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'पीपल अगेंस्ट SIR' का मार्च Live: एंटी एसआईआर प्रदर्शन के लिए जमा हुए संगठन, ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग
Fri, 23 Oct 2026 02:18 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Sharukh Khan
Updated Fri, 23 Oct 2026 02:18 PM IST
सार
दिल्ली में कई वामपंथी दलों और छात्र नेताओं ने बांग्ला साहिब गुरुद्वारे के पास मार्च निकाला। वो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाए जाने और एसआईआर को रद्द किए जाने की मांग कर रहे थे।
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SIR Protests
- फोटो : ani
विस्तार
दिल्ली में एसआईआर के खिलाफ विरोध मार्च को देखते हुए चुनाव आयोग मुख्यालय और गुरुद्वारा बंगला साहिब के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कई वामपंथी दलों और छात्र नेताओं ने बांग्ला साहिब गुरुद्वारे के पास मार्च निकाला। वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाए जाने और SIR को रद्द किए जाने की मांग कर रहे थे।
प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। वे एसआईआर प्रक्रिया को रद किए जाने की भी मांग कर रहे हैं। इस प्रदर्शन को कुल 145 संगठनों का समर्थन प्राप्त है। इनमें वामपंथी छात्र संगठन और संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) जैसे समूह शामिल हैं। प्रदर्शन में कांग्रेस सेवादल के सदस्य भी नजर आए। हालांकि, आइसा और सीजेपी के सदस्य मौके पर दिखाई नहीं दिए।
13 करोड़ से अधिक वोट काटे जाने का आरोप
'पीपल अगेंस्ट एसआईआर' का आरोप है कि केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की मिलीभगत से 13.41 करोड़ नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। संगठन का दावा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने संसद की मंजूरी के बिना फॉर्म-6 जैसे सांविधानिक नियमों में बदलाव किए, जिससे असली मतदाताओं के नाम काट दिए गए। संगठन का कहना है कि चुनाव आयोग ने अपने सांविधानिक दायित्वों का उल्लंघन किया है, इसलिए संसद जब तक सीईसी पर महाभियोग नहीं चलाती, यह संवैधानिक संकट खत्म नहीं होगा।
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प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। वे एसआईआर प्रक्रिया को रद किए जाने की भी मांग कर रहे हैं। इस प्रदर्शन को कुल 145 संगठनों का समर्थन प्राप्त है। इनमें वामपंथी छात्र संगठन और संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) जैसे समूह शामिल हैं। प्रदर्शन में कांग्रेस सेवादल के सदस्य भी नजर आए। हालांकि, आइसा और सीजेपी के सदस्य मौके पर दिखाई नहीं दिए।
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13 करोड़ से अधिक वोट काटे जाने का आरोप
'पीपल अगेंस्ट एसआईआर' का आरोप है कि केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की मिलीभगत से 13.41 करोड़ नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। संगठन का दावा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने संसद की मंजूरी के बिना फॉर्म-6 जैसे सांविधानिक नियमों में बदलाव किए, जिससे असली मतदाताओं के नाम काट दिए गए। संगठन का कहना है कि चुनाव आयोग ने अपने सांविधानिक दायित्वों का उल्लंघन किया है, इसलिए संसद जब तक सीईसी पर महाभियोग नहीं चलाती, यह संवैधानिक संकट खत्म नहीं होगा।
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चुनाव आयोग मुख्यालय के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
वामपंथी संगठनों के विरोध प्रदर्शन के आह्वान पर दिल्ली पुलिस ने यातायात परामर्श जारी किया है। इसके तहत गुरुद्वारा बंगला साहिब के आसपास की सड़कों पर यातायात बंद रहेगा। यह प्रतिबंध दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक लागू रहेगा। चुनाव आयोग मुख्यालय के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। बंगला साहिब गुरुद्वारे में करीब 200 लोग जमा हुए हैं।
वामपंथी संगठनों के विरोध प्रदर्शन के आह्वान पर दिल्ली पुलिस ने यातायात परामर्श जारी किया है। इसके तहत गुरुद्वारा बंगला साहिब के आसपास की सड़कों पर यातायात बंद रहेगा। यह प्रतिबंध दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक लागू रहेगा। चुनाव आयोग मुख्यालय के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। बंगला साहिब गुरुद्वारे में करीब 200 लोग जमा हुए हैं।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। उनकी दूसरी प्रमुख मांग एसआईआर प्रक्रिया को रद करना है। ये दोनों ही मांगें उनके विरोध प्रदर्शन का केंद्र बिंदु हैं। वामपंथी दल और छात्र नेता इन मांगों को लेकर मार्च निकाल रहे हैं। उनका उद्देश्य इन मुद्दों पर तत्काल ध्यान आकर्षित करना है।
प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। उनकी दूसरी प्रमुख मांग एसआईआर प्रक्रिया को रद करना है। ये दोनों ही मांगें उनके विरोध प्रदर्शन का केंद्र बिंदु हैं। वामपंथी दल और छात्र नेता इन मांगों को लेकर मार्च निकाल रहे हैं। उनका उद्देश्य इन मुद्दों पर तत्काल ध्यान आकर्षित करना है।