Campus Diaries: एसओएल के एक वर्षीय पीजी प्रोग्राम में बढ़ीं सीटें, अब 2500 छात्रों को मिलेगा प्रवेश का मौका
Campus Diaries: दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के एक वर्षीय पीजी प्रोग्राम में दाखिले स्नातक परिणाम जारी होने के बाद शुरू होंगे। इस बार छात्रों को बड़ी राहत देते हुए कार्यक्रम की सीटें 1500 से बढ़ाकर 2500 कर दी गई हैं, जिससे अधिक उम्मीदवारों को प्रवेश का अवसर मिलेगा।
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DU: दिल्ली विश्वविद्यालय से चार वर्षीय स्नातक प्रोग्राम पूरा कर एक वर्षीय पीजी प्रोग्राम में दाखिले के इच्छुक छात्रों के लिए राहत की खबर है। डीयू ने एक वर्षीय स्नातकोत्तर प्रोग्राम की सीटों की संख्या में बढ़ोतरी की है। यह बढ़ोतरी नियमित कॉलेजों से लेकर एसओएल के पांच विषयों के लिए की गई है।
डीयू ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू किए गए चार वर्षीय स्नातक प्रोग्राम पूरा करने वाले छात्रों के लिए पहली बार एक वर्षीय पीजी पाठ्यक्रम को शुरू किया है। 2022 में स्नातक में दाखिला लेने वाला पहला बैच होगा जो कि एक वर्ष के प्रोग्राम में दाखिला ले सकेगा। दो वर्षीय पीजी प्रोग्राम पहले से चल रहा है। डीयू दाखिला डीन प्रो. हनीत गांधी ने बताया एक वर्षीय प्रोग्राम के लिए सीटों को बढ़ाया गया है। पहले ये संख्या 1063 थी जो अब बढ़कर 2320 हो गई है।
वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू किए जा रहे एक वर्षीय स्नातकोत्तर प्रोग्राम (पीजी) में सीटों को बढ़ाया है। अब सीटें 1500 से बढ़ाकर 2500 कर दी गई हैं। एसओएल में दाखिला प्रक्रिया स्नातक रिजल्ट आने के बाद शुरू होगी। अगले सप्ताह तक यहां दाखिले शुरू होने की संभावना है।
पीजी दाखिला की मेरिट लिस्ट पांच अगस्त को
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) पीजी दाखिला को लेकर तीसरी मेरिट लिस्ट पांच अगस्त को जारी करेगा। इस संबंध में विश्वविद्यालय की ओर से सूचना जारी की गई है। उम्मीदवार jnuee.jnu.ac लिंक पर जाकर दाखिला लिस्ट को देख सकेंगे। उसके बाद रिक्त सीटों पर दाखिला के लिए उम्मीदवार दावा कर सकेंगे। ब्यूरो
डीटीयू में एआई क्लासरूम टूल लागू डीटीयू ने छात्रों की उपस्थिति
दर्ज करने, मूल्यांकन व अन्य गतिविधियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) क्लासरूम टूल के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। सभी विभागों में सफल परीक्षण के बाद विश्वविद्यालय ने इस संबंध में सर्कुलर जारी कर दिया है। इस नई प्रणाली के तहत उपस्थिति एआई क्लासरूम मंच के माध्यम से क्यूआर कोड के जरिये दर्ज होगी।