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Cyber Crime: पहलगाम आतंकी हमला और मनी लॉड्रिंग से लिंक बताकर कर लिया डिजिटल अरेस्ट, बुजुर्ग से ठगे नौ लाख
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 02 Feb 2026 03:31 AM IST
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सार
जालसाज ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताकर उनके मोबाइल नंबर के पहलगाम आतंकी हमले व मनी लाड्रिंग से लिंक होने की बात कहकर ठगी को अंजाम दिया।
cyber crime
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
उत्तर पश्चिम जिला के बवाना इलाके में डीटीसी के सेवानिवृत्त कर्मचारी को डिजिटल अरेस्ट कर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। जालसाज ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताकर उनके मोबाइल नंबर के पहलगाम आतंकी हमले व मनी लाड्रिंग से लिंक होने की बात कहकर ठगी को अंजाम दिया।
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आरोपियों ने बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर नौ लाख रुपये की एफडी तुड़वाई, फिर अपने बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर करा लिए। ठगी का अहसास होने पर बुजुर्ग ने बाहरी-उत्तरी जिला साइबर थाना पुलिस से इसकी शिकायत की, बुजुर्ग की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। जानकारी के मुताबिक 70 साल के कृष्णा कुमार बवाना के ईश्वर कालोनी में सपरिवार के साथ रहते हैं। साइबर सेल में दर्ज प्राथमिकी में कृष्णा कुमार ने बताया कि मेरा बवाना शाखा के यूनियन बैंक आफ इंडिया शाखा में बचत खाता है।
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28 दिसंबर को मेरे वाट्सएप पर अज्ञात नंबर से वाइस कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस का निरीक्षक आकाश शर्मा बताया और दिल्ली पुलिस मुख्यालय से बात करने की बात कही। उसने कहा कि वह फोन आगे फारवर्ड कर रहा है। फिर उनकी बात निरीक्षक प्रेम कुमार गौतम से हुई। जिसने बताया कि आपके मोबाइल नंबर से मनी लाड्रिंग का मामला सामने आया है। उसमें बताया कि आपका मोबाइल नंबर पहलगाम आतंकी हमले से भी लिंक है। आपको सात साल की सजा हो सकती है।
वीडियो कॉल के दौरान आरोपी ने उनका आधार कार्ड मांगा, फिर कहा कि आपकी मनी ट्रायल निकालनी पड़ेगी। उसने बताया कि किसी को इस बात की जानकारी नहीं होनी चाहिए। जालसाजों ने 29 दिसंबर को फिर से वीडियो काल किया और पीड़ित को बताया कि उनका सुप्रीम कोर्ट से अरेस्ट वारंट निकल गया है।
साथ ही उसने वारंट की कॉपी को उनके वाट्सएप पर भेज दिया। उसके बाद आरोपियों ने फिर से व्हाट्सएप कॉल किया और बताया कि उनपर कोई आतंकी हमला न कर दें इसलिए वह लगातार कॉल कर हाल चाल पूछ रहे हैं। जालसाजों ने फिर से 30 दिसंबर को वीडियो कॉल कर उनसे बैंक और पोस्ट ऑफिस में जमा पैसे की जानकारी ली।
पोस्ट आफिस में नौ लाख रुपये की एफडी होने की जानकारी मिलने पर आरोपियों ने उसे खाते में भेजने के लिए कहा। बुजुर्ग ने झांसे में आकर रुपये को आरोपियों के खाते में भेज दिए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मामले की छानबीन कर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
