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यूपी मतदाता सूची में गड़बड़ी: शानू से अयान, तौफीक से तुषार और राजू से रहीम; नामों की अदला-बदली की पूरी कहानी
Fri, 23 Oct 2026 03:14 PM IST
Sharukh Khan
फखरूल इस्लाम, अमर उजाला, पीलीभीत
फखरूल इस्लाम, अमर उजाला, पीलीभीत
Published by: Sharukh Khan
Updated Fri, 23 Oct 2026 03:14 PM IST
सार
पीलीभीत मतदाता सूची में गड़बड़ी: यूपी में विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। पीलीभीत में दो एसडीएम पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। सूची में कहीं शानू से अयान तो कहीं तौफीक से तुषार हो गया है। मतदाता सूची में पहचान बदल गई है।
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Pilibhit Voter List Controversy
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
पीलीभीत के सदर विधानसभा की मतदाता सूची की संशोधन प्रक्रिया में गड़बड़ियों के मामले की गाज अब अफसरों तक पहुंच गई है। सदर कोतवाली में दो एसडीएम मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी के साथ वीआरसी (वोटर रिसोर्स सेंटर) के कंप्यूटर ऑपरेटर रहे अनिल कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
ईआरओ रहे दोनों एसडीएम के खिलाफ निलंबन की संस्तुति भी डीएम ने शासन को भेज दी है। जांच में मतदाता सूची संशोधन का काम निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं कराए जाने की बात सामने आने के बाद सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी केके कश्यप की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
दोनों एसडीएम को पहले ही जिला मुख्यालय से संबद्ध किया जा चुका है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू करा दी गई है। कंप्यूटर ऑपरेटर की सेवा भी समाप्त की जा चुकी है। वीआरसी ऑपरेटर के साथ दोनों निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) हेमंत चौधरी व मयंक गोस्वामी के विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई शुरू हुई है।
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ईआरओ रहे दोनों एसडीएम के खिलाफ निलंबन की संस्तुति भी डीएम ने शासन को भेज दी है। जांच में मतदाता सूची संशोधन का काम निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं कराए जाने की बात सामने आने के बाद सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी केके कश्यप की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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दोनों एसडीएम को पहले ही जिला मुख्यालय से संबद्ध किया जा चुका है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू करा दी गई है। कंप्यूटर ऑपरेटर की सेवा भी समाप्त की जा चुकी है। वीआरसी ऑपरेटर के साथ दोनों निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) हेमंत चौधरी व मयंक गोस्वामी के विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई शुरू हुई है।
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प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के आदेश के बाद कराई गई जांच के आधार पर यह कार्रवाई हुई है। जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि एसआईआर-2026 की समाप्ति की तारीख 10 अप्रैल से 21 अक्तूबर 2026 के बीच वीआरसी ऑपरेटर द्वारा मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए दर्ज किए गए सभी फॉर्म-6 और नाम हटाने के लिए दर्ज किए गए फॉर्म-7 की भी गहन जांच कराई जाएगी।
ईपीआईसी नंबर किसी का विवरण दूसरे मतदाता का
डीएम आलोक कुमार ने बताया कि जांच में विधानसभा क्षेत्र 127-पीलीभीत में मतदाताओं के ईपीआईसी नंबर पर किसी दूसरे मतदाता का विवरण प्रदर्शित होने की अनियमितताएं सामने आई हैं।
डीएम आलोक कुमार ने बताया कि जांच में विधानसभा क्षेत्र 127-पीलीभीत में मतदाताओं के ईपीआईसी नंबर पर किसी दूसरे मतदाता का विवरण प्रदर्शित होने की अनियमितताएं सामने आई हैं।
जांच के अनुसार, मतदाता पंजीकरण केंद्र के कंप्यूटर सहायक ने 31 मई से 29 अगस्त 2026 के बीच मतदाताओं के विवरण में संशोधन के लिए कुल 13,779 फॉर्म-8 की प्रविष्टियां की थीं। इनमें से 10470 प्रविष्टियों को स्वीकृत किया गया, जबकि 3309 फॉर्म अस्वीकृत किए गए। स्वीकृत प्रविष्टियों में गड़बड़ी पाए जाने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
कहीं शानू से अयान तो कहीं तौफीक से तुषार, मतदाता सूची में बदल गई पहचान
किसी का नाम शानू से अयान हो गया तो किसी की पहचान तौफीक से बदलकर तुषार के रूप में दर्ज हो गई। कहीं राजू खां की जगह रहीम तो कहीं फरहान खान के स्थान पर शाह आलम का नाम सामने आया। मतदाता सूची में नाम बदलने के इन कथित मामलों ने मतदाताओं की पहचान और उनके मतदान के अधिकार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
किसी का नाम शानू से अयान हो गया तो किसी की पहचान तौफीक से बदलकर तुषार के रूप में दर्ज हो गई। कहीं राजू खां की जगह रहीम तो कहीं फरहान खान के स्थान पर शाह आलम का नाम सामने आया। मतदाता सूची में नाम बदलने के इन कथित मामलों ने मतदाताओं की पहचान और उनके मतदान के अधिकार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आरोप है कि अंतिम प्रकाशन के बाद भी मतदाता सूची में नामों की अदला-बदली हुई। अमरिया क्षेत्र के बूथ संख्या 83 से लेकर शहर के कई बूथों तक ऐसे मामले सामने आए हैं। अमरिया क्षेत्र की ग्राम पंचायत मझलिया के बूथ संख्या 83 की मतदाता सूची में कथित बदलाव को लेकर कई उदाहरण सामने आए हैं।
कुछ मतदाताओं के एपिक नंबर समान हैं, लेकिन उनके नाम बदलकर दूसरे नाम दर्ज कर दिए गए। एपिक नंबर SZK0613075 की क्रम संख्या 911 पर शानू खां पुत्र अयूब खां के स्थान पर अयान अली का नाम दर्ज होने की बात कही गई है।
इसी तरह एपिक नंबर SZK1615111 की क्रम संख्या 709 पर तौफीक अहमद पुत्र अकील अहमद की जगह तुषार पुत्र अकील अहमद का नाम दर्ज होने का आरोप है। इसी बूथ पर क्रम संख्या 726 में राजू खां पुत्र दशमील खां के स्थान पर रहीम और क्रम संख्या 741 में नदीम खां के स्थान पर नईम नाम दर्ज होने का दावा किया गया है।
क्रम संख्या 467 में शादाब अली की जगह सलीम खां का नाम दर्ज होने की शिकायत भी सामने आई है। इन उदाहरणों के बाद मतदाता सूची में दर्ज नामों और पहचान के मिलान को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
महिला मतदाताओं के नाम भी बदले जाने का आरोप
शिकायत में महिला मतदाताओं के नामों में बदलाव का भी उल्लेख किया गया है। एपिक नंबर SZK0779066 की क्रम संख्या 430 पर तायरा बेगम पत्नी बाबू के स्थान पर तौशीबा और एपिक नंबर SZK0958124 की क्रम संख्या 473 पर जेबा बी पुत्री जकाउद्दीन की जगह नाजनीन का नाम दर्ज होने का दावा है।
शिकायत में महिला मतदाताओं के नामों में बदलाव का भी उल्लेख किया गया है। एपिक नंबर SZK0779066 की क्रम संख्या 430 पर तायरा बेगम पत्नी बाबू के स्थान पर तौशीबा और एपिक नंबर SZK0958124 की क्रम संख्या 473 पर जेबा बी पुत्री जकाउद्दीन की जगह नाजनीन का नाम दर्ज होने का दावा है।
इसी तरह क्रम संख्या 761 पर तौफीक अहमद पुत्र रईस अहमद के स्थान पर आरिफ खान का नाम दर्ज होने और क्रम संख्या 756 पर मोहम्मद आरिश का नाम बदलकर मोहम्मद अरहान किए जाने का आरोप लगाया गया है।
शहर में भी सामने आए नामों की अदला-बदली के मामले
नामों में बदलाव के आरोप केवल अमरिया क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। शहर की मतदाता सूची में भी ऐसे उदाहरण सामने आने की बात कही जा रही है। शिकायत के अनुसार, एपिक नंबर SZK2190031 पर फरहान खान के स्थान पर शाह आलम और एपिक नंबर SZK2842599 पर नमरा तारिक के स्थान पर जोया फिरदौसी का नाम दर्ज हो गया। वहीं, एपिक नंबर SZK0386060 पर लईक अहमद की जगह अरहान और एपिक नंबर SZK2055648 पर कामरान के स्थान पर अयान नाम दर्ज होने का दावा किया गया है।
नामों में बदलाव के आरोप केवल अमरिया क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। शहर की मतदाता सूची में भी ऐसे उदाहरण सामने आने की बात कही जा रही है। शिकायत के अनुसार, एपिक नंबर SZK2190031 पर फरहान खान के स्थान पर शाह आलम और एपिक नंबर SZK2842599 पर नमरा तारिक के स्थान पर जोया फिरदौसी का नाम दर्ज हो गया। वहीं, एपिक नंबर SZK0386060 पर लईक अहमद की जगह अरहान और एपिक नंबर SZK2055648 पर कामरान के स्थान पर अयान नाम दर्ज होने का दावा किया गया है।
पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जो भी कमियां है, उनमें जल्द ही नियमानुसार सुधार कराया जाएगा। - आलोक कुमार, डीएम