Vaibhav Suryavanshi: वैभव सूर्यवंशी के सामने नई चुनौती 10वीं की बोर्ड परीक्षा; क्या कम अटेंडेंस का पड़ेगा असर?
Vaibhav Suryavanshi: क्रिकेट की पिच पर धमाकेदार प्रदर्शन से पहचान बनाने वाले युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी के सामने एक नई चुनौती आ खड़ी हो गई है। दरअसल, वैभव को फरवरी में होने वाली 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होना है। फरवरी में एग्जाम और मार्च में आईपीएल के बीच उन्हें पढ़ाई और क्रिकेट दोनों संभालने होंगे।
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Vaibhav Suryavanshi: कम उम्र में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी अब एक अलग तरह की चुनौती का सामना करने वाले हैं। मैदान पर तेज शॉट्स खेलने वाले इस खिलाड़ी को इस साल कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा भी देनी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल ही में उनका एडमिट कार्ड जारी हुआ, जिससे पढ़ाई और क्रिकेट के बीच संतुलन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। खबरों के अनुसार 17 फरवरी से शुरू होने वाली सीबीएसई परीक्षाओं के बीच उन्हें अकादमिक जिम्मेदारियों को भी निभाना होगा।
रिपोर्ट्स बताती हैं कि उनका एग्जाम सेंटर समस्तीपुर के एक निजी स्कूल में तय किया गया है, जबकि वह ताजपुर क्षेत्र के एक अन्य विद्यालय के छात्र हैं। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि व्यस्त क्रिकेट शेड्यूल के बावजूद क्या वे नियमित परीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा बन पाएंगे...?
परीक्षा की तारीखें और क्रिकेट कैलेंडर की टक्कर
इस बार बोर्ड परीक्षा और क्रिकेट शेड्यूल लगभग एक साथ पड़ रहे हैं। सीबीएसई की परीक्षाएं फरवरी में शुरू हो रही हैं, जबकि आईपीएल का नया सीजन मार्च के आखिरी सप्ताह में शुरू होने की बात कही जा रही है। ऐसे हालात में तैयारी, यात्रा और मैचों के बीच समय प्रबंधन करना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए आसान नहीं माना जा सकता।
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हालांकि यह स्थिति नई नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में कई युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट और बोर्ड परीक्षाओं के बीच संतुलन बनाना पड़ा है। इसलिए बोर्ड ने खेल से जुड़े छात्रों के लिए कुछ विशेष नियम और छूट भी तय कर रखी है।
क्या कम अटेंडेंस से परीक्षा पर असर पड़ेगा?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर कोई छात्र पूरे साल खेल गतिविधियों में व्यस्त रहे और स्कूल कम जा पाया, तो क्या वह बोर्ड परीक्षा में बैठ सकता है? सीबीएसई के नियमों के अनुसार सामान्य छात्रों के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी होती है। लेकिन खेल या अन्य राष्ट्रीय स्तर की गतिविधियों में भाग लेने वाले छात्रों को कुछ परिस्थितियों में राहत दी जाती है।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि मेडिकल कारणों, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेलों या अन्य गंभीर वजहों पर अटेंडेंस में करीब 25 प्रतिशत तक छूट मिल सकती है। यानी यदि किसी खिलाड़ी की अनुपस्थिति आधिकारिक खेल आयोजनों की वजह से है और स्कूल समय पर इसकी जानकारी बोर्ड को देता है, तो छात्र परीक्षा देने के लिए पात्र रह सकता है। कई मामलों में विशेष परीक्षा व्यवस्था भी बनाई जाती है, ताकि खिलाड़ी अपनी प्रतियोगिताओं के साथ पढ़ाई जारी रख सके।
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स्पोर्ट्स छात्रों के लिए सीबीएसई की खास व्यवस्था
सीबीएसई ने पिछले कुछ वर्षों में खेल प्रतिभाओं को ध्यान में रखते हुए कई बदलाव किए हैं। अगर कोई छात्र राज्य, राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहा है, तो परीक्षा तिथियों को लेकर विशेष प्रावधान लागू किए जा सकते हैं।
इन सुविधाओं का फायदा तभी मिलता है जब खेल आयोजन मान्यता प्राप्त संस्थाओं जैसे कि राष्ट्रीय खेल संस्थान या संबंधित बोर्ड से जुड़ा हो और स्कूल इसकी आधिकारिक पुष्टि करे। इसके बाद क्षेत्रीय कार्यालय से मंजूरी मिलने पर छात्र को परीक्षा या अटेंडेंस से जुड़ी छूट मिलती है।
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क्रिकेट की दुनिया में उभरता नाम
क्रिकेट में कम उम्र में पहचान बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी को भविष्य का स्टार बताया जा रहा है। हाल के टूर्नामेंट्स में उनकी तेज बल्लेबाजी ने उन्हें चर्चा में ला दिया है और कई विशेषज्ञ उनकी आक्रामक शैली की तारीफ कर चुके हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार युवा स्तर पर उनके प्रदर्शन ने उन्हें खास पहचान दिलाई है और आने वाले समय में बड़े मंचों पर उनसे उम्मीदें जताई जा रही हैं।
अब देखना यह है कि क्रिकेट की पिच पर धमाकेदार प्रदर्शन करने वाला यह खिलाड़ी पढ़ाई की परीक्षा में भी उसी आत्मविश्वास के साथ उतरता है या नहीं।