CBSE: बोर्ड परीक्षा में हुए तीन बड़े बदलाव, सीबीएसई ने वेबिनार में दी जानकारी; जानें किन विषयों पर हुई चर्चा
CBSE Board Exam 2026: सीबीएसई ने आज, 13 फरवरी 2026 को वेबकास्ट कर बोर्ड परीक्षा 2026 की तैयारी, अनुशासन नियम और डिजिटल मूल्यांकन की जानकारी दी। सीबीएसई ने वेबकास्ट के दौरान परीक्षा अनुशासन को सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।
विस्तार
CBSE Board Exam 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 13 फरवरी 2026 को एक लाइव वेबकास्ट आयोजित किया, जिसमें स्कूलों, शिक्षकों और परीक्षा अधिकारियों को आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी और नए बदलावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस विशेष सत्र का उद्देश्य कक्षा 10 और 12 की परीक्षाओं को पारदर्शी, व्यवस्थित और निष्पक्ष तरीके से आयोजित करना था।
इस वेबिनार की अध्यक्षता परीक्षा नियंत्रक डॉ संयम भारद्वाज ने की, जबकि शुरुआत सीबीएसई चेयरपर्सन राहुल सिंह के मुख्य संबोधन से हुई। बोर्ड ने इसे बड़ी परीक्षाओं से पहले सभी संबंधित पक्षों के बीच समन्वय और स्पष्टता बढ़ाने की अहम पहल बताया।
परीक्षा के दौरान अनुशासन और छात्रों के व्यवहार पर खास फोकस
सीबीएसई ने वेबकास्ट के दौरान परीक्षा अनुशासन को सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। बोर्ड ने अभिभावकों से अपील की कि वे नियमों को समझें और बच्चों को ईमानदारी से परीक्षा देने के लिए प्रेरित करें। छात्रों को समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने और पर्यवेक्षकों तथा स्कूल प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई।
डॉ. भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और फर्जी वीडियो को लेकर भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि छात्र किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक सूचना या अपने शिक्षकों से ही मार्गदर्शन लें। बोर्ड ने साफ किया कि गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें कानूनी कदम भी शामिल हो सकते हैं।
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बड़े स्तर पर आयोजित होंगी सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं
सीबीएसई ने बताया कि इस साल बोर्ड परीक्षाएं बहुत बड़े पैमाने पर आयोजित की जा रही हैं। लगभग 31 हजार से ज्यादा स्कूलों और 26 देशों में फैले केंद्रों से करीब 46 लाख छात्र परीक्षा देंगे। दुनिया भर में 8 हजार से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
कक्षा 10 की परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होकर 11 मार्च 2026 तक चलेंगी। वहीं कक्षा 12 की परीक्षाएं भी 17 फरवरी से शुरू होकर 10 अप्रैल 2026 तक जारी रहेंगी। केवल कक्षा 12 में ही करीब 18.6 लाख छात्र शामिल होंगे और 10 करोड़ से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाएगा।
बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए तीन बड़े बदलाव
वेबिनार में सीबीएसई ने परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए तीन प्रमुख सुधारों की घोषणा की।
- पहला, कक्षा 10 के छात्रों को दूसरी बोर्ड परीक्षा का मौका दिया जाएगा, जिससे वे अपने प्रदर्शन में सुधार कर सकें।
- दूसरा, कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन अब डिजिटल ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से होगा।
- तीसरा, कक्षा 10 के विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के प्रश्नपत्रों को विषयवार भागों में बांटा गया है।
बोर्ड के अनुसार इन बदलावों का उद्देश्य मूल्यांकन में गलतियों को कम करना, विषय-विशेष आकलन को बेहतर बनाना और पूरी परीक्षा प्रक्रिया को अधिक छात्र-अनुकूल बनाना है।
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कक्षा 12 के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम कैसे काम करेगा?
नए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम के तहत कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके डिजिटल तरीके से जांचा जाएगा। प्रशिक्षित शिक्षक कंप्यूटर के माध्यम से मूल्यांकन करेंगे, जिससे जोड़-घटाव या पोस्टिंग जैसी मानवीय गलतियों की संभावना कम हो जाएगी।
सीबीएसई ने बताया कि मूल्यांकन शुरू होने से पहले शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। डिजिटल मूल्यांकन लागू होने के बाद पोस्ट-एग्जाम मार्क्स वेरिफिकेशन की प्रक्रिया खत्म कर दी गई है, क्योंकि सिस्टम पहले से ही सटीक गणना सुनिश्चित करता है। हालांकि छात्र री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकेंगे।
डिजिटल मूल्यांकन से क्या फायदे होंगे
वेबिनार में बोर्ड ने डिजिटल मूल्यांकन के कई फायदे बताए। स्वचालित सिस्टम से अंक जोड़ने और अपलोड करने में होने वाली गलतियां खत्म होंगी। शिक्षक अपने ही स्कूल से कॉपियां जांच सकेंगे, जिससे यात्रा कम होगी और मूल्यांकन प्रक्रिया तेज होगी। सीबीएसई के अनुसार, मूल्यांकन का समय 12 दिनों से घटकर करीब 9 दिन रह सकता है, जिससे रिजल्ट जल्दी घोषित करना संभव होगा।
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कक्षा 10 के प्रश्नपत्रों का नया ढांचा
कक्षा 10 के छात्रों के लिए विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के प्रश्नपत्रों की संरचना में बदलाव किया गया है। विज्ञान में अब फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के अलग-अलग सेक्शन होंगे। सामाजिक विज्ञान में इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र को अलग भागों में बांटा गया है।
छात्रों को हर विषय सेक्शन अलग-अलग हल करना होगा और संबंधित विषय के शिक्षक ही कॉपी जांचेंगे। सीबीएसई का कहना है कि इससे विषय-विशेष मूल्यांकन बेहतर होगा और प्रत्येक विषय को उचित महत्व मिलेगा।
स्कूलों और शिक्षकों के लिए सख्त निर्देश
सीबीएसई ने स्कूलों को साफ चेतावनी दी है कि अगर वे परीक्षा ड्यूटी या मूल्यांकन के लिए शिक्षकों को समय पर नहीं भेजते हैं, तो बोर्ड उस स्कूल का परिणाम रोक सकता है। बोर्ड ने कहा कि परीक्षाओं के सफल आयोजन के लिए स्कूलों का सहयोग जरूरी है।
परीक्षा से जुड़े सवाल भेजने की अंतिम तारीख
सीबीएसई ने सभी स्कूलों से कहा है कि वे परीक्षा से जुड़े अपने सवाल अगले दिन शाम 5 बजे तक info.cbseexam@cbseshiksha.in पर भेज दें। बोर्ड इन सवालों के आधार पर एक FAQ सूची तैयार करेगा और सभी संबद्ध स्कूलों को भेजेगा, ताकि परीक्षा के दौरान किसी तरह की भ्रम की स्थिति न बने।