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JNU Admission 2021: जेएनयू में 2021 से केंद्रीय विश्वविद्यालय संयुक्त दाखिला प्रवेश परीक्षा से दाखिले

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: योगेश जोशी Updated Tue, 23 Mar 2021 06:32 AM IST
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जेएनयू : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय,नई दिल्ली - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) आगामी सत्र में स्नातक प्रोग्राम में दाखिला केंद्रीय विश्वविद्यालय (53 केंद्रीय विश्वविद्यालय) की संयुक्त दाखिला प्रवेश परीक्षा की मेरिट से किया जाएगा। विश्वविद्यालय दाखिले के लिए अपनी जेएनयू दाखिला प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं करेगा। खास बात यह है कि फरीदाबाद के अरुण जेटली नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाइनेंशियल एंड मैनेजमेंट (एजेएनआईएफएम)के दो पीजी डिप्लोमा इन मैनेजमेंट (फाइनेंस) पीजी डिप्लोमा इन मैनेजमेंट(फाइनेंशियल मैनेजमेंट) के छात्रों को अब जेएनयू का डिप्लोमा सर्टिफिकेट मिलेगा। 

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जेएनयू अकेडमिक काउंसिल की सोमवार को 157वीं आयोजित बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत जेएनयू शैक्षणिक सत्र 2021-22 में स्नातक प्रोग्राम में दाखिला केंद्रीय विश्वविद्यालय संयुक्त दाखिला प्रवेश परीक्षा की मेरिट से देगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने 2020 में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी(एनटीए)  को सभी 53 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक प्रोग्राम में दाखिले के लिए संयुक्त दाखिला प्रवेश परीक्षा 2021 के आयोजन की जिम्मेदारी दी है।
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इसी संयुक्त दाखिला प्रवेश परीक्षा में अब जेएनयू भी जुड़ गया है। अभी तक राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय देशभर के 18 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी प्रोग्राम में दाखिले के लिए संयुक्त दाखिला प्रवेश परीक्षा आयोजित करती थी। आगामी सत्र से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी स्नातक प्रोग्राम की प्रवेश परीक्षा आयोजित करेगी।

एमफिल में नहीं होंगे इस साल दाखिलें...

नई शिक्षा नीति 2020 के तहत एमफिल प्रोग्राम को खत्म कर दिया गया है। इसी के तहत जेएनयू में भी आगामी शैक्षणिक सत्र में एमफिल प्रोग्राम में दाखिले नहीं होंगे। पूर्व में दाखिला ले चुके छात्रों की पढ़ाई जारी रहेगी।

कार्यविस्तार वाले कुलपति किस आधार पर लें रहे बड़े फैसले: शिक्षक संघ

जेएनयू शिक्षक संघ की सचिव प्रो. मौसमी बासु का कहना है कि अकेडमिक काउंसिल बैठक में काउंसिल के अध्यक्ष यानी कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार ने किसी को कुछ बोलने की अनुमति नहीं दी। कुलपति का कार्यकाल पूरा हो चुका है। अकेडमिक काउंसिल में किसी प्रस्ताव पर कार्यविस्तार वाला अध्यक्ष कैसे कोई बड़ा फैसला ले सकता है। यूजीसी से इस संबंध में जानकारी मांगी गई है पर अभी तक जबाव नहीं आया।

एजेंडा के प्रस्ताव पर कोइ्र चर्चा भी नहीं हुई। फरीदाबाद केएक मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट को डिप्लोमा सर्टिफिकेट देने का प्रस्ताव पास कर दिया । क्योंकि संबंधित संस्थान जेएनयू को आर्थिक मदद करेगा। जबकि विश्वविद्यालय के पास दो साल पहले निर्मित मैनेजमेंट सेंटर में शिक्षक तक पूरे नहीं है। इसके अलावा एनटीए द्वारा दाखिला प्रवेश परीक्षा लेने के शिक्षकों के सवालों पर कोई जवाब नहीं दिया गया।

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