CBSE Revaluation: चार जून तक री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन के लिए 70,433 आवेदन दर्ज; मंत्रालय ने साझा किए आंकड़े
CBSE Class 12 Revaluation 2026: शिक्षा मंत्रालय ने बताया है कि कक्षा 12वीं परिणाम 2026 के बाद शुरू हुई शिकायत निवारण प्रक्रिया के तहत 4 जून तक कुल 70,433 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें अंकों के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए किए गए आवेदन शामिल हैं।
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CBSE: सीबीएसई कक्षा 12वीं परिणाम 2026 के बाद छात्रों की ओर से बड़ी संख्या में पुनर्मूल्यांकन और अंकों के सत्यापन के लिए आवेदन किए गए हैं। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, 4 जून 2026 तक कुल 70,433 आवेदन प्राप्त हुए हैं। मंत्रालय ने यह भी बताया कि साइबर हमले की कोशिश के बावजूद CBSE का पोर्टल सुरक्षित और पूरी तरह से सक्रिय रहा।
CBSE says, "As of 4 June 2026, a total of 70,433 successful applications have been received through the CBSE post-result grievance redressal process, including 7,314 applications for Verification of Marks and 63,119 applications for re-evaluation. Despite a malicious…
— ANI (@ANI) June 5, 2026
CBSE को इतने मिले आवेदन
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, 4 जून 2026 तक CBSE की परिणामोत्तर शिकायत निवारण प्रक्रिया के तहत कुल 70,433 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 7,314 आवेदन अंकों के सत्यापन और 63,119 आवेदन पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) के लिए किए गए हैं। मंत्रालय ने बताया कि 3 जून को पोर्टल पर साइबर हमले की कोशिश हुई थी, लेकिन तकनीकी टीम की तत्परता के कारण पोर्टल सुरक्षित रहा और उसकी सेवाएं बिना किसी रुकावट के जारी रहीं।
पोर्टल लॉन्च से पहले की गई कड़ी सुरक्षा जांच
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, CBSE के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल को शुरू करने से पहले उसकी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई परीक्षण किए गए। इसमें सुरक्षा जांच, सिस्टम की क्षमता की जांच और संभावित साइबर खतरों से बचाव के उपाय शामिल थे। सभी परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे होने के बाद ही 2 जून 2026 को पोर्टल को शुरू किया गया।
लाखों अनुरोध और साइबर हमलों को किया गया ब्लॉक
पोर्टल शुरू होने के कुछ ही मिनटों के भीतर करीब 15 लाख एक्सेस अनुरोध प्राप्त हुए। इस दौरान 1 लाख से अधिक अनधिकृत पहुंच (Unauthorized Access) के प्रयासों का पता लगाकर उन्हें तुरंत ब्लॉक कर दिया गया। मंत्रालय ने बताया कि DDoS जैसे साइबर हमलों की कोशिश भी हुई, लेकिन मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के कारण पोर्टल सुरक्षित रहा और उसकी सेवाएं बिना किसी बाधा के जारी रहीं।