CBSE: 26 फरवरी को सीबीएसई का अनिवार्य मास मॉक इवैल्यूएशन सत्र, सभी स्कूलों को जारी हुआ बेहद महत्वपूर्ण नोटिस
सीबीएसई ने 26 फरवरी 2026 को कक्षा 11-12 के शिक्षकों के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम का अनिवार्य मास मॉक इवैल्यूएशन आयोजित करने का निर्देश दिया है। सभी शिक्षकों को निर्धारित समय पर स्कूल से लॉगिन कर इसमें शामिल होना होगा।
विस्तार
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 26 फरवरी 2026 को कक्षा 11 और 12 के शिक्षकों के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली के तहत अनिवार्य मास मॉक इवैल्यूएशन आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में बोर्ड ने 24 फरवरी 2026 को एक नोटिस जारी कर सभी संबद्ध स्कूलों के प्राचार्यों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यह अभ्यास सत्र (Mock Evaluation) डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली के तहत शिक्षकों को व्यावहारिक अनुभव देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
क्या है मास मॉक इवैल्यूएशन का उद्देश्य?
सीबीएसई ने बताया कि डिजिटल इवैल्यूएशन सिस्टम के तहत लाइव प्रैक्टिस सेशन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि कक्षा 11 और 12 के शिक्षक इस प्रणाली से पूरी तरह परिचित हो सकें। इन सत्रों के मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं:
- यह सुनिश्चित करना कि सभी शिक्षक सिस्टम में लॉग इन कर चुके हों और वास्तविक मूल्यांकन के लिए अपने लॉगिन क्रेडेंशियल सुरक्षित रखें।
- शिक्षकों को डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली का प्रत्यक्ष अनुभव देना।
- देश-विदेश के संबद्ध स्कूलों के मूल्यांकनकर्ताओं से मिले फीडबैक के आधार पर प्लेटफॉर्म को और बेहतर बनाना।
बोर्ड ने यह भी बताया कि प्राप्त सुझावों के आधार पर डिजिटल इवैल्यूएशन प्लेटफॉर्म में संशोधन किए गए हैं, ताकि यह अधिक सुचारु और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाया जा सके।
प्राचार्य डैशबोर्ड में दी गई नई सुविधाएं
नोटिस में प्राचार्यों के लिए उपलब्ध डैशबोर्ड की सुविधाओं का भी उल्लेख किया गया है:
- जिन शिक्षकों का डेटा OASIS पोर्टल में गलत दर्ज है, उसे सुधारने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि उन्हें सही लॉगिन क्रेडेंशियल मिल सकें।
- प्राचार्यों को मॉनिटरिंग डैशबोर्ड दिया गया है, जिससे वे देख सकेंगे कि कितने शिक्षक ओएसएम सिस्टम में लॉगिन कर चुके हैं और कितनों ने उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया है।
- प्राचार्य डैशबोर्ड से शिक्षकों को सीधे लॉगिन क्रेडेंशियल भेजने की सुविधा भी प्रदान की गई है।
कब होगा मास मॉक इवैल्यूएशन?
बोर्ड के अनुसार, मास मॉक इवैल्यूएशन 26 फरवरी 2026 (गुरुवार) को आयोजित किया जाएगा। यह अभ्यास विभिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग समय स्लॉट में होगा।
क्षेत्रवार समय-सारिणी इस प्रकार है:
| क्षेत्र/शहर | समय |
|---|---|
| प्रयागराज, त्रिवेंद्रम, देहरादून, विजयवाड़ा | सुबह 8:30 बजे से 9:00 बजे तक |
| नोएडा, पटना, लखनऊ, रायपुर | सुबह 9:15 बजे से 9:45 बजे तक |
| भुवनेश्वर, चंडीगढ़ (लुधियाना), दिल्ली-पूर्व (विदेशी स्कूलों सहित) | सुबह 11:00 बजे से 11:30 बजे तक |
| अजमेर, पुणे, गुवाहाटी, पंचकूला | सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक |
| अहमदाबाद, रांची, बेंगलुरु, भोपाल, चेन्नई | दोपहर 12:30 बजे से 1:00 बजे तक |
| दिल्ली-पश्चिम, गुरुग्राम | दोपहर 2:00 बजे से 2:30 बजे तक |
सीबीएसई ने यह भी जानकारी दी है कि 26 फरवरी 2026 को विश्व स्तर पर 2.92 लाख विद्यार्थियों की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। परीक्षा के सुचारु संचालन को ध्यान में रखते हुए परीक्षा के शुरू और समाप्ति समय को इस अभ्यास से अलग रखा गया है।
शिक्षकों के लिए क्या निर्देश दिए गए हैं?
बोर्ड ने शिक्षकों के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं:
- निर्धारित समय में अपने स्कूल से ही लॉगिन करना अनिवार्य होगा।
- यदि घर से लॉगिन करने का प्रयास किया गया तो सिस्टम काम नहीं करेगा।
- कक्षा 11 और 12 के सभी शिक्षकों को निर्धारित समय में अनिवार्य रूप से सिस्टम में लॉगिन कर एक उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन करना होगा।
- यदि मॉक टेस्ट के दौरान कोई तकनीकी या अन्य समस्या आती है, तो शिक्षक तुरंत प्राचार्य को इसकी जानकारी दें।
- प्राचार्य प्राप्त समस्याओं को संकलित कर बोर्ड को osmsupport@cbseshiksha.in पर भेजेंगे।
- प्राचार्यों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सभी शिक्षक इस अभ्यास में भाग लें।
अंतिम डिजिटल मूल्यांकन से पहले होगा परीक्षण
नोटिस में यह भी कहा गया है कि वास्तविक विषयवार मूल्यांकन की समय-सारिणी जल्द ही अलग से जारी की जाएगी। हालांकि, वास्तविक मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले बोर्ड यह ‘मास मॉक इवैल्यूएशन’ इसलिए आयोजित कर रहा है ताकि:
- लॉगिन प्रक्रिया सुचारु रूप से काम करे।
- सिस्टम की लोड क्षमता की जांच हो सके।
- सभी शिक्षक डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में पूरी तरह दक्ष हो जाएं।
सीबीएसई ने अपने नोटिस में कहा है कि सभी स्कूलों का सहयोग इस डिजिटल इवैल्यूएशन अभ्यास को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यह स्पष्ट है कि बोर्ड डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को पूरी तरह सुचारु बनाने की दिशा में गंभीरता से काम कर रहा है और इस मॉक अभ्यास को उसी प्रक्रिया का अहम हिस्सा माना जा रहा है।