Asha Bhosle Education: जब 10 महीने की आशा भोसले को साथ लेकर स्कूल पहुंचीं लता, वहीं से शुरू हुई अनोखी कहानी
Asha Bhosle Education: क्या आप जानते हैं कि आशा भोसले की स्कूल की पढ़ाई आखिर क्यों अधूरी रह गई? इसके पीछे एक ऐसा दिलचस्प और हैरान कर देने वाला किस्सा छुपा है, जिसने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। छोटी सी उम्र में घटी इस घटना ने उन्हें स्कूल से दूर कर दिया, लेकिन यही मोड़ आगे चलकर उन्हें संगीत की दुनिया का चमकता सितारा बना गया।
विस्तार
Asha Bhosle: भारतीय संगीत जगत से एक बड़ी दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। अपनी मधुर आवाज से सात दशकों तक श्रोताओं के दिलों पर राज करने वाली आशा भोसले को तबीयत बिगड़ने के बाद शनिवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। उनकी शिक्षा की बात करें, तो आशा भोसले ने अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी और बचपन से ही संगीत की दुनिया में कदम रख दिया था।
आशा भोसले की शुरुआती पढ़ाई से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा है। स्कूल के पहले दिन उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर उन्हें अपने साथ ले गई थीं, उस समय आशा भोसले की उम्र करीब 10 महीने थी। जब टीचर ने इस पर आपत्ति जताई, तो लता मंगेशकर नाराज होकर घर लौट आईं और फिर दोबारा स्कूल नहीं गईं।
इसके बाद आशा भोसले ने घर पर ही अपनी घरेलू सहायिका से मराठी वर्णमाला सीखी, जिन्होंने उन्हें पढ़ना और लिखना सिखाया। इस तरह उनकी शुरुआती शिक्षा घर से ही पूरी हुई।
शुरुआती पढ़ाई का दिलचस्प अनुभव
आशा भोसले ने फिल्म निर्माता-लेखिका नसरीन मुन्नी कबीर को बताया था, “जब मैं करीब तीन-चार साल की थी, तब मैंने घर के नौकर विट्ठल से, जो उस समय किशोर था, मराठी की वर्णमाला और लिखना सीखना शुरू किया। मेरी पढ़ाई घर पर ही हुई।”
बाद में इन बातचीतों को “लता मंगेशकर...इन हर ओन वॉइस” नाम की किताब के रूप में प्रकाशित किया गया।
हालांकि, शुरुआती समय में मंगेशकर ने नर्सरी की कुछ कक्षाएं भी अटेंड की थीं। वे बताती थीं कि टीचर ब्लैकबोर्ड पर “श्री गणेशजी” लिखती थीं और वे उसे ठीक उसी तरह लिख लेती थीं, जिसके लिए उन्हें पूरे अंक मिलते थे।
पहली बार आशा भोसले कब गईं स्कूल?
जिस दिन लता मंगेशकर को स्कूल में दाखिला लेना था, उस समय आशा भोसले करीब 10 महीने की थीं। लता मंगेशकर उन्हें गोद में लेकर स्कूल पहुंचीं और कक्षा में भी साथ बैठ गईं। जब शिक्षिका ने कहा कि छोटे बच्चों को कक्षा में लाने की अनुमति नहीं है, तो लता जी को बहुत गुस्सा आया और वे तुरंत आशा को लेकर घर लौट आईं। इसके बाद उन्होंने कभी स्कूल नहीं जाने का फैसला किया।
स्कूल छोड़ने के बाद लता मंगेशकर ने अपनी चचेरी बहन इंदिरा से पढ़ाई की और बाद में बंबई में रहने वाले लेखराज शर्मा से हिंदी सीखी। इसके साथ ही उन्होंने उर्दू, बंगाली और थोड़ी-बहुत पंजाबी भी सीखी। उन्होंने तमिल सीखने की कोशिश की और संस्कृत भाषा को भी समझती थीं।
संगीत जगत की बहुमुखी और अंतरराष्ट्रीय पहचान वाली गायिका
आशा भोसले भारतीय संगीत जगत की ऐसी दिग्गज गायिका थीं, जिन्होंने 20 से अधिक भाषाओं में 12 हजार से ज्यादा गाने गाए। अपनी बहुमुखी आवाज और अद्भुत गायकी के दम पर उन्होंने दुनियाभर में पहचान बनाई। वे ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नामांकन पाने वाली पहली भारतीय महिला गायिका भी रहीं।
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