सीबीएसई OSM विवाद में नया मोड: छात्र ने कहा- 'फिजिक्स की कॉपी मेरी नहीं', गलत आंसर शीट अपलोड होने का दावा
सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली पर नए सवाल उठे हैं। एक छात्र ने दावा किया कि फिजिक्स की स्कैन कॉपी उसकी नहीं है। छात्र ने हैंडराइटिंग और जवाब अलग होने की बात कही। मामले ने ओएसएम सिस्टम की पारदर्शिता और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर चिंता बढ़ा दी है। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है।
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CBSE OSM: सीबीएसई कक्षा 12 के पोस्ट-रिजल्ट प्रोसेस को लेकर जारी विवाद के बीच अब एक नया मामला सामने आया है, जिसने बोर्ड की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पोर्टल क्रैश, पेमेंट फेल होने और धुंधली स्कैन कॉपियों की शिकायतों के बीच एक छात्र ने दावा किया है कि बोर्ड द्वारा अपलोड की गई उसकी फिजिक्स की आंसर शीट उसकी है ही नहीं।
मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर @VEDANTSHRIV17 यूजरनेम वाले अकाउंट से कई पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया गया है कि फोटोकॉपी एक्सेस प्रक्रिया के दौरान जो फिजिक्स उत्तर पुस्तिका उसके रोल नंबर पर अपलोड की गई, उसमें लिखावट, उत्तर देने का तरीका और प्रस्तुति पूरी तरह अलग है। खुद को छात्र बताने वाले वेदांत का कहना है कि यह कॉपी किसी दूसरे अभ्यर्थी की प्रतीत होती है।
“हैंडराइटिंग और जवाब मेरे नहीं”
वेदांत ने दावा किया कि उसके परिवार और शिक्षकों ने भी फिजिक्स की कॉपी देखने के बाद तुरंत अंतर पहचान लिया। उसके मुताबिक, उसकी इंग्लिश और कंप्यूटर साइंस की उत्तर पुस्तिकाएं आपस में मेल खाती हैं, लेकिन फिजिक्स की कॉपी बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है।
उसने सोशल मीडिया पर लिखा कि फिजिक्स की जो आंसर शीट भेजी गई है, वह उसकी नहीं है। उसने कहा कि लिखावट, अक्षरों की बनावट, शब्दों के बीच दूरी, वाक्य लिखने का तरीका और उत्तरों की शैली पूरी तरह अलग है।
पीसीएम प्रतिशत पर असर पड़ने का दावा
वेदांत ने आरोप लगाया कि इस गड़बड़ी का असर उसके कुल अंकों और पात्रता पर पड़ा है। वेदांत का कहना है कि उसे किसी दूसरे छात्र के उत्तरों के आधार पर अंक दिए गए हैं, जिसके कारण उसका पीसीएम एग्रीगेट 75 प्रतिशत तक नहीं पहुंच पाया। उसने सवाल उठाया कि उसकी वास्तविक उत्तर पुस्तिका कहां है और उसका मूल्यांकन हुआ भी या नहीं।
Same type of issue happened with my physics the answer sheet is not mine and I am awarded 50% marks for the answers written by some other student where is my real answer sheet which i written where are my real marks because of that I am not getting 75% in PCM aggregate https://t.co/6BUm6IommR
— VEDANT (@VEDANTSHRIV17) May 23, 2026
ओएसएम सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल
वेदांत ने इस पूरे मामले को सीबीएसई की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से जोड़ते हुए कहा कि यदि उत्तर पुस्तिकाएं ही गलत तरीके से टैग हो रही हैं, तो छात्र इस प्रक्रिया पर भरोसा कैसे करें। उसने बोर्ड से मूल फिजिकल आंसर शीट की जांच कराने, स्कैनिंग और टैगिंग प्रक्रिया का ऑडिट करने तथा मामले की जांच कराने की मांग की है।
वेदांत ने यह भी दावा किया कि एक मीडिया संस्थान ने उसे जानकारी दी है कि सीबीएसई इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करेगा। हालांकि, बोर्ड की ओर से अब तक इस विशेष आरोप पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
पहले भी सामने आ चुकी हैं कई शिकायतें
गौरतलब है कि सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम घोषित होने के बाद से देशभर के कई छात्र पोर्टल संबंधी दिक्कतों की शिकायत कर चुके हैं। छात्रों ने वेबसाइट क्रैश होने, पेमेंट कटने के बावजूद आवेदन पूरा न होने, धुंधली स्कैन कॉपियां मिलने और मूल्यांकन में गड़बड़ी जैसे आरोप लगाए हैं। इसी बीच यह नया मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर ओएसएम प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर बहस तेज हो गई है।