CBSE: पश्चिम एशिया में सीबीएसई के कितने स्कूल, वहां बच्चे कौन सी किताबें पढ़ते हैं? जानें कैसे होती है पढ़ाई
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर वहां संचालित CBSE स्कूलों पर भी पड़ा है। खाड़ी देशों में सीबीएसई के कुल 217 स्कूल हैं, जहां हजारों छात्र पढ़ते हैं। हालात को देखते हुए कुछ देशों में 2, 5 और 6 मार्च 2026 की परीक्षाएं एहतियातन स्थगित कर दी गई हैं।
विस्तार
मध्य पूर्व के कई हिस्सों में जारी तनाव और सैन्य गतिविधियों का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक गतिविधियां सीमित कर दी गई हैं और शैक्षणिक संस्थान भी अस्थायी रूप से बंद किए गए हैं। इस स्थिति का प्रभाव वहां रहने वाले भारतीय समुदाय और उनके बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ा है।
कम ही लोगों को पता है कि खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में भारत के केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध स्कूल संचालित होते हैं। इन स्कूलों में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र पढ़ते हैं, जिनकी शिक्षा मौजूदा हालात से प्रभावित हो रही है।
खाड़ी देशों में सीबीएसई स्कूलों की मौजूदगी
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा वर्ष 2023 में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, मध्य पूर्व के प्रमुख देशों में कुल 217 स्कूल सीबीएसई से संबद्ध हैं। ये सभी संस्थान बोर्ड के निर्धारित पाठ्यक्रम और परीक्षा प्रणाली का पालन करते हैं।
देशवार संख्या इस प्रकार है:
- संयुक्त अरब अमीरात - 106 स्कूल
- सऊदी अरब - 37 स्कूल
- कुवैत - 26 स्कूल
- ओमान - 21 स्कूल
- कतर - 19 स्कूल
- बहरीन - 8 स्कूल
इन संस्थानों में हजारों छात्र अध्ययनरत हैं और अधिकांश स्कूल भारतीय समुदाय द्वारा संचालित किए जाते हैं।
पढ़ाई का तरीका और सुविधाएं
इन स्कूलों में शिक्षण पद्धति भारत के स्कूलों जैसी ही है। कक्षाओं में एनसीईआरटी की पुस्तकों का उपयोग होता है और परीक्षाएं सीबीएसई के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित की जाती हैं।
कई स्कूल आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं, स्मार्ट क्लासरूम, समृद्ध पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशालाएं और खेल मैदान उपलब्ध हैं। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सांस्कृतिक और खेल गतिविधियां भी नियमित रूप से आयोजित की जाती हैं।
परीक्षाओं पर प्रभाव
परिस्थितियों को देखते हुए सीबीएसई ने कुछ देशों में निर्धारित 2, 5 और 6 मार्च 2026 की परीक्षाओं को स्थगित करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में लागू किया गया है। 7 मार्च की परीक्षा के संबंध में निर्णय स्थिति पर निर्भर करता है।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है। परीक्षाएं रद्द नहीं की गई हैं, बल्कि नई तिथियां बाद में घोषित की जाएंगी।
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