Canada Study: भारतीय छात्रों के लिए कनाडा में पढ़ाई करने का मौका, उच्चायुक्त बोले- अभी आवेदन का सबसे अच्छा समय
Study Abroad: कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस कूटर ने भारतीय छात्रों से कहा है कि कनाडा ने अपने दरवाजे बंद नहीं किए हैं। उन्होंने कहा कि छात्र वीजा और प्रवेश को लेकर कई गलत धारणाएं हैं, जबकि मौजूदा समय भारतीय छात्रों के लिए आवेदन करने का सबसे अच्छा समय हो सकता है।
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Study Abroad: भारत में कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस कूटर ने कहा है कि कनाडा अब भी भारतीय छात्रों का स्वागत कर रहा है और यह धारणा गलत है कि देश ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए अपने दरवाजे बंद कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय छात्रों और अभिभावकों को कनाडा में पढ़ाई के विकल्पों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
कूटर ने कहा कि भारत में यह गलतफहमी फैल गई है कि कनाडा अब विदेशी छात्रों को कम अवसर दे रहा है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। उनके अनुसार, कनाडा अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए अब भी एक प्रमुख और आकर्षक शिक्षा गंतव्य बना हुआ है।
क्यों लगाया गया था छात्रों की संख्या पर प्रतिबंध?
कूटर ने बताया कि कुछ वर्ष पहले कनाडा ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या पर सीमा (Cap) लगाई थी। इसका कारण आवास की कमी और कुछ निम्न गुणवत्ता वाले शैक्षणिक संस्थानों को लेकर पैदा हुई चिंताएं थीं।
उन्होंने कहा कि उस समय सरकार ने व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कदम उठाए थे। अब इन समस्याओं को काफी हद तक सुलझा लिया गया है और छात्र प्रवेश की प्रक्रिया पहले से अधिक व्यवस्थित हो चुकी है।
4 लाख अंतरराष्ट्रीय छात्र पढ़ रहे हैं
कनाडाई उच्चायुक्त के अनुसार, वर्तमान में कनाडा में लगभग 4 लाख अंतरराष्ट्रीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यह संख्या यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया में पढ़ रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों की कुल संख्या से भी अधिक है। उन्होंने यह भी कहा कि कनाडा में पढ़ने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या अमेरिका से भी ज्यादा है।
विश्वस्तरीय शिक्षा का दावा
क्रिस कूटर ने कहा कि कनाडा उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराता है। उनके अनुसार, चाहे विश्वविद्यालय हों या पॉलिटेक्निक संस्थान, दोनों ही छात्रों को अच्छे अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने बताया कि कनाडा के कई विश्वविद्यालय दुनिया की शीर्ष रैंकिंग में शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर मैकगिल यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो को उन्होंने वैश्विक स्तर पर अग्रणी संस्थानों में गिना।
"अभी आवेदन का सबसे अच्छा समय"
उच्चायुक्त ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए निर्धारित मौजूदा सीमा अभी पूरी तरह भरी नहीं है। ऐसे में भारतीय छात्रों के लिए यह आवेदन करने का बेहतर अवसर हो सकता है।
उन्होंने कहा कि कनाडा छात्रों को अपने यहां देखना चाहता है और अभी निर्धारित सीमा के भीतर पर्याप्त जगह उपलब्ध है। इसलिए इच्छुक छात्र आवेदन करने पर विचार कर सकते हैं।
वीजा प्रक्रिया को बेहतर बनाने की तैयारी
छात्रों और कारोबारियों की ओर से वीजा प्रक्रिया में देरी और असंगतता को लेकर उठाई जाने वाली शिकायतों पर भी कूटर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्वीकार किया कि कई लोगों को वीजा मिलने में अधिक समय लगने या प्रक्रिया में असमानता की शिकायत रहती है।
उन्होंने कहा कि कनाडा सरकार इन समस्याओं को दूर करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। उनके मुताबिक, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की इस वर्ष भारत यात्रा के बाद वीजा प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के प्रयास तेज किए गए हैं।
छात्रों और अभिभावकों का अनुभव बेहतर बनाने पर जोर
कूटर ने कहा कि सरकार का उद्देश्य छात्रों, अभिभावकों और व्यापारिक समुदाय के लिए वीजा प्रक्रिया को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाना है। उन्होंने कहा कि यदि वीजा व्यवस्था लागू है तो उसे दुनिया की सबसे बेहतर व्यवस्थाओं में शामिल होना चाहिए और कनाडा इसी दिशा में काम कर रहा है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि कनाडा भारतीय छात्रों के लिए अवसरों का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है और वहां उच्च शिक्षा हासिल करने के इच्छुक छात्रों का स्वागत है।