CBSE: सीबीएसई ने लागू किया तीसरी से आठवीं तक CT और AI पाठ्यक्रम; 2026-27 से होगी शुरुआत
CBSE: सीबीएसई ने 2026-27 से कक्षा 3-8 में सीटी और एआई पाठ्यक्रम लागू करने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य छात्रों में तार्किक सोच और तकनीकी समझ विकसित करना है। स्कूलों में वर्कशॉप और शिक्षकों के लिए ट्रेनिंग भी आयोजित की जाएगी।
विस्तार
CBSE: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद ने 2026-27 शैक्षणिक सत्र से कक्षा 3 से 8 तक के छात्रों के लिए कंप्यूटेशनल थिंकिंग (CT) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित नया पाठ्यक्रम शुरू करने का फैसला किया है। 9 अप्रैल 2026 को जारी आधिकारिक अधिसूचना में बोर्ड ने ‘Computational Thinking and Understanding AI’ को इस सत्र का प्रशिक्षण विषय भी घोषित किया है।
नई शिक्षा नीति के तहत पहल
यह पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (National Curriculum Framework for School Education) 2023 के अनुरूप तैयार किया गया है।
इसका उद्देश्य छात्रों में तार्किक सोच विकसित करना, समस्याओं को व्यवस्थित तरीके से हल करने की क्षमता बढ़ाना, पैटर्न पहचानना और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नैतिक उपयोग को समझाना है।
सीबीएसई का कहना है कि यह पहल शिक्षकों को भी ऐसे शिक्षण तरीकों से लैस करेगी, जिससे वे विभिन्न विषयों में सीटी और एआई को बेहतर तरीके से शामिल कर सकें।
ट्रेनिंग के लिए तय किए गए प्रमुख विषय
स्कूलों में प्रशिक्षण गतिविधियों को निम्नलिखित विषयों पर आधारित किया जाएगा:
- कंप्यूटेशनल थिंकिंग और एआई की बुनियादी समझ
- खेल के माध्यम से सीखने से लेकर अमूर्त सोच तक की प्रक्रिया
- गणित को सीटी और एआई की नींव के रूप में उपयोग
- विभिन्न विषयों में सीटी का समावेश
- वास्तविक जीवन में एआई का उपयोग
- मूल्यांकन और शिक्षण पद्धति
- एआई का नैतिक और जिम्मेदार उपयोग
स्कूलों में वर्कशॉप का आयोजन
सीबीएसई ने स्कूलों को सीटी और एआई पर जिला स्तर पर वर्कशॉप और चर्चाएं आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। ये वर्कशॉप ऑफलाइन मोड में आयोजित की जा सकती हैं। वर्कशॉप के विषय चयन, स्थान, विशेषज्ञों को आमंत्रित करना और अन्य व्यवस्थाएं स्कूलों की जिम्मेदारी होगी। साथ ही, सभी प्रशिक्षण गतिविधियों का रिकॉर्ड बनाए रखना अनिवार्य होगा।
क्षेत्रीय स्तर पर भी होंगे कार्यक्रम
सीबीएसई द्वारा क्षेत्रीय स्तर पर वर्कशॉप और ओरिएंटेशन प्रोग्राम भी आयोजित किए जाएंगे। इसमें भाग लेने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा और 700 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। स्कूल अपने शिक्षकों को इन कार्यक्रमों के लिए नामांकित कर सकते हैं, जो सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के तहत आयोजित होंगे।
भविष्य के लिए तैयारी
सीबीएसई ने अपने संबद्ध स्कूलों को इन गतिविधियों को सक्रिय रूप से लागू करने और शिक्षकों को प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया है। यह पहल छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने, तकनीकी समझ बढ़ाने और शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।