Stress Relief: क्या बढ़ रहा है काम का दबाव? ऐसे पाएं मानसिक सुकून; एक्सपर्ट ने बताया सरल और असरदार तरीका
Mental Clarity: जब काम का दबाव बढ़ने लगे, तो दिनचर्या में दौड़ जैसी हल्की-फुल्की शारीरिक गतिविधियां शामिल करने से मन शांत रहता है और सोचने-समझने की क्षमता बढ़ती है।
विस्तार
Daily Routine: आज का कामकाजी जीवन लगातार दबाव से भरता जा रहा है। कार्यस्थल पर हमसे अपेक्षा की जाती है कि हम ज्यादा काम कम समय में करें और बिना गलती के करें। ऐसे में काम न केवल थकान देता है, बल्कि आत्मसम्मान को भी प्रभावित करता है। यह साफ संकेत है कि कार्यस्थल की संस्कृति में बदलाव आवश्यक है। लेकिन जब तक यह बदलाव होता है, तब तक दौड़ना एक सरल और प्रभावी समाधान बन सकता है। दौड़ना हमें काम की पहचान से बाहर एक नई पहचान देता है।
यह शरीर में खुशी देने वाले हार्मोन (एंडोर्फिन) बढ़ाता है और तनाव पैदा करने वाले हार्मोन (जैसे कोर्टिसोल) को कम करता है। दौड़ने से मन हल्का होता है, सोच स्पष्ट होती है, आत्मविश्वास बढ़ता है और दिनचर्या में अनुशासन आता है। शरीर स्वस्थ रहता है, जिससे लंबे समय तक काम के दबाव को झेलने की क्षमता भी विकसित होती है। रोज की दस मिनट की दौड़ भी फर्क दिखा सकती है, और नियमित अभ्यास से तनाव के प्रति मजबूत मानसिक सहनशीलता बनती है।
एंडोर्फिन सक्रिय होते हैं
दौड़ने से शरीर में एंडोर्फिन जैसे खुशी देने वाले हार्मोन सक्रिय होते हैं, जिससे अच्छा महसूस होता है, जिसे 'रनर हाई' कहा जाता है। यह तनाव नियंत्रित करने वाले हार्मोन बढ़ाता है और कोर्टिसोल को संतुलित रखता है। साथ ही, यह आपकी मनोदशा, नींद और तनाव से निपटने की क्षमता को बेहतर बनाता है।
मानसिक स्पष्टता मिलती है
दौड़ने से दिमाग में रक्त का प्रवाह बढ़ता है, जिससे मन शांत होता है, ध्यान केंद्रित करना आसान होता है और विचार व्यवस्थित होते हैं। इससे आप चीजों को सही नजरिये से देख पाते हैं। दौड़ते समय चिंता कम होती है और आप 'सजग दौड़' का आनंद ले पाते हैं, यानी आप अपने कदमों पर ध्यान दे सकते हैं या समस्याओं पर सोच सकते हैं। दौड़ पूरी करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता भी बढ़ती है, जिसका फायदा काम में भी मिलता है। यह नकारात्मक विचारों के चक्र को तोड़ता है और भावनाओं को समझने व आत्मनिरीक्षण करने का मौका देता है।
व्यवस्थित दिनचर्या
यह आपके शरीर के तंत्रों (हृदय, प्रतिरक्षा प्रणाली) को तनाव में एक साथ काम करने का अभ्यास करने में मदद करता है, जिससे तनाव के हानिकारक प्रभावों से बचाव होता है। नियमित दौड़ने से आराम की स्थिति में हृदय गति और रक्तचाप कम होता है और प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है। दौड़ने की नियमित दिनचर्या बनाने से आपका दिन और जीवन दोनों अधिक व्यवस्थित और अनुशासित हो जाते हैं।
छोटी शुरुआत करें
केवल दस मिनट की हल्की दौड़ भी दिमाग को तुरंत तरोताजा कर देती है। इससे मनोदशा बेहतर होती है और ध्यान केंद्रित करना आसान हो जाता है। रोजाना 20-30 मिनट दौड़ने की आदत डालना फायदेमंद है। दौड़ते समय सुकून और उपलब्धि की भावना को महसूस करें, जो दौड़ पूरी करने से मिलती है। समूह में दौड़ना फायदेमंद है,
लेकिन अत्यधिक प्रतिस्पर्धा से बचें।
- द कन्वर्शेसन