस्थल पर बैरिकेडिंग, सावधानी बोर्ड और लाल झंडे लगाने होंगे, ताकि राहगीरों और वाहन चालकों को खतरा न हो।
हटाने के बाद साफ करना होगा पूरा क्षेत्र
ठेकेदार यूनीपोल हटाने के बाद मलबा और लोहे के स्क्रैप को मौके से हटाएंगे। काम शुरू होने और पूरा होने से पहले और बाद की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी होगी और विभाग को भेजी जाएगी। हटाए गए स्क्रैप की वजन पर्ची जमा करनी होगी। साथ ही, पूरे अभियान के दौरान किसी पेड़ को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं होगी। विभाग का दावा है कि इस कार्रवाई से शाहदरा ड्रेन और कालिंदी कुंज क्षेत्र अधिक सुरक्षित और साफ-सुथरा बनाया जा सकेगा।