Union Budget: दिल्ली के लिए बजट में मामूली बढ़ोतरी, नई योजनाओं का इंतजार लेकिन विशेष पैकेज को लेकर टूटी आस
केंद्रीय बजट 2026-27 में दिल्ली के लिए आवंटन में बढ़ोतरी तो की गई है, लेकिन राजधानी के लिए किसी नई योजना या विशेष पैकेज का ऐलान स्पष्ट रूप से नहीं हुआ है। जहां कुल बजटीय प्रावधान में मामूली इजाफा किया गया है, वहीं दिल्ली पुलिस के लिए आवंटन बढ़ाकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। बजट के ये प्रावधान दिल्ली को अतिरिक्त संसाधन तो देते हैं, लेकिन विकास से जुड़ी नई उम्मीदों को फिलहाल ठोस आधार नहीं मिल सका है...
विस्तार
केंद्रीय बजट 2026-27 में दिल्ली के खाते में रकम तो बढ़ी है, लेकिन उम्मीदों को नई उड़ान नहीं मिली। केंद्र सरकार ने दिल्ली के लिए 1,348 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले संशोधित बजट से अधिक है, मगर राजधानी के लिए कोई नई योजना या विशेष पैकेज नहीं दिया गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान में दिल्ली को कुल आवंटन करीब 1,242 करोड़ रुपये था। इस लिहाज से मौजूदा बजट में 106 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
दिल्ली को यह राशि मुख्य रूप से केंद्रीय सहायता, बाहरी सहायता प्राप्त परियोजनाओं और अनुदानों के रूप में मिली है। दिल्ली को 968.01 करोड़ रुपये राजस्व मद में और 380 करोड़ रुपये पूंजीगत मद में मिलेंगे। सभी मिलाकर यह राशि 1,348.01 करोड़ रुपये हो जाएगी। यदि चालू वित्त वर्ष के मूल बजटीय अनुमान से तुलना की जाए तो यह आवंटन करीब उसी स्तर पर है, जो पिछले साल बजट में तय किया गया था। यानी सरकार ने रिवाइज्ड बजट में की गई कटौती को इस साल फिर से संतुलित करने की कोशिश की है।
किस मद में कितना पैसा
- दिल्ली को मिलने वाली राशि चार प्रमुख मदों में दी जाएगी। केंद्र से मिलने वाली सहायता के रूप में 951 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि दिल्ली सरकार की विभिन्न योजनाओं के संचालन के लिए दी जाती है। चंद्रावल जल शोधन संयंत्र से जुड़ी बाहरी सहायता प्राप्त परियोजना के लिए 380 करोड़ रुपये रखे गए हैं। यह परियोजना दिल्ली की जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए है। आपदा प्रतिक्रिया कोष के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान पहले की तरह बरकरार रखा गया है। 1984 दंगा पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए 2 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इन मदों में भी कोई नई योजना शामिल नहीं है।
आंकड़े बढ़े, लेकिन असर सीमित
- बजट में दी गई अधिकतर राशि प्रशासनिक और बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में खर्च होगी। न तो बिजली, पानी या परिवहन से जुड़ी किसी नई राहत का एलान किया गया है और न ही रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, महिलाओं से जुड़ी किसी नई पहल की घोषणा है।
नई घोषणा नहीं, निरंतरता पर जोर
- बजट से पता चलता है कि केंद्र सरकार ने दिल्ली के लिए इस बार कोई नई योजना, नई सब्सिडी या विशेष पैकेज घोषित नहीं किया है। बजट में न तो बुनियादी ढांचे से जुड़ी किसी नई परियोजना की घोषणा है न ही सामाजिक योजनाओं के लिए अलग से कोई नया फंड है। चंद्रावल जल परियोजना के लिए पूंजीगत सहायता जरूर बढ़ाई गई है, लेकिन यह पहले से स्वीकृत योजना का ही हिस्सा है। सरकार का जोर इस परियोजना के जरिए चौबीस घंटे जल आपूर्ति, समान जल वितरण और मौजूदा ढांचे को बेहतर बनाने की कोशिश है।
दिल्ली पुलिस को 12,846.15 करोड़ आवंटित
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में पेश बजट में दिल्ली पुलिस के लिए 12,846.15 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 586.99 करोड़ रुपये अधिक हैं। यह राशि करीब 4.57 फीसदी ज्यादा हैं। पिछले साल 2025-26 में 12,259.16 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।
बजट में नियमित खर्चों के साथ बुनियादी ढांचे और आईटी परियोजनाओं समेत दूसरे मदों के लिए राशि आवंटित की गई है। इसमें आधुनिक यातायात प्रणाली और संचार नेटवर्क का विकास भी शामिल है। इस वर्ष आवंटित राशि में वृद्धि से दिल्ली पुलिस की ओर से विकसित की जा रही सेफ सिटी परियोजना सहित कई प्रमुख योजनाओं को बढ़ावा मिलेगा। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बजट में राजस्व आवंटन की श्रेणी के तहत बल को 11,881.55 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। इन निधियों का उपयोग दिल्ली में यातायात और संचार नेटवर्क के विकास, नेटवर्क आधुनिकीकरण, प्रशिक्षण और नवीनतम प्रौद्योगिकी को शामिल करने और यातायात संकेतों की स्थापना में किया जाएगा।
- अधिकारी ने बताया कि पूंजी आवंटन के तहत दिल्ली पुलिस को 964.60 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। इस श्रेणी के तहत दी गई धनराशि का उपयोग नई इमारतों के निर्माण, वाहनों और हथियारों की खरीद के लिए किया जाएगा। इससे दिल्ली पुलिस की विभिन्न इकाइयों की स्थापना में भी मदद मिलेगी। शनिवार पेश किए गए बजट में पुलिस को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
- पिछले वित्त वर्ष में पूंजी आवंटन के तहत 943.53 करोड़ रुपये दिल्ली पुलिस को दिए गए थे। इस बार पिछले साल के मुकाबले करीब 21.07 करोड़ रुपये ज्यादा हैं। वहीं राजस्व आवंटन में पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले इस वर्ष 565..92 करोड़ की वृद्धि की गई है। माना जा रहा है कि इससे पुलिस बल को मजबूती मिलेगी।
