NEET: नीट री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम बैन पर भड़के केजरीवाल, बोले- पेपर लीक रोकना सरकार की मंशा नहीं
NEET Re-Exam: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नीट यूजी 2026 री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को 'बेतुका' करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा पेपर लीक रोकने की नहीं है और इस तरह के कदम समस्या का समाधान नहीं कर सकते।
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NEET Re-Exam: नीट री-एग्जाम से पहले केंद्र सरकार द्वारा टेलीग्राम मैसेजिंग एप की पहुंच अस्थायी रूप से सीमित किए जाने के फैसले पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार पेपर लीक की समस्या को रोकने के बजाय दिखावटी उपाय कर रही है।
बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए केजरीवाल ने कहा कि सरकार की पेपर लीक रोकने की कोई वास्तविक मंशा नहीं है, इसलिए ऐसे 'बेतुके कदम' उठाए जा रहे हैं।
"क्या टेलीग्राम बंद करने से पेपर लीक रुक जाएगा?"
केजरीवाल ने अपने बयान में कहा कि परीक्षा प्रश्नपत्रों को सेना के विमानों से ले जाना और टेलीग्राम को बंद करना जैसे कदम पेपर लीक को नहीं रोक सकते।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पेपर लीक की समस्या इतनी गंभीर है तो केवल टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने से इसका समाधान कैसे होगा। उनके अनुसार, यह समस्या कहीं अधिक व्यापक और संगठित स्तर पर मौजूद है।
क्यों लगाया टेलीग्राम पर प्रतिबंध?
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने की पुष्टि की थी। एजेंसी के अनुसार, यह फैसला 21 जून को होने वाले NEET-UG 2026 री-एग्जाम को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि टेलीग्राम पर 22 जून तक लगाया गया प्रतिबंध नकल, फर्जी सूचनाओं और कथित धोखाधड़ी नेटवर्क पर रोक लगाने के प्रयासों का हिस्सा है।
Google और Apple को भी दिए गए निर्देश
सरकारी निर्देशों के तहत Google और Apple से भी कहा गया है कि वे 22 जून तक टेलीग्राम को अपने-अपने एप स्टोर से हटा दें। इस कदम का उद्देश्य परीक्षा अवधि के दौरान प्लेटफॉर्म के उपयोग को सीमित करना बताया गया है।
परीक्षा क्यों हुई थी रद्द?
गौरतलब है कि NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी। हालांकि परीक्षा में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियों के आरोप सामने आने के बाद एनटीए ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी।
परीक्षा रद्द होने से लाखों अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा की तैयारी करनी पड़ी और लंबे समय तक अनिश्चितता का सामना करना पड़ा।