बड़ा फैसला: ग्रुप 'C' पदों पर पूर्व-अग्निवीरों के लिए मिलेगा 20 प्रतिशत आरक्षण; उपराज्यपाल संधू का निर्देश
दिल्ली के LG संधू ने कॉन्स्टेबल, फायरमैन, जेल वार्डन और फॉरेस्ट गार्ड की भर्ती में पूर्व अग्निवीर के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का निर्देश दिया है। संधू ने 'X' पर एक पोस्ट में कहा कि यह पहल भारत सरकार के विज़न के अनुसार लागू की जा रही है।
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दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया। उन्होंने पुलिस कॉन्स्टेबल, फायरमैन, फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डन और वाइल्डलाइफ गार्ड जैसे ग्रुप 'C' पदों पर आरक्षण की घोषणा की। यह आरक्षण पूर्व-अग्निवीरों के लिए 20 फीसदी होगा।
संधू ने मुख्य सचिव, दिल्ली पुलिस आयुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की। इस बैठक में उन्होंने दिल्ली के सरकारी विभागों में पूर्व-अग्निवीरों को आरक्षण देने की रणनीति की समीक्षा की। उपराज्यपाल ने सोशल मीडिया मंच 'X' पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि यह पहल भारत सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप लागू की जा रही है। संधू ने कहा कि युवा पुरुषों और महिलाओं के अनुशासन का उपयोग जरूरी है। उनके कौशल और प्रशिक्षण का सही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इसलिए खाली ग्रुप 'C' पदों पर सीधी भर्ती में 20 फीसदी आरक्षण लागू करने का निर्देश दिया गया है। ग्रुप C पद नॉन-गजेटेड श्रेणी के होते हैं। यह आरक्षण देश की सेवा करने वाले युवाओं को सम्मान देने का एक प्रयास है।
आरक्षण का उद्देश्य
उपराज्यपाल ने कहा कि सभी योग्य पूर्व-अग्निवीरों के लिए भर्ती खुली रहेगी। इससे उन्हें समान अवसर मिल सकेंगे। यह देश के लिए उनकी सेवा को मान्यता देने का एक तरीका है। यह कदम उनके अनुभव का लाभ उठाने के लिए उठाया गया है।
क्रियान्वयन की समय-सीमा
सभी संबंधित विभागों के लिए भर्ती नियमों में बदलाव की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इन जरूरी बदलावों को पूरा करने की समय-सीमा 30 जून तय की गई है। विभागों को इन भर्ती किए गए लोगों की विशेष क्षमताओं का उपयोग करने का अधिकार होगा। यह उपयोग उनकी ऑपरेशनल आवश्यकताओं के अनुसार किया जाएगा।