CBSE: सीबीएसई दफ्तर के चक्कर लगा रहे विद्यार्थी, नहीं मिल रहा जवाब, दिखा रहे स्कैनिंग सही नहीं होने की कॉपियां
CBSE: सीबीएसई 12वीं की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) मूल्यांकन पद्धति में बड़ी गड़बड़ियां सामने आई हैं। छात्रों का आरोप है कि उन्हें धुंधली स्कैन कॉपियां मिली हैं, सप्लीमेंट्री पन्ने गायब हैं और कुछ कॉपियों में दूसरे छात्रों के पेज जुड़े हैं। समाधान न मिलने से छात्र परेशान हैं।
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CBSE: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं कक्षा का परिणाम आने के 15 दिन बाद भी हजारों विद्यार्थी मूल्यांकन प्रक्रिया यानी ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) पर सवाल उठा रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि उत्तर पुस्तिकाओं के आखिर 40 करोड़ पन्ने स्कैन कैसे किए गए।
विद्यार्थी सोशल मीडिया पर लगातार उत्तर पुस्तिका की ब्लर यानी धुंधली स्कैन कॉपी मिलने का आरोप लगा रहे हैं। कई विद्यार्थियों का सप्लीमेंट्री कॉपी गायब होने का भी आरोप है। मगर, सीबीएसई ने जवाब नहीं दिया।
40 करोड़ पन्ने कैसे स्कैन किए?
17 लाख से अधिक विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। बोर्ड अधिकारियों ने कहा था कि 98 लाख कॉपियों की ओएसएम से जांच कराई गई। अधिकतर कॉपियां 35 से 40 पेजों की होती हैं। सूत्रों ने बताया कि परीक्षा के दौरान मुख्य उत्तर पुस्तिका के बाद ज्यादातर बच्चे सप्लीमेंट्री कॉपी मांगते हैं, जो एक-दो या तीन हो सकती हैं। ऐसे में औसत देखें तो प्रति विद्यार्थी करीब 40 पेजों की कॉपी रही होगी।
सभी कॉपियों की गिनती की जाए तो 40 करोड़ पन्ने स्कैन करने पड़े होंगे। बच्चे-अभिभावकों से लेकर विशेषज्ञ भी सवाल उठा रहे हैं कि इतनी अधिक कॉपियां और पन्ने एकसाथ स्कैन कैसे किए गए। कैसे निगरानी हुई।
सीबीएसई कर रहा समाधान का दावा, लेकिन राहत नहीं
ओएसएम प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायतों के बीच सीबीएसई की ओर से बच्चों की शिकायतों के समाधान का लगातार दावा कर रहा है, पर बच्चों को परेशानी से राहत नहीं मिल पा रही। गौरतलब है कि अभी तक चार लाख से ज्यादा विद्यार्थी पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर चुके हैं, जबकि सैकड़ों विद्यार्थी स्कैन उत्तर पुस्तिकाएं नहीं मिलने के कारण आवेदन करने से अब भी वंचित हैं।
अकाउंटेसी की 16 पन्नों की सप्लीमेंट्री कॉपी गायब: देवांश
दिल्ली के देवांश खत्री बुधवार को सीबीएसई के पटपड़गंज कार्यालय में पहुंचे थे। आरोप है कि अकाउंटेसी की 16 पन्नों की उनकी सप्लीमेंट्री कॉपी ही गायब है। उन्हें 12वीं में 89% अंक मिले हैं। अकाउंटेसी में सिर्फ 60 अंक मिले। उन्हें 75 से अधिक अंकों की उम्मीद थी।
देवांश ने स्कैन कॉपी के लिए आवेदन किया, तो पाया कि अकाउंटेसी की सप्लीमेंट्री कॉपी के 16 पन्ने गायब हैं। आरोप है कि उनकी सप्लीमेंट्री कॉपी स्कैनिंग के दौरान गायब हुई है। इससे पहले छात्र वेदांत ने भौतिकी में किसी और की सप्लीमेंट्री कॉपी मिलने का आरोप लगाया था।
80 फीसदी की उम्मीद, पर 58 फीसदी मिले, मां सदमे में
सीबीएसई कार्यालय पहुंची दिल्ली की शालिनी ने बताया, 12वीं में 58 फीसदी अंक आए हैं। 80% की उम्मीद थी। मां भी मेरे इतने कम नंबर आने से सदमे में हैं। अंग्रेजी व गणित में बहुत कम अंक मिले। गणित में सिर्फ 51 अंक मिले, जबकि 75 अंकों की उम्मीद थी।
अंग्रेजी, भौतिकी और गणित की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन किया था, लेकिन गणित की स्कैन कॉपी नहीं आई। जहां मुझे तीन अंक मिलने थे, वहां जीरो मिले हैं। सीबीएसई को ईमेल किया, पर जवाब नहीं आया। अब ऑफिस आकर जानकारी मांग रही हूं।
स्कैन कॉपी में पहला पेज मेरा, बाकी अन्य छात्र का
नजफगढ़ स्थित द्वारका विहार निवासी छात्रा ने बताया कि अंग्रेजी की स्कैन कॉपी मिली तो उसमें केवल पहला पृष्ठ उसका था, बाकी सभी पृष्ठ अन्य छात्र की उत्तर पुस्तिका के थे। इसके बाद अभिभावकों ने इसे गंभीर लापरवाही, अनियमितता व गड़बड़ी मानते हुए वकील के जरिये सीबीएसई को कानूनी नोटिस भेजा है।
12वीं के अंकों से तय होता है बच्चों का भविष्य, जवाब दे बोर्ड: अग्रवाल
कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष केशव अग्रवाल का कहना है कि विद्यार्थी 15 दिन से मूल्यांकन पद्धति पर सवाल उठा रहे। सीबीएसई को जवाब देने होंगे। 12वीं के अंकों के आधार पर आगे विद्यार्थियों का भविष्य तय होता है। एनसीईआरटी के पूर्व अध्यक्ष व शिक्षाविद् जेएस राजपूत ने कहा, सीबीएसई से कहीं कोई गलती हुई है, तो उसमें सुधार कर लेना चाहिए।