IIT: आईआईटी-आईआईएससी के प्रोफेसर देंगे शिक्षकों को नई तकनीक की ट्रेनिंग, जुलाई से 18 क्रेडिट QIP कोर्स शुरू
Advanced Technology: आईआईटी और आईआईएसी के प्रोफेसर शिक्षकों को नई तकनीक में दक्ष बनाने के लिए 18 क्रेडिट QIP पीजी सर्टिफिकेट कोर्स पढ़ाएंगे, जो जुलाई से शुरू होगा।
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PG Certificate Course: अब आईआईटी और आईआईएसी के प्रोफेसर सामान्य इंजीनियरिंग कॉलेजों के शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। इसका मकसद, इंजीनियरिंग कॉलेजों के शिक्षकों को नई प्रौद्योगिकी में दक्ष बनाना है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत जुलाई सत्र से यह 18 क्रेडिट का क्यूआईपी पीजी सर्टिफिकेट कोर्स शुरू होगा। छह महीने हाइब्रिड मोड से प्रशिक्षण के दौरान उन्हें उभरती प्रौद्योगिकियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इससे वे छात्रों को क्लासरूम में उद्योगों की जरूरतों के आधार पर गुणवत्ता युक्त शिक्षा दे सकेंगे।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के अध्यक्ष प्रोफेसर योगेश सिंह ने बताया कि इंजीनियरिंग कॉलेजों के शिक्षकों को नई प्रौद्योगिकी में दक्ष होना जरूरी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत इंजीनियरिंग में स्नातक और स्नाकोत्तर कार्यक्रमों का पाठ्यक्रम पूरी तरह बदल चुका है। इसी मकसद से इंजीनियरिंग विषयों के शिक्षकों के शैक्षणिक उन्नयन के लिए एआईसीटीई-क्यूआईपी-पीजी सर्टिफिकेट प्रोग्राम शुरू किया है। छह महीने के हाइब्रिड कार्यक्रम में शिक्षकों को उभरती प्रौद्योगिकियों से संबंधित नवीन ज्ञान और कौशल की जानकारी मिलेगी।
5 जुलाई तक कर सकेंगे आवेदन
यह कोर्स भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) तथा भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के माध्यम से संचालित किए जाएंगे। यह कार्यक्रम एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त डिग्री व डिप्लोमा कॉलेजों के पूर्णकालिक नियमित या स्थायी शिक्षकों के लिए है। इच्छुक शिक्षक 5 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
इन क्षेत्रों में शिक्षक होंगे अपग्रेड
एआईसीटीई की सदस्य सचिव प्रो श्यामा रथ ने कहा, अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, डाटा साइंस, मशीन लर्निंग, डाटा एनालिटिक्स, साइबर फिजिकल सिस्टम्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और ड्रोन प्रौद्योगिकी, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम्स, रोबोटिक्स तथा थ्री-डी प्रिंटिंग एवं एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग समेत नई प्रौद्योगिकी पाठयक्रम में शामिल हो चुकी है। वैश्विक मांग के आधार पर छात्रों को रोजगार से जोड़ने के लिए शिक्षकों को भी अपग्रेड होना होगा।