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Delhi News: दूसरे दिन भी मांगों पर अड़े रहे प्रदर्शनकारी, दीपके ने किसानों से मांगा समर्थन
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जंतर मंतर पर रातभर नारेबाजी, भाषण, चर्चा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर चलता रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर मंतर पर चल रहा प्रदर्शन रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी शनिवार रात से ही धरना स्थल पर डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते रहे।
रातभर नारेबाजी, भाषण, चर्चा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर चलता रहा। रविवार सुबह जंतर मंतर का माहौल सामान्य राजनीतिक धरनों से कुछ अलग नजर आया। एक ओर मंच से भाषण और नारेबाजी जारी रही, तो दूसरी ओर कुछ लोग नाश्ता करते और कई युवा क्रिकेट खेलते दिखाई दिए। परीक्षा में गड़बड़ियों, नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर मंतर पर युवाओं के नेतृत्व में जारी आंदोलन के दूसरे दिन कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किसानों से भी समर्थन की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्र किसानों के अधिकारों की लड़ाई में हमेशा उनके साथ खड़े रहे हैं और अब उन्हें किसानों की एकजुटता की आवश्यकता है। हालांकि शनिवार को प्रदर्शन में सैकड़ों युवाओं ने भाग लिया लेकिन शाम के समय पुलिस ने मौजूद लोगों से स्थल खाली करने को कहा। पुलिस ने बताया कि सभा के लिए दी गई अनुमति शाम पांच बजे समाप्त हो गई थी। दीपके और कई अन्य प्रदर्शनकारी रात भर वहीं रहे और जंतर-मंतर पर अपना धरना जारी रखा।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शनिवार रात धरनास्थल पर पानी, लाइट और शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं रोक दी गईं। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, सार्वजनिक शौचालयों की जलापूर्ति रोक दी गई और बिजली भी कुछ समय के लिए बंद कर दी गई, जिससे लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन की अनुमति शनिवार शाम 5 बजे तक ही थी और समय सीमा समाप्त होने के बाद स्थल खाली करने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस ने चेतावनी दी कि अनुमति की शर्तों का उल्लंघन होने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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रातभर चला आंदोलन, नहीं टूटा हौसला
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शनिवार शाम से ही जंतर मंतर पर मौजूद रहे। देर रात तक कई मुद्दों पर चर्चा होती रही। कई वक्ताओं ने मंच से अपनी बात रखी और सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने धरनास्थल पर ही रात बिताई। कुछ लोग तिरपाल और चादरों पर बैठे रहे, जबकि कई लोग समूह बनाकर आंदोलन की रणनीति और आगे की रूपरेखा पर चर्चा करते रहे। प्रदर्शनकारी सुरजीत ने बताया कि हम यहां केवल विरोध दर्ज कराने नहीं आए हैं। जब तक हमारी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं होगा, तब तक हम अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
झालमुड़ी के साथ हुई सुबह की शुरुआत
धरनास्थल पर रविवार सुबह झालमुड़ी सबसे लोकप्रिय नाश्तों में शामिल रही। कई कार्यकर्ता हाथों में कागज के दोने लिए झालमुड़ी खाते दिखाई दिए। हल्का और जल्दी तैयार होने वाला यह नाश्ता लोगों के बीच खासा पसंद किया गया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, लंबे समय तक चलने वाले आंदोलनों में ऐसा भोजन सुविधाजनक रहता है। इससे पेट भी हल्का रहता है और दिनभर सक्रिय रहने के लिए पर्याप्त ऊर्जा भी मिलती है। प्रदर्शनकारी मन्नू ने बताया कि रातभर जागने के बाद सुबह दोस्तों के साथ बैठकर झालमुड़ी खाना अच्छा लग रहा है।
क्रिकेट मैच ने खींचा लोगों का ध्यान
झालमुड़ी के बाद जिस गतिविधि ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं, वह था क्रिकेट। रविवार सुबह जंतर मंतर पर कई युवा कार्यकर्ता क्रिकेट खेलते दिखाई दिए। धरनास्थल के एक हिस्से में युवाओं ने बल्ला और गेंद लेकर खेल शुरू किया। कुछ ही देर में कई लोग इस खेल में शामिल हो गए। क्रिकेट शुरू होते ही माहौल में उत्साह और बढ़ गया। बल्लेबाजों के अच्छे शॉट्स पर तालियां बजने लगीं, जबकि गेंदबाज विकेट लेने के लिए पूरी कोशिश करते दिखाई दिए। धरनास्थल पर केवल भाषण और नारेबाजी ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक गतिविधियां भी जारी रहीं। कई युवा गिटार बजाते दिखाई दिए। कुछ लोगों ने गीत गाकर अपने विचार व्यक्त किए, जबकि कुछ समूहों ने सामूहिक गायन किया। शनिवार दोपहर से शुरू हुए प्रदर्शन के दौरान जंतर मंतर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे।
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर मंतर पर चल रहा प्रदर्शन रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी शनिवार रात से ही धरना स्थल पर डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते रहे।
रातभर नारेबाजी, भाषण, चर्चा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर चलता रहा। रविवार सुबह जंतर मंतर का माहौल सामान्य राजनीतिक धरनों से कुछ अलग नजर आया। एक ओर मंच से भाषण और नारेबाजी जारी रही, तो दूसरी ओर कुछ लोग नाश्ता करते और कई युवा क्रिकेट खेलते दिखाई दिए। परीक्षा में गड़बड़ियों, नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर मंतर पर युवाओं के नेतृत्व में जारी आंदोलन के दूसरे दिन कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किसानों से भी समर्थन की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्र किसानों के अधिकारों की लड़ाई में हमेशा उनके साथ खड़े रहे हैं और अब उन्हें किसानों की एकजुटता की आवश्यकता है। हालांकि शनिवार को प्रदर्शन में सैकड़ों युवाओं ने भाग लिया लेकिन शाम के समय पुलिस ने मौजूद लोगों से स्थल खाली करने को कहा। पुलिस ने बताया कि सभा के लिए दी गई अनुमति शाम पांच बजे समाप्त हो गई थी। दीपके और कई अन्य प्रदर्शनकारी रात भर वहीं रहे और जंतर-मंतर पर अपना धरना जारी रखा।
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प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शनिवार रात धरनास्थल पर पानी, लाइट और शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं रोक दी गईं। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, सार्वजनिक शौचालयों की जलापूर्ति रोक दी गई और बिजली भी कुछ समय के लिए बंद कर दी गई, जिससे लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन की अनुमति शनिवार शाम 5 बजे तक ही थी और समय सीमा समाप्त होने के बाद स्थल खाली करने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस ने चेतावनी दी कि अनुमति की शर्तों का उल्लंघन होने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
रातभर चला आंदोलन, नहीं टूटा हौसला
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शनिवार शाम से ही जंतर मंतर पर मौजूद रहे। देर रात तक कई मुद्दों पर चर्चा होती रही। कई वक्ताओं ने मंच से अपनी बात रखी और सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने धरनास्थल पर ही रात बिताई। कुछ लोग तिरपाल और चादरों पर बैठे रहे, जबकि कई लोग समूह बनाकर आंदोलन की रणनीति और आगे की रूपरेखा पर चर्चा करते रहे। प्रदर्शनकारी सुरजीत ने बताया कि हम यहां केवल विरोध दर्ज कराने नहीं आए हैं। जब तक हमारी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं होगा, तब तक हम अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
झालमुड़ी के साथ हुई सुबह की शुरुआत
धरनास्थल पर रविवार सुबह झालमुड़ी सबसे लोकप्रिय नाश्तों में शामिल रही। कई कार्यकर्ता हाथों में कागज के दोने लिए झालमुड़ी खाते दिखाई दिए। हल्का और जल्दी तैयार होने वाला यह नाश्ता लोगों के बीच खासा पसंद किया गया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, लंबे समय तक चलने वाले आंदोलनों में ऐसा भोजन सुविधाजनक रहता है। इससे पेट भी हल्का रहता है और दिनभर सक्रिय रहने के लिए पर्याप्त ऊर्जा भी मिलती है। प्रदर्शनकारी मन्नू ने बताया कि रातभर जागने के बाद सुबह दोस्तों के साथ बैठकर झालमुड़ी खाना अच्छा लग रहा है।
क्रिकेट मैच ने खींचा लोगों का ध्यान
झालमुड़ी के बाद जिस गतिविधि ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं, वह था क्रिकेट। रविवार सुबह जंतर मंतर पर कई युवा कार्यकर्ता क्रिकेट खेलते दिखाई दिए। धरनास्थल के एक हिस्से में युवाओं ने बल्ला और गेंद लेकर खेल शुरू किया। कुछ ही देर में कई लोग इस खेल में शामिल हो गए। क्रिकेट शुरू होते ही माहौल में उत्साह और बढ़ गया। बल्लेबाजों के अच्छे शॉट्स पर तालियां बजने लगीं, जबकि गेंदबाज विकेट लेने के लिए पूरी कोशिश करते दिखाई दिए। धरनास्थल पर केवल भाषण और नारेबाजी ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक गतिविधियां भी जारी रहीं। कई युवा गिटार बजाते दिखाई दिए। कुछ लोगों ने गीत गाकर अपने विचार व्यक्त किए, जबकि कुछ समूहों ने सामूहिक गायन किया। शनिवार दोपहर से शुरू हुए प्रदर्शन के दौरान जंतर मंतर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे।